‘सीना ठोककर कराया सत्ता परिवर्तन’ | डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का बड़ा दावा 

महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सीना ठोककर राज्य में सत्ता परिवर्तन कराया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः महाराष्ट्र के सातारा जिले के केलघर-मेढा इलाके में मंगलवार को एक बड़ी जनसभा हुई.. इस सभा को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने संबोधित किया.. यह सभा जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी.. जानकारी के मुताबिक पंचायत चुनाव 5 फरवरी को होने हैं.. बता दें डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इस सभा में शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर बिना नाम लिए जमकर हमला बोला.. और उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के स्वाभिमान.. और विचारों को छोड़ने वालों को सबक सिखाने के लिए राज्य में सत्ता परिवर्तन कराने का दावा किया..

आपको बता दें कि शिंदे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के स्वाभिमान.. और विचारों को छोड़ने वालों को सबक सिखाने के लिए ही मैंने सीना ठोककर राज्य में सत्ता परिवर्तन कराया.. और महाराष्ट्र में बालासाहेब के विचारों वाली सरकार बनाई.. और उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार आम आदमी, मेहनतकश, किसान, महिलाओं.. और गरीबों के लिए लगातार काम कर रही है, जिससे विपक्ष के पेट में मरोड़ उठ रही है.. वहीं सभा में हजारों लोग जुटे थे.. इनमें मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना की लाभार्थी महिलाएं यानी ‘लाड़की बहनें’ बड़ी संख्या में शामिल थीं.. इतनी बड़ी भीड़ देखकर शिंदे ने लोगों का धन्यवाद किया.. और कहा कि कम समय में इतना जनसमूह जुटना उनकी सरकार की लोकप्रियता का प्रमाण है..

शिंदे ने महायुति गठबंधन (शिवसेना, भाजपा और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस) के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताने की अपील की.. और उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि विकास, स्वाभिमान.. और बालासाहेब के विचारों का है.. और उन्होंने लोगों से 5 फरवरी को धनुष-बाण और महायुति के निशान पर वोट डालने का आह्वान किया.. और कहा कि आपका वोट विकास के लिए है.. लाड़की बहनों के सम्मान के लिए है..

एकनाथ शिंदे का यह भाषण महाराष्ट्र की राजनीति के मौजूदा माहौल को बिल्कुल साफ दिखाता है.. 2022 में शिवसेना में बड़ा विद्रोह हुआ था.. उस समय उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे.. और महाविकास आघाड़ी (शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी) की सरकार चला रहे थे.. एकनाथ शिंदे ने तब 50 से ज्यादा विधायकों के साथ बगावत की.. और उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व.. और स्वाभिमान की विचारधारा छोड़ दी है.. और महा विकास आघाड़ी के साथ गठबंधन करके गलत रास्ते पर चल पड़े हैं.. शिंदे की बगावत के बाद उद्धव सरकार गिर गई.. और शिंदे मुख्यमंत्री बने.. बाद में महायुति गठबंधन बना.. 2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति को 232 सीटें मिली.. जो महाराष्ट्र के इतिहास में एक बड़ा बहुमत था..

शिंदे ने भाषण में इसी का जिक्र किया.. उन्होंने कहा कि जब बालासाहेब के विचारों के खिलाफ काम हुआ.. तब उन्होंने हिम्मत दिखाकर सरकार बदल दी.. मैंने सीना ठोककर सत्ता परिवर्तन कराया.. यह हमला सीधे उद्धव ठाकरे पर था.. शिंदे का दावा है कि उनकी सरकार ही असली शिवसेना है.. जो बालासाहेब के मूल विचारों पर चल रही है.. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा कि महिलाओं ने विधानसभा चुनाव में विपक्ष को उसकी औकात दिखा दी.. 232 विधायक चुने गए.. लेकिन विपक्ष को नेता प्रतिपक्ष तक नहीं मिल पाया.. वहीं एक छात्रा की आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए.. उन्होंने कहा कि सरकार ने 100 प्रतिशत शिक्षा शुल्क माफ किया.. अगर सरकार आम जनता के लिए नहीं है.. तो उसका क्या उपयोग..

