रिलीज से पहले फंसी विजय की ‘जना नायकन’, तय तारीख पर सस्पेंस

तमिलनाडु में एक फिल्म की रिलीज को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राज्यों के बीच टकराव के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: तमिलनाडु में एक फिल्म की रिलीज को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राज्यों के बीच टकराव के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

जहां एक ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को लेकर नाराजगी जता चुकी हैं, वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

फिल्म की रिलीज में आ रही अड़चनों को लेकर मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का इस्तेमाल एक राजनीतिक ‘हथियार’ के तौर पर कर रही है।

स्टालिन का आरोप है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिए फिल्मों को निशाना बनाया जा रहा है और सेंसर बोर्ड पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।

इस विवाद ने एक बार फिर केंद्र और गैर-बीजेपी शासित राज्यों के बीच टकराव को उजागर कर दिया है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

मुख्यमंत्री की ओर से यह प्रतिक्रिया अभिनेता से नेता बने विजय की अंतिम फिल्म जना नायकन को रिलीज से पहले सीबीएफसी की समीक्षा समिति के पास भेजे जाने को लेकर उठे विवाद के बीच आई. हालांकि उन्होंने फिल्म का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया. लेकिन मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो), आईटी (आयकर) की तर्ज पर अब सेंसर बोर्ड भी बीजेपी सरकार का एक नया हथियार बन गया है. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं.”

HC की डिविजन बेंच ने रिलीज पर लगाई रोक

इस बीच मद्रास हाई कोर्ट ने कल शुक्रवार को सिंगल जज के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें CBFC को फिल्म “जना नायकन” को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था. अब इस फैसले से विजय की फिल्म की रिलीज का भविष्य अधर में लटक गया. डिविजन बेंच का यह आदेश जस्टिस पीटी आशा के CBFC को जना नायकन को मंजूरी देने के निर्देश के चंद घंटे बाद आया, जिसमें फिल्म बोर्ड के मामले को रिव्यू कमेटी के पास भेजने के निर्देश को रद्द कर दिया गया.

चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जी अरुल मुरुगन की फर्स्ट बेंच ने बोर्ड की अपील पर सिंगल जज के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी.

सिंगल बेंच ने क्या दिया था फैसला

इससे पहले फिल्म बनाने वाली KVN प्रोडक्शंस की याचिका को स्वीकार करते हुए, जिसमें सेंसर बोर्ड के अधिकारियों को सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जस्टिस आशा ने अपने फैसले में कहा कि जब बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने का फैसला कर लिया था, तो चेयरपर्सन के पास इसे रिव्यू कमेटी के पास भेजने का कोई अधिकार नहीं था. इस आदेश के खिलाफ फिल्म बोर्ड ने तुरंत अपील की.

जब मामला चीफ जस्टिस श्रीवास्तव और जस्टिस अरुल मुरुगन की डिविजन बेंच के सामने आया, तो एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एआरएल सुंदरेशन और सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए) ने अपील के आधार बताए. मेहता ने तर्क दिया कि CBFC के चेयरपर्सन को सर्टिफिकेट देने के फैसले की समीक्षा करनी थी और सेना के संदर्भों तथा धर्म से संबंधित भावनाओं के आधार पर मामले को रिव्यू पैनल के पास भेजना था.

कब होनी थी फिल्म रिलीज

सुंदरेशन ने अपनी दलील में कहा कि सिंगल जज ने तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया और जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया. इससे पहले फिल्म प्रोडक्शन हाउस ने 6 जनवरी को अपनी याचिका दायर की थी, और अगले दिन 7 जनवरी को फिल्म बोर्ड की ओर से रिकॉर्ड पेश किए गए और फिर 9 जनवरी को सिंगल जज ने आदेश सुना दिया.

एक्टर विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ रिलीज़ अटकी हुई है. फिल्म की रिलीज़ डेट (9 जनवरी) तय की गई थी, लेकिन अब ये अधर में लटक गई है. एच विनोद द्वारा निर्देशित फिल्म जना नायकन में एक्टर विजय के अलावा प्रकाश राज, पूजा हेगड़े और मामिता बैजू जैसे कलाकार हैं.

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