Bollywood की दो सगी बहनों में हुई थी कैटफाइट, बन गईं एक-दूसरे की दुश्मन

बॉलीवुड की दुनिया में कैटफाइट का होना एकदम आम है। आख़िर, ग्लैमर वर्ल्ड में काम करने वालीं हसीनाओं के बीच अक्सर ही कोई ना कोई लड़ाई जो देखने को मिलती रहती है। कभी-कभी ये झगड़े आपसी दुश्मनी में भी बदल जाते हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बॉलीवुड की दुनिया में कैटफाइट का होना एकदम आम है। आख़िर, ग्लैमर वर्ल्ड में काम करने वालीं हसीनाओं के बीच अक्सर ही कोई ना कोई लड़ाई जो देखने को मिलती रहती है। कभी-कभी ये झगड़े आपसी दुश्मनी में भी बदल जाते हैं।

तो, आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि बी टाउन की सबसे बड़ी कैटफाइट उन दो ऐक्ट्रेसेस के बीच हुई..जो रिश्ते में सगी बहनें थीं। जी हां, खून के रिश्ते में बंधे होने के बावजूद इन बहनों में ऐसी दरार पैदा हुई कि इन्होंने एक-दूसरे को कभी ना देखने की कसम तक खा ली। अब, हमारी ये बातें सुनकर आप भी जानना चाह रहे होंगे ना कि आख़िर हम किन दो बहनों की कैटफाइट का जिक्र कर रहे हैं..?

दरअसल, रिश्ते में बहन लगने वालीं जिन दो हसीनाओं की हम बात कर रहे हैं..वो कोई और नहीं बल्कि, गुजरे दौर की मशहूर अदाकारा रहीं दिवंगत साधना शिवदासानी और बबीता कपूर हैं। शिवदासानी सिस्टर्स’ के बीच ही बॉलीवुड के सबसे पहली कैटफाइट हुई थी। कम ही लोग इस बारे में जानते हैं कि, गुजरे दौर की फ़ेमस एक्ट्रेस रहीं साधना का अपनी बहन और नामी एक्ट्रेस बबीता कपूर के साथ ऐसा झगड़ा हुआ था कि उनकी आपस में बोलचाल भी बंद हो गई थी। मनमुटाव और मतभेद की खाई इतनी गहरी हो गई थी कि दोनों ने कभी एक-दूसरे को देखा तक नहीं था। एक गलतफहमी का बीज ऐसा पनपा कि फिर बहन ही बनी बहन की दुश्मन बन गई।

साधना और बबीता रिश्ते में चचेरी बहनें थीं। ये तब की बात है जब बबीता का दिवंगत सुपरस्टार और हिंदी सिनेमा के ‘शोमैन’ राज कपूर के बेटे रणधीर कपूर के साथ अफेयर चल रहा था। उसी समय, एक दिन राज कपूर ने साधना को कहा, ‘तुम्हारी बहन कपूर खानदान की बहू बनने का सपना देख रही है’। यह बात सुनकर साधना हैरान थीं। उन्हें जरा भी इसका अंदाजा नहीं था। हालांकि उन्होंने फिर भी बहन बबीता का पक्ष लिया और उन्हें सही बताते हुए उनके प्यार को सही ठहराया। उस समय कपूर खानदान में कोई भी फिल्म दुनिया की हसीना के साथ शादी नहीं करता था और राज कपूर इस परंपरा को आगे ले जाना चाहते थे, लेकिन बबीता को ऐसा लगा कि उनकी बहन राज कपूर के कान भर रही है।

फिर क्या था? बबीता बस इसी एक गलतफहमी का शिकार हो गईं और अपनी ही बहन के खिलाफ षड्यंत्र रचने लगीं। उन्होंने कई बड़े फिल्ममेकर से कहकर साधना को कई फिल्मों से बाहर निकलवा दिया था। इतना ही नहीं, एक्टर रणधीर कपूर से शादी होने के बाद भी बबीता ने अपनी बहन साधना को टारगेट करना नहीं छोड़ा। इससे साधना बुरी तरह टूट गईं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि खुद की ही बहन उनके साथ ऐसा कुछ कर सकती है। खैर, जैसे-तैसे बबीता और रणधीर की शादी हो गई। शादी के बाद बबीता ने कपूर खानदान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए फिल्मों में काम करना भी बंद कर दिया। लेकिन, उनके मन में साधना के लिए जहर भर गया।

दूसरी तरफ, दुखी होकर साधना ने अपनी बहन से बात करना छोड़ दिया। बाद में ये भी खुलासा हुआ कि अगर दोनों बहनें सामने आ जाती थीं तो, एक-दूसरे को देखना तक पसंद नहीं किया करती थीं। नौबत ये तक आ गई कि, दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख तक नहीं सुहाती थीं। यहां तक कि आमने-सामने आने पर एक-दूसरे को हाय-हैलो तक नहीं बोलती थीं। बबीता और साधना के बीच लड़ाई किस कदर गहरी थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2018 में जब साधना का निधन हुआ, तो उनके अंतिम दर्शन को न तो बबीता पहुंचीं, और ना ही उनकी बेटियां-करिश्मा और करीना। बबीता उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं हुईं थीं।