आपको बता दें कि शिंदे ने अपनी सबसे लोकप्रिय योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना’ पर खास जोर दिया.. यह योजना जुलाई 2024 में शुरू हुई थी.. इसमें 21 से 65 साल की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं.. वहीं इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.. जिसको लेकर शिंदे ने कहा कि उन्होंने यह योजना अपनी मां और पत्नी के घरेलू संघर्ष को देखकर शुरू की.. उन्होंने दावा किया कि इस योजना की वजह से महायुति को विधानसभा में 232 सीटें मिलीं.. और कई नगर निगम चुनावों में जीत हुई..

शिंदे ने विपक्ष पर तंज कसा कि योजना को फर्जी.. और चुनावी जुमला कहने वाले कोर्ट गए और फटकार खा गए.. उन्होंने मजबूत वादा किया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी.. हर महीने मेरी लाड़की बहनों के खातों में पैसे जाएंगे.. उन्होंने आगे कहा कि 15,000 हों या 21,000 रुपये.. हम दिया हुआ वादा पूरा करेंगे.. सही समय पर सही फैसला होगा.. मतलब, 1500 रुपये की किस्त को बढ़ाकर 2100 रुपये करने की बात सही समय पर होगी.. यह घोषणा महिलाओं में काफी उत्साह पैदा कर रही है.. योजना ने महिलाओं को सीधे फायदा पहुंचाया है.. और महायुति की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका निभाई है..

वहीं शिंदे ने सातारा जिले के विकास पर बहुत फोकस किया.. सातारा उनका गृह जिला है और यहां वे मजबूत पकड़ रखते हैं.. उन्होंने कहा कि युवाओं का मुंबई, पुणे, ठाणे जैसे बड़े शहरों में पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना जरूरी है.. उनके हाथों को काम देने का संकल्प मैंने लिया है..

बता दें कि बोंडारवाड़ी बांध जावली तालुका में प्रस्तावित है.. यह 54 गांवों के लिए पेयजल और सिंचाई का बड़ा स्रोत बनेगा.. पहले से इस पर विवाद था.. ग्रामीणों ने कुछ गांवों के विस्थापन की वजह से विरोध किया था.. लेकिन हाल में सर्वे के लिए मंजूरी मिली है.. जिसको लेकर शिंदे ने कहा कि बोंडारवाड़ी बांध किसी भी हालत में पूरा होगा.. जो भी आड़े आएगा, मैं देख लूंगा.. उन्होंने विश्वास जताया कि इससे पर्यटन बढ़ेगा.. और हजारों रोजगार पैदा होंगे.. शिंदे ने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी सरकार के ढाई साल में सिर्फ 4 सिंचाई परियोजनाएं मंजूर हुईं.. जबकि उनकी सरकार ने ढाई साल में 180 परियोजनाएं मंजूर की..

जानकारी के अनुसार महाबलेश्वर, तापोला, केलघर, मेढा, प्रतापगढ़ क्षेत्र में नई सड़कें, पुल और पर्यटन मार्ग बन रहे हैं.. प्रतापगढ़ के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये मंजूर किए गए.. केलघर-मेढा, जावली घाटी और प्रतापगढ़ में इको-टूरिज्म, एग्रो-टूरिज्म, होम-स्टे, फार्म-स्टे.. और ग्रामीण पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा.. सातारा में 100 बिस्तरों वाला स्वतंत्र महिला अस्पताल बनेगा.. महिला बचत समूहों के लिए ‘उमेद मॉल’ बन रहा है.. पापड़, अचार, बांस उत्पाद जैसे ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग से महिलाओं को उद्यमी बनाया जा रहा है.. वहीं किसान सम्मान निधि में केंद्र के 6000 रुपये के अलावा राज्य सरकार भी 6000 रुपये देगी.. अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है..

 

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