डायबिटीज नहीं होने पर भी नसों में दर्द? जानिए डॉक्टर से कारण
डायबिटीज के कुछ मरीजों को अक्सर नसों में दर्द की शिकायत रहती है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति में डायबिटीज नहीं है और फिर भी नसों में दर्द महसूस हो रहा है, तो इसके संभावित कारणों को समझना बेहद जरूरी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: डायबिटीज के कुछ मरीजों को अक्सर नसों में दर्द की शिकायत रहती है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति में डायबिटीज नहीं है और फिर भी नसों में दर्द महसूस हो रहा है, तो इसके संभावित कारणों को समझना बेहद जरूरी है।
इस बारे में जानने के लिए हमने विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत की। डॉक्टर के अनुसार, नसों में दर्द सिर्फ डायबिटीज की वजह से नहीं होता। इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं, जैसे सिरदर्द, तनाव, चोट या पोषण संबंधी कमी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो समय पर डॉक्टरी जांच और सही इलाज कराना जरूरी है। उचित देखभाल और जीवनशैली में बदलाव से इस तरह के दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में है. डायबिटीज की बीमारी भी नहीं है, लेकिन फिर भी नसों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन रहता है तो इसके कारणों को समझना जरूरी है. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर ये समस्या हो रही है तो इसका कारण पेरिफेरल न्यूरोपैथी होती है. ये क्या बीमारी है और क्यों होती है इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
मैक्स साकेत में न्यूरोसर्जरी विभाग में एसोसिएट डायरेक्टर ने कहा-कि पेरिफेरल न्यूरोपैथी में दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से बाहर जाने वाली नसों पर असर पड़ता है. अगर कोई गड़बड़ी इन नसों में हो जाती है तो व्यक्ति को पैरों या हाथों में झनझनाहट से लेकर सुन्नपन की समस्या होने लगती है. ये उन लोगों को भी हो जाती है जिनको डायबिटीज नहीं है और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है.
क्यों होती है पेरिफेरल न्यूरोपैथी
पेरिफेरल न्यूरोपैथी का सबसे बड़ा कारण शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है. इसके अलावा स्पाइन की कोई बीमारी, गलत पोश्चर या फिर ऑटोइम्यून बीमारियां भी नसों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. आमतौर पर देखा जाता है कि जो लोग डेस्क जॉब करते हैं और रोज एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो उनको भी ये समस्या होने लगती है.
पहले इसