डोनाल्ड ट्रंप के गोल्ड बीजे का ऐलान कर 54 लाख इंडियंस को फंसाया!

अमेरिकी सिटीजन का का अखिरी रास्ता भी बंद

खुद को नाॅन बायोलाॅजिक्ल कहने वाले अपने पीएम साहब के माय फ्रेंड डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में रह रहे इंडियंस के लिए एक और बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी नागरिकता के लिए नई गोल्ड पाॅलिसी का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद भारतीयों में पहले हलचल मच गई है। एक ओर जहां नई गोल्ड पाॅलिसी से भारतीयों को नागरिकता पाना बेहद कठिन हो गया है वहीं दूसरी ओर इंडियंस सरकार भी इन अप्रवासियों के लिए कोई मदद करती नहीं दिख रही है। किस तरह से डोनाल्ड ट्रंप की नई गोल्ड पाॅलिसी से 54 लाख भारतीयों पर संकट आया है और क्यों अब उनके लिए अमेरिकी नागरिकता के आखिरी दरवाजे भी बंद होते नजर आ रहे हैं, ये हम आपको आगे अपनी इस रिपोर्ट में बताएंगे साथ ही इस पर भी चर्चा करेंगे कि कैसे मोदी और उनका विदेश मंत्रालय चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है।

नमस्कार मैं हूं और आप देखना शुरु कर चुके हैं फोर पीएम न्यूज नेटवर्क। दोस्तों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी प्रवासियों के लिए सिटीजन संबंधी एक नई पाॅलिसी लाॅच की है। आपको बता दें कि ये मौजूदा ईबी-5 वीजा की जगह लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को इसका एलान करते हुए कहा कि आवेदकों को नागरिकता के लिए तेज रास्ता सुरक्षित करने के लिए 5 मिलियन का निवेश करना होगा। ओवल ऑफिस में बोलते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस पहल को ग्रीन कार्ड का अपग्रेडेट सिस्टम करार दिया। उन्होंने बातचीत के दौरान बताया है कि इस प्रोग्राम के 2 हफ्ते में शुरू होने की उम्मीद है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा —
हम एक गोल्ड कार्ड की सुविधा ला रहे हैं। आपके पास ग्रीन कार्ड है। यह एक गोल्ड कार्ड है। ये नया कार्यक्रम ईबी-5 वीजा की जगह लेगा, जो लंबे समय से निवेशकों के लिए अमेरिकी स्थायी निवास प्राप्त करने का एक रास्ता रहा है। उन्होंने कहा कि नई योजना सफल व्यक्तियों को आकर्षित करेगी जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। वे अमीर होंगे और वे सफल होंगे, और वे बहुत पैसा खर्च करेंगे और बहुत सारे टैक्स पेमेंट करेंगे। इससे बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा, और हमें लगता है कि यह बेहद सफल होने वाला है।
सुना आपने कि अमेरिका राष्ट्रपति ने अपने को मजबूत करने के लिए नई बीजा पाॅलिसी लाॅच की है लेकिन इसको ईबी 5 बीजे से जोड़ देने पर जोर का झटका भारतीयों को लगा है। आपको बता दें कि मौजूदा समय में अमेरिका में लगभग 54 लाख से ज्यादा इंडियन काॅन्टै्रक्ट बीजे पर अमेरिका में रह रहे हैं। जबकि 18 हजार से ज्यादा लोग अवैध रुप से अमेरिका में हैं, इसमें से लगभग 200 लोगों को अमेरिका भारत को डिपोर्ट कर चुका हैं लेकिन जो 54 लाख लोग अमेरिका मंे रह रहे हैं, ट्रंप की नई नागरिकता पाॅलिसी से उनकी नींदे उड़ गई हैं। क्योंकि ईबी 5 की जगह इस पाॅलिसी को मर्ज कर दिया गया है। आपको बता दें कि इसी ईबी-5 ही अब अमेरिका में भारतीयों को नागरिकता लेने को आखिरी रास्ता बचा था लेकिन ये रास्ता भी बहुत कठिन होता नजर आ रहा है। क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने जिस गोल्ड पाॅलिसी का ऐलान किया है उसमें नागरिकता लेने के लिए 5 मिलियन डाॅलर चाहिए। भारतीय करेंसी के हिसाब से समझे कि अगर किसी एक व्यक्ति को अमेरिका की नागरिकता लेनी है तो उसको कम से कम 34 करोड़ रुपए अमेरिकी सरकार को देने होंगे। ऐसे में अमेरिका रह रहे भारतीयों के सामने सबसे बड़ा संकट ये खड़ा हो गया है कि इतनी राशि और पैसा कहां से लाएं, क्योंकि अमेरिका में जो भारतीय बीजे पर कमा रहे है उनकी कुल औसत आय एक लाख डाॅलर या उससे भी कम है। बहुत से लोग तो ऐसे भी हैं जो 50 हजार डाॅलर ही कमा रहे हैं। ऐसे लोग कैसे 5 मिलियन डॅालर अमेरिकी सरकार को दे पाएंगे, ये अपने आप में सबसे बड़ा सवाल यही है। आपको बता दें कि कुछ उद्योगपतियों को छोड़कर अमेरिका मंे रह रहे भारतीयों के लिए ये रकम देना आसान नहीं है। यही वजह ही नई गोल्ड स्कीम लाॅच होने से भारतीया परेशान हो उठे हैं। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान से पहले ईबी-5 पाॅलिसी के तहत मात्र 1 मिलियन डाॅलर खर्च करके ही अमेरिका की नागरिकता ली जा सकती थी। इससे भी एक आसान रास्ता ये था कि स्लम बस्तियों में सिर्फ 8 लाख डाॅलर इंवेस्ट करके ही नागरिकता मिल जाती थी लेकिन अब पूरी पाॅलिसी डोनाल्ड ट्रंप ने बदल दी है। नई गोल्ड बीजा पाॅलिसी के तहत अब सीधे 5 मिलियन डाॅलर के इंवेस्ट के बाद ही किसी को अमेरिका की नागरिकता मिल जाएगी। आपको बता दें कि इस पूरे मामले ने अमेरिका ने भारतीयों की परेशानी बढ़ा दी है। आपको बता दें कि इस पूरे मामले में डोनाल्ड ट्रंप पूरी का दोहरा कैरेक्टर सामने आया है। अभी तक जो डोनाल्ड ट्रंप गरीब लोगों को बेड़ियों और जंजीरों में जकड़ कर इंडिया समेत दुनिया के तमाम देशों मंे यह कहकर भेज रहे थे इससे देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा है अब वही ट्रंप अमीरों के लिए नई स्कीम लाॅच कर रहे हैं। ताकि उनके देश में निवेश हो और रोजगार की संभावनाएं बढ़े लेकिन अब ट्रंप को महंगी नागरिकता देने में कोई खतरा नहीं लग रहा है। भारत, ब्राजील, मेक्सिको, पाकिस्तान समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को वापस उनके देश भेजा गया है। इसके अलावा पनामा और ग्वांतनामो बे में भी ऐसे लोगों को रखा गया है। भारत में तो अब तक तीन जहाज ऐसे अवैध प्रवासियों को लेकर चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर लोग गरीब तबके के थे। आरोप है कि इन लोगों को हाथों में हथकड़ियां डालकर प्लेन में बिठाया गया था। लेकिन इस बीच उन्हीं डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी स्कीम लॉन्च की है, जो किसी भी देश के अमीर व्यक्ति को आसानी से नागरिकता मिल जाए। वैसे तो ये अमेरिका की अपनी नीति है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका की अगर अपनी नीतियों की बात छोड़ दी जाए तो अपने पीएम साहब की विदेश नीति उनके सबसे खास दोस्त ट्रंप के खिलाफ बहुत ही खराब साबित हुई है। हर बार अब यही दिखाई दे रहा है कि शायद इंडिया ट्रंप के दवाब में है। इसकी नजीर ये है कि पहले तो अपने पीएम साहब को ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण में नहीं बुलाया, फिर उसके बाद खुद अपने पीएम साहब भागे-भागे अमेरिका पहुंच गए। यहां कुछ फाइलों पर अमेरिकी फायदे के लिए दस्तख्त हुए इसके बाद सारा मामला जस का तस बना हुआ है। अभी भी भारतीय बेड़ियों और जंजीरों में जकड़े आ रहे हैं। हद तो ये है कि हर दो-तीन दिन बाद पीएम मोदी के खास दोस्त डोनाल्ड टं्रप 21 मिलियन डाॅलर का रोके जाने का शिगूफा छोड़ देते हैं, उन्होंने अमेरिका की चार कंपनियों को भी अपने देश प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा ट्रंप हर दिन भारत की ट्रैरिफ न हटाने और अपने देश में बड़ी टैरिफ लगाने की बात करते दिखाई देते हैं। दवा, ऐल्यूमीनियम और तांबे जैसी अहम निर्यातक वस्तुओं पर वो लगा भी चुक हैं लेकिन मोदी सरकार अभी भी सिर्फ ट्रंप-ट्रंप के नारे लगा रही है और अब जब ट्रंप ने नई नागरिकता पाॅलिसी का ऐलान कर दिया है और एक बार फिर से अमेरिका में रह रहे भारतीयों पर बड़ा संकट आ गया है, ऐसे में चुनावी मंचों पर जमकर बोलने वाले अपने पीएम साहब और उनका विदेश मंत्रालय मौन है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में भारतीया पर एक बार फिर से संकट आ गया है और अपने विश्वगुरु जी मौन है। आपको बता दें कि जब से अमेरिका में ट्रंप की सरकार आई है तब से लेकर अभी तक हर दिन ट्रंप सरकार भारतीयों के लिए कड़े फैसले ले रही है और हर मामले में मोदी सरकार पूरी तरह से फेल है। क्या अब समय आ गया है कि मोदी सरकार को ट्रंप से सीधे दो टूक बात करनी चाहिए इंडिया के खिलाफ काम बंद करों नहीं तो अब हम भी एक्शन लेंगे। इस पूरे मामले पर आपका क्या मानना है, आप अपनी राय हमें कमेंट बाक्स में साझा कर सकते हैं।

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