फैटी लीवर में ये चीजें भी हैं काफी नुकसानदायक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आमतौर पर जब हम फैटी लीवर की बात करते हैं, तो सबसे पहले चीनी और शराब को ही इसका मुख्य कारण माना जाता है। मगर आपके किचन के डिब्बों में रखी कुछ बेहद साधारण चीजें चीनी से भी ज्यादा नुकसानदायक हैं जो फैटी लीवर के जोखिम को कई गुना बढ़ा रही हैं? फैटी लीवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लीवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त फैट जमा हो जाती है, जो धीरे-धीरे लीवर में सूजन और सिरोसिस का कारण बन सकती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हम जानें-अनजाने में ऐसे चीजों का सेवन कर रहे हैं जो लीवर पर मेटाबॉलिक बोझ बढ़ा देते हैं। जब लीवर इन जटिल तत्वों को प्रोसेस नहीं कर पाता, तो वह उन्हें फैट के रूप में स्टोर करने लगता है। इसलिए केवल चीनी छोडऩा काफी नहीं है, लीवर को सुरक्षित रखने के लिए किचन के उन चीजों की भी पहचान करना जरूरी है जो दबे पांव आपके लीवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
नमक का अधिक सेवन
किचन में मौजूद नमक का अत्यधिक सेवन सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि फैटी लीवर के जोखिम को भी बढ़ा देता है। प्रोसेस्ड स्नैक्स, अचार और डिब्बाबंद खानों में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। बहुत अधिक सोडियम शरीर में फ्लुइड रिटेंशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है। यह लीवर की कोशिकाओं में स्कारिंग की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे लीवर डैमेज होने की आशंका बढ़ जाती है।
मैदा और रिफाइंड काब्र्स
चीनी की तरह ही मैदा और उससे बने उत्पाद जैसे बिस्कुट, सफेद ब्रेड और पास्ता लीवर के लिए नुकसानदायक हैं। इनमें फाइबर की मात्रा ना के बराबर होती है, जिससे ये शरीर में जाकर तेजी से ग्लूकोज में बदल जाते हैं। जब खून में अचानक ग्लूकोज का लेवल बढ़ता है, तो लीवर इसे फैट में बदल देता है, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। मैदा शरीर पर कई तरह से हानिकारक प्रभाव डालता है। सबसे पहले यह पाचन तंत्र पर भारी पड़ता है। आंतों में जाकर यह गोंद जैसी परत बना लेता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिससे यह तुरंत ब्लड शुगर बढ़ाता है और डायबिटीज के रोगियों के लिए नुकसानदायक सिद्ध होता है।
बचाव के लिए क्या करें?
फैटी लीवर से बचने के लिए मैदा की जगह होल ग्रेन (जैसे ओट्स, बाजरा) और रिफाइंड तेल की जगह कोल्ड-प्रेस्ड तेल का चुनाव करें। अपने भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं। ध्यान रखें लीवर आपके शरीर का फिल्टर है, यदि आप इसे साफ रखेंगे, तो यह पूरे शरीर को स्वस्थ रखेगा।
ट्रांस फैट और वनस्पति घी
घर में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला वनस्पति घी और दोबारा गरम किया गया तेल ट्रांस फैट का भंडार है। ट्रांस फैट्स न केवल शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, बल्कि लीवर में सूजन पैदा करते हैं। समोसे, कचोरी या बाहर के तले हुए खाद्य पदार्थों को खाने से समस्याएं बढ़ती हैं क्योंकि इसमें मौजूद फैट सीधे लीवर के टिशूज में जमा हो जाते हैं, जिसे पचाना शरीर के लिए लगभग असंभव हो जाता है।



