चैतर वसावा के परिवार से मिले AAP नेता, कहा- अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने चैतर वसावा के परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना... और न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है.. आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा से विधायक चैतर वसावा को एक मामले में सजा हुई है.. जिसे पार्टी झूठा और राजनीतिक साजिश बताती है.. बीजेपी पर आरोप है कि उन्होंने चैतर भाई को आदिवासी मुद्दों पर उनकी मजबूत आवाज़ को दबाने के लिए फंसाया.. लेकिन सच की लड़ाई रुकने वाली नहीं है.. इसी कड़ी में AAP के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, प्रदेश संगठन महासचिव मनोज सोरठिया.. और प्रदेश संगठन मंत्री निरंजन वसावा ने चैतर भाई के परिवार से मुलाकात की.. और पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया.. यह घटना गुजरात के आदिवासी इलाकों में चर्चा का विषय बन गई है..

आपको बता दें कि चैतरभाई दामजीभाई वसावा गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र से AAP के विधायक रहे.. वे आदिवासी समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं.. 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की.. वे आदिवासी अधिकारों, वन अधिकार कानून, भूमि अधिकार.. और आदिवासियों के विकास के मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाते रहे.. उन्होंने भिल प्रदेश की मांग भी की, जो आदिवासी क्षेत्रों के लिए अलग राज्य की बात थी.. उनकी लोकप्रियता आदिवासी बहुल इलाकों में काफी थी..

2023 में अक्टूबर के अंत में एक घटना हुई.. जिसमें वन विभाग के अधिकारियों से कथित मारपीट.. और जबरन वसूली का आरोप चैतर वसावा.. उनके परिवार और साथियों पर लगा.. अदालत ने जून 2026 में उन्हें और आठ अन्य लोगों (जिनमें उनकी पत्नी शकुंतला वसावा भी शामिल हैं) को 7 साल की सजा सुनाई.. पार्टी का कहना है कि यह मामला पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक प्रतिशोध है.. चैतर भाई ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार उजागर किया था.. और आदिवासियों के हितों की लड़ाई लड़ी, जिससे सत्ता पक्ष नाराज हुआ..

आपको बता दें कि AAP नेताओं का आरोप है कि बीजेपी सरकार आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए ऐसे नेताओं को निशाना बनाती है.. चैतर वसावा ने वन विभाग की कुछ कार्रवाइयों का विरोध किया था.. जहां गांव वालों की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की बात थी.. पार्टी कहती है कि वास्तव में यह आदिवासियों की पारंपरिक जमीन.. और अधिकारों की रक्षा का मुद्दा था..

AAP के वरिष्ठ नेता इसुदान गढ़वी, मनोज सोरठिया.. और निरंजन वसावा चैतर भाई के घर पहुंचे.. उन्होंने परिवार से बात की, उनकी परेशानियों को सुना.. और भरोसा दिलाया कि पार्टी इस मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़ी है.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि चैतर भाई की आवाज दबाई नहीं जा सकती.. अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.. मनोज सोरठिया ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया.. और निरंजन वसावा ने आदिवासी एकता की बात कही.. यह मुलाकात सिर्फ सांत्वना नहीं.. बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी थी.. AAP गुजरात में आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करने.. और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाने की कोशिश कर रही है.. अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने भी इसे साजिश बताया है..

 

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