जलशक्ति राज्यमंत्री के क्षेत्र में ही पानी संकट: लुकतरा गांव में ‘हर घर जल’ योजना पर उठे गंभीर सवाल

बाँदा के लुकतरा गांव में जलशक्ति राज्यमंत्री के क्षेत्र में ही पानी का गंभीर संकट है। आधा दर्जन घरों तक नल नहीं पहुंचे और दिव्यांग भी पानी ढोने को मजबूर हैं। ‘हर घर जल’ योजना की जमीनी हकीकत ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बाँदा जिले की तिंदवारी विधानसभा से सामने आई एक तस्वीर ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को फिर उजागर कर दिया है। जहां एक ओर सरकार “हर घर जल” योजना के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के ही विधानसभा क्षेत्र के लुकतरा गांव में ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव की स्थिति ऐसी है कि कई परिवारों तक अब तक नल का कनेक्शन ही नहीं पहुंचा है। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग तक कई किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर को सामने लाती है।

आधा दर्जन घर अब भी नल से वंचित

तहसील बाँदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लुकतरा में करीब आधा दर्जन घर ऐसे हैं जहां आज तक नल कनेक्शन नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। महिलाओं को सुबह से ही पानी के इंतजाम के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

दिव्यांग भी पानी ढोने को मजबूर

गांव की सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि तीन दिव्यांग भी इस जल संकट से प्रभावित हैं। 45 डिग्री से अधिक तापमान में उन्हें भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति केवल असुविधा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़ा करती है।

ग्रामीणों का आक्रोश, डीएम कार्यालय पहुंचे

शनिवार को गुस्साए ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

“हर घर जल” योजना पर सवाल

ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जलशक्ति विभाग के मंत्री के ही क्षेत्र में लोगों को पानी नहीं मिल रहा, तो प्रदेश के अन्य गांवों की स्थिति कैसी होगी। यह सवाल सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर जल” योजना की प्रगति पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण घरों में रोजाना तनाव और विवाद की स्थिति बन रही है। बच्चों को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गांव में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। लुकतरा गांव का यह मामला केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों का प्रतीक बन गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या “हर घर जल” योजना वास्तव में जमीन पर उतर पाती है या नहीं।

रिपोर्ट – इक़बाल खान

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