बात साधना की करें तो, फिल्मों में अपने काम के साथ-साथ साधना अपने बेहतरीन स्टाइल से फैशन का नया दौर लाई थीं। उनकी हेयर स्टाइल इतनी फेमस थी कि उस जमाने में हर लड़की उनकी तरह बाल कटवाया करती थी, जिसे ‘साधना कट’ कहा जाता था। हर फिल्म में पहने गए उनके कपड़े ट्रेंड बन जाया करते थे। 1958 में रिलीज हुई फिल्म ‘अबाना’ भारत की पहली सिंधी फिल्म थी। इसमें साधना का रोल मामूली था, जिससे उन्हें खास पहचान नहीं मिल सकी, लेकिन इसी फिल्म की बदौलत उनकी किस्मत बदल गई। क्योंकि, हुआ ये कि फिल्म ‘अबाना’ के प्रमोशन के दौरान साधना का एक प्रमोशनल शूट करवाया गया था। उस प्रमोशनल शूट की तस्वीरें उस जमाने की पॉपुलर स्क्रीन मैगजीन में छपी। एक दिन मशहूर फिल्ममेकर शशधर मुखर्जी स्क्रीन मैगजीन पढ़ रहे थे कि उनकी नजरें खूबसूरत साधना की तस्वीर पर टिक गईं।

शशधर मुखर्जी ने साधना को अपने बेटे जॉय मुखर्जी के साथ फिल्म ‘लव इन शिमला’ से हिंदी फिल्मों में लॉन्च करने का फैसला किया। 1960 में आई ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई। फिल्म से साधना रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद, ‘प्रेम पत्र’, ‘एक मुसाफिर एक हसीना’, ‘वो कौन थी’ और ‘मेरा साया’ जैसी कई ऐसी फिल्में रहीं जिनमें साधना के काम को काफी सराहा गया और वो सुपरहिट भी रहीं।

वहीं, साधना की हेयर स्टाइल इतनी फेमस हुई कि उस समय हर लड़की में साधना की तरह बाल रखने की होड़ मची होती थी। साधना को फिल्मों में कसे हुए चूड़ीदार-कुर्ते का ट्रेंड लाने का भी क्रेडिट दिया जाता है। साधना ने फिल्मी करियर में करीब 30 फिल्मों में काम किया था, हालांकि उन्हें एक्टिंग के लिए कोई अवार्ड नहीं मिला। पहली फिल्म ‘लव इन शिमला’ के सेट पर ही साधना को फिल्म के डायरेक्टर आर.के. नय्यर से प्यार हो गया। उस समय वो महज 19 साल की थीं, ऐसे में परिवार वाले दोनों के रिश्ते के खिलाफ थे। आखिरकार परिवार के खिलाफ जाकर साधना ने कुछ सालों बाद 1966 में उनसे शादी कर ली। शादी के बावजूद साधना और आर.के. नय्यर निःसंतान रहे।

जब 1995 में अस्थमा से उनके पति आर.के. नय्यर का निधन हो गया तो साधना एकदम अकेली पड़ गईं। कुछ समय बाद ह्यपरथीरोइड बीमारी के चलते उनकी एक आंख में दिक्कत हो गई, जिसके चलते उन्होंने घर से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया। जब भी वो घर से निकलती थीं, तो तस्वीर क्लिक करवाने से साफ इनकार कर दिया करती थी।

इस अकेलेपन में साधना खुद का ख्याल नहीं रख सकीं और कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ गईं। उनकी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उनके मुंह से खून निकलता था। हालत नाजुक होने पर साल 2014 में उन्हें एक इमरजेंसी सर्जरी करवानी पड़ी थी। उन्हें कैंसर हो गया था।अपने अंतिम दिनों में साधना गुमनामी जैसी जिंदगी में रहीं। उनका कोई अपना करीबी नहीं था और गिरती सेहत और बाकी कानूनी कामों को वो संभाल नहीं पा रही थीं, जिसके चलते उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से मदद भी मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया।

फिर, दिसंबर 2015 में साधना बुखार बढ़ने पर हिंदुजा हॉस्पिटल एडमिट हुई थीं, जहां उनका 25 दिसंबर को निधन हो गया। चंद रिश्तेदारों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार ओशिवारा श्मशान घाट में हुआ था। तो, अंतिम संस्कार में साधना की बहन बबीता कपूर नहीं आई थीं। ताउम्र उन्होंने बहन से लड़ाई ज़िंदा रखी।

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