BMC चुनाव के बीच महायुति में घमासान, अजित पवार की BJP को खरी-खरी
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के माहौल के बीच महायुति में सियासी घमासान तेज हो गया है... NCP नेता अजित पवार ने बयान देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों काफी उथल-पुथल मची हुई है.. जैसे-जैसे पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनाव नजदीक आ रहे हैं.. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष.. और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बयान सुर्खियां बटोर रहे हैं.. बता दें 8 जनवरी को पिंपरी-चिंचवड़ में एक चुनावी सभा में दिए गए.. उनके भाषण ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.. अजित पवार ने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी कभी अहंकार नहीं आया.. और उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोप लगाए.. यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अजित पवार की एनसीपी महायुति गठबंधन का हिस्सा है.. जिसमें भाजपा और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना भी शामिल हैं.. लेकिन स्थानीय चुनावों में दोनों एनसीपी गुटों (अजित पवार और शरद पवार) का गठबंधन हो गया है.. जिससे महायुति में दरार साफ नजर आ रही है..
आपको बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना 1999 में शरद पवार ने की थी.. यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत खिलाड़ी रही है.. खासकर ग्रामीण और शहरी इलाकों में.. शरद पवार को महाराष्ट्र की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है.. क्योंकि उन्होंने कई बार गठबंधन बनाए और तोड़े हैं.. लेकिन 2023 में एनसीपी में बड़ा विभाजन हुआ.. अजित पवार, शरद पवार के भतीजे हैं.. उन्होंने अपनी अलग एनसीपी बना ली… और भाजपा-शिवसेना वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए.. और वे उपमुख्यमंत्री बने.. चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली एनसीपी माना.. जबकि शरद पवार गुट को एनसीपी (एसपी) कहा गया..
यह विभाजन परिवारिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर हुआ.. अजित पवार ने कहा था कि वे युवा नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं.. जबकि शरद पवार गुट ने इसे विश्वासघात बताया.. महायुति गठबंधन में अजित पवार की एनसीपी, भाजपा.. और शिंदे शिवसेना साथ हैं.. लेकिन स्थानीय चुनावों में चीजें अलग हैं.. 15 जनवरी को होने वाले पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों में अजित पवार की एनसीपी ने शरद पवार की एनसीपी (एसपी) से गठबंधन कर लिया है.. दोनों गुट मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं.. यह गठबंधन अस्थायी लगता है.. लेकिन इससे महायुति में तनाव बढ़ गया है.. भाजपा ने इन चुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है.. जबकि पहले वे महायुति के साथ थे..
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण शहर हैं.. पुणे को ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता है.. क्योंकि यहां कई बड़े शिक्षण संस्थान हैं.. पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक क्षेत्र है.. जहां ऑटोमोबाइल और आईटी कंपनियां हैं.. इन शहरों के नगर निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों पर होते हैं.. जिनमें सड़कें, पानी, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल है.. 2017 से भाजपा इन दोनों नगर निकायों पर काबिज है.. लेकिन अब एनसीपी गुटों का गठबंधन उन्हें चुनौती दे रहा है..
आपको बता दें कि 8 जनवरी को पिंपरी-चिंचवड़ में एक चुनावी सभा में अजित पवार ने भाषण दिया.. यह सभा 15 जनवरी के चुनावों के प्रचार के लिए थी.. और उन्होंने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में नगर निकायों पर पहले सत्ता में रहने के बावजूद कभी अहंकार नहीं आया.. और उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता का उपयोग संयम.. और जिम्मेदारी से करना चाहिए.. अजित पवार ने बताया कि जनता की सेवा ही राजनीति का असली मकसद है.. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सत्ता को घमंड का कारण नहीं बनाया.. और हमेशा जनहित को पहले रखा..
जानकारी के अनुसार इस सभा में उनके भतीजे रोहित पवार भी मौजूद थे.. जो एनसीपी (एसपी) के नेता हैं.. यह दिखाता है कि परिवारिक रिश्ते अभी भी बने हुए हैं.. भले राजनीतिक मतभेद हों.. लेकिन अजित पवार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासित पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम में भ्रष्टाचार बढ़ गया है.. और उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यह एशिया का सबसे अमीर नगर निकाय था.. लेकिन अब कर्ज में डूबा है.. नाबालिग बच्चों को अपराध की ओर धकेला जा रहा है.. और बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, सड़कें और स्वास्थ्य सेवाएं खराब हैं..
अजित पवार ने एक्स पर भी पोस्ट किया.. और उन्होंने लिखा कि पिंपरी-चिंचवड़ में नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.. उन्होंने बदलाव की जरूरत बताई और जनता से अपील की कि नगर निगम की जिम्मेदारी एनसीपी को सौंपें.. उन्होंने वादा किया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों को समझते हैं.. और उन्हें मौका मिला तो समस्याओं का समाधान करेंगे..
बता दें कि उन्होंने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अच्छे काम करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया.. इसके बजाय, एनसीपी ने ऐसे लोगों को अपने में शामिल किया और टिकट दिए.. और उन्होंने अमोल बालवडकर और शंकर चिंचवडे का नाम लिया.. जो भाजपा से एनसीपी में आए हैं.. अजित पवार ने ‘अलार्म’ नाम की एक कैंपेन शुरू की.. जिसमें उन्होंने भाजपा की नाकामियों पर हमला किया.. इस कैंपेन में पांच मुख्य मुद्दे उठाए गए.. जिसमें खराब सड़कें और ट्रैफिक, पानी की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, कचरा प्रबंधन की समस्या और पर्यावरण का बिगड़ना शामिल है..
अजित पवार के बयानों से महायुति में तनाव बढ़ गया है.. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार को पहले खुद पर विचार करना चाहिए.. उन्होंने सिंचाई घोटाले का जिक्र किया.. जिसमें अजित पवार पर आरोप लगे थे.. चव्हाण ने कहा कि चुनाव के समय ऐसे बयान दिए जा रहे हैं.. जो गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.. भाजपा के एक अन्य नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने भी अजित पवार पर हमला किया.. और कहा कि महायुति के साथी होने के बावजूद ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है..
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मौके का फायदा उठाते हुए कहा कि अजित पवार को भाजपा छोड़कर शरद पवार के साथ आना चाहिए.. और उन्होंने कहा कि जब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में दोनों एनसीपी गुट साथ हैं.. तो पूरे एनसीपी को एक हो जाना चाहिए.. राउत ने सवाल किया कि भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद भी अजित पवार सरकार में क्यों हैं.. यह दिखाता है कि विपक्षी दल महाविकास अघाड़ी इस दरार का फायदा उठाना चाहती हैं..
भाजपा ने जवाब में कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ में उनके शासन के दौरान विकास हुआ है.. लेकिन अजित पवार ने दावा किया कि 2017 से 2022 तक भाजपा के शासन में नगर निगम को लूट लिया गया.. उन्होंने कहा कि सत्ता में रहकर लोग भ्रष्टाचार कर रहे हैं.. और उम्मीदवारों पर दबाव डाला जा रहा है.. कुछ जगहों पर बिना विरोध के जीत हो रही है.. जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं.. महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने भी इन अनाप्पोज्ड जीतों की जांच के आदेश दिए हैं..
15 जनवरी 2026 को पुणे नगर निगम और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के चुनाव होंगे.. ये चुनाव महाराष्ट्र के 29 नगर निकाय चुनावों का हिस्सा हैं.. जिसमें मुंबई का बीएमसी भी शामिल है.. लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में लड़ाई ज्यादा गर्म है.. क्योंकि यहां एनसीपी का मजबूत आधार है.. एनसीपी ने अपना मेनिफेस्टो जारी किया.. जिसमें 500 किमी नई सड़कें, ब्रिज.. और फ्लाईओवर अपग्रेड, एआई से ट्रैफिक मैनेजमेंट और नए आर्थिक हब बनाने का वादा है..
जानकारी के अनुसार पिंपरी-चिंचवड़ में पानी की कमी, खराब सड़कें.. और कचरा समस्या बड़ी है.. अजित पवार ने कहा कि भाजपा के 9 साल के शासन में नगर निगम कर्ज में डूब गया.. पहले यह अमीर था.. लेकिन अब हालत खराब है.. पुणे में भी ट्रैफिक और पर्यावरण की समस्या है.. एनसीपी गठबंधन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए समन्वय से काम कर रहा है. वहीं भाजपा ने भी कैंपेन तेज की है.. और उन्होंने कहा कि उनके शासन में विकास हुआ.. लेकिन अजित पवार ने इन प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.. चुनाव में कांग्रेस भी शामिल है.. लेकिन हाल ही में 12 कांग्रेस काउंसलर भाजपा में शामिल हो गए.. जो एमवीए के लिए झटका है..


