अमित शाह राम मंदिर क्यों नहीं गए, AAP नेता दुर्गेश पाठक के सवाल 

AAP नेता दुर्गेश पाठक ने राम मंदिर चंदा मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा... उन्होंने सवाल उठाया कि अमित शाह... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण पूरे देश की आस्था का प्रतीक बन गया है.. लाखों-करोड़ों भक्तों ने श्रद्धा से चंदा दिया.. दान दिया, ताकि राम मंदिर बन सके.. लेकिन अब इस मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित चोरी के आरोपों ने पूरे देश को हिला दिया है.. आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रभारी दुर्गेश पाठक ने इस मुद्दे पर जोरदार आवाज उठाई है.. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि.. राम मंदिर के नाम पर राजनीति तो खूब हो रही है.. लेकिन असली आस्था कहां है.. खासकर गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाया कि वे आज तक राम मंदिर क्यों नहीं गए..

दुर्गेश पाठक ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर से 200 करोड़ से ज्यादा की चोरी करने वालों को बचाया जा रहा है.. भाजपा और अमित शाह भगवान श्रीराम का नाम सिर्फ राजनीति के लिए लेते हैं.. लेकिन यही लोग सबसे बड़े राम-द्रोही हैं.. उन्होंने अमित शाह से पूछा कि आप आज तक प्रभु श्रीराम के मंदिर क्यों नहीं गए.. प्रभु श्रीराम के नाम पर राजनीति तो खूब करते हो.. पूरे देश में घूम-घूमकर वोट भी मांगते हो.. लेकिन मंदिर नहीं जाते.. क्या राम जी आपके लिए सिर्फ वोट मांगने का सहारा हैं.. क्या आपमें राम जी के प्रति आस्था है भी या नहीं..

आपको बता दें कि यह विवाद हाल ही में सामने आया.. जब अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी.. और चोरी के मामले सामने आए.. पुलिस और SIT की जांच में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.. आरोप है कि मंदिर में आने वाले चंदे के पैसों में गड़बड़ी की गई.. कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे चंदा गिनते समय पैसे निकाल लेते थे.. और छिपा देते थे.. अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद हुए हैं.. लेकिन कुल चोरी की रकम 7-8 करोड़ या उससे ज्यादा बताई जा रही है.. कुछ रिपोर्टों में 200 करोड़ तक का आंकड़ा भी चर्चा में है..

राम मंदिर का सपना सदियों पुराना है.. 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्माण तेज हुआ.. 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा हुई.. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए.. पूरे देश से करोड़ों रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया.. गांव-गांव से लोगों ने अपना योगदान दिया.. भाजपा और संघ परिवार ने इसे राम भक्ति का प्रतीक बनाया.. चुनावों में भी राम मंदिर का मुद्दा प्रमुख रहा..

लेकिन अब विपक्ष कह रहा है कि राम के नाम पर चंदा तो इकट्ठा किया गया.. लेकिन उसकी सुरक्षा और पारदर्शिता कहां रही.. दुर्गेश पाठक जैसे नेता पूछ रहे हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई.. ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं.. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय.. और अन्य सदस्यों पर भी सवाल उठ रहे हैं.. कुछ रिपोर्टों में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरें भी आई हैं.. ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को होने वाली है.. जहां इन मुद्दों पर चर्चा होगी.. दुर्गेश पाठक का कहना है कि आम लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से चंदा दिया.. गरीब भक्तों ने भी राम के नाम पर अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया.. लेकिन अगर वही पैसा चोरी हो जाए.. तो यह आस्था के साथ खिलवाड़ है.. उन्होंने कहा कि भाजपा वाले राम का नाम लेकर वोट मांगते हैं.. लेकिन मंदिर की देखभाल ठीक से नहीं कर पाए..

दुर्गेश पाठक ने अमित शाह को सीधे घेरा.. उन्होंने पूछा कि प्राण प्रतिष्ठा के ढाई साल, यानी करीब 891 दिन बीत गए.. लेकिन अमित शाह अभी तक राम मंदिर नहीं गए.. जबकि वे पूरे देश में राम का नाम लेकर भाषण देते हैं और चुनाव प्रचार करते हैं.. AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इसी मुद्दे पर पांच सवाल पूछे थे.. और उन्होंने चुनावी हिंदू वाली टिप्पणी भी की.. पाठक का आरोप है कि राम मंदिर सिर्फ राजनीतिक हथियार बन गया है.. जब आस्था की बात आती है, तो भाजपा नेता मंदिर नहीं जाते, लेकिन वोट के लिए राम का नाम लेते हैं.. यह सवाल देश के करोड़ों राम भक्तों के मन में भी उठ रहा है.. क्या सत्ता पक्ष में राम के प्रति आस्था है या सिर्फ राजनीतिक फायदा..

 

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