मीरजापुर में जल जीवन मिशन कर्मियों का हंगामा, वेतन को लेकर बड़ा विरोध

मीरजापुर में जल जीवन मिशन कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 12 घंटे ड्यूटी, छुट्टी न मिलने और कम वेतन का आरोप लगाया। मामला जल शक्ति मंत्री के गृहक्षेत्र से जुड़ा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह परियोजना नहीं बल्कि उससे जुड़े कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन है। मीरजापुर में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के गृहक्षेत्र में जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।

शुक्रवार को नारायणपुर विकासखंड के अदालहाट क्षेत्र स्थित गठौरा कोडिया कला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (W.T.P) कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे लंबे समय तक काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके मुकाबले मिलने वाला वेतन बेहद कम है।

“12 घंटे काम, फिर भी नहीं मिल रहा उचित वेतन”

धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि उनसे प्रतिदिन करीब 12 घंटे तक कार्य कराया जाता है। इतना ही नहीं, रविवार को भी उन्हें अवकाश नहीं दिया जाता। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लगातार काम के बावजूद उन्हें सिर्फ 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि कई बार विभिन्न कारणों का हवाला देकर वेतन से कटौती भी कर ली जाती है, जिससे आर्थिक स्थिति और मुश्किल हो जाती है। कर्मचारियों के अनुसार, मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी कम सैलरी में परिवार का खर्च चलाना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से वेतन बढ़ाने की मांग की।

प्रदर्शन से विभाग में मचा हड़कंप

जल जीवन मिशन कर्मचारियों के अचानक धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग में हलचल बढ़ गई। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों की ओर से नाराज कर्मचारियों को समझाने और प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। हालांकि कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है।

जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी

ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन को सरकार की बड़ी योजनाओं में गिना जाता है। लेकिन अब इस योजना से जुड़े कर्मचारियों की नाराजगी सामने आने लगी है। कर्मचारियों का कहना है कि परियोजना की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं में उसी अनुपात में सुधार नहीं किया गया। ऐसे में कर्मचारियों पर मानसिक और आर्थिक दबाव दोनों बढ़ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना मामला

चूंकि यह प्रदर्शन जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के गृहक्षेत्र में हुआ, इसलिए यह मामला स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने वाले कर्मचारी ही अपनी मूल सुविधाओं को लेकर परेशान हैं, तो इससे योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल विभागीय स्तर पर कर्मचारियों से बातचीत जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेता है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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