बदायूं में इलाज के बाद युवक की मौत, अस्पताल में मचा बवाल; परिजनों ने लगाए चौंकाने वाले आरोप
बदायूं के रामा हॉस्पिटल में राजवीर की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस जांच में जुटी है, जबकि अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: शहर के इंदिरा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल में एक मरीज राजवीर की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर भारी भीड़ जुट गई और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
इलाज में लापरवाही का आरोप, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
मृतक के परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में भर्ती कराए गए राजवीर का समय रहते उचित इलाज नहीं किया गया। उनका कहना है कि मरीज की बिगड़ती हालत को लेकर कई बार डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवार का दावा है कि इलाज में कथित लापरवाही के चलते राजवीर की मौत हुई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा, पथराव के भी आरोप
राजवीर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसी दौरान हंगामे और पथराव की भी सूचना सामने आई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से उन पर पथराव किया गया। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पथराव किस पक्ष से शुरू हुआ। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच जारी, रिपोर्ट के बाद सामने आएगी सच्चाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के दायरे में है। इलाज में वास्तव में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं, इसका फैसला जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही राजवीर की मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट – संतुलित पाठक (बदायूं)
यह भी पढ़ें: JNU पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष को राहत, कोर्ट ने NBW पर लगाई रोक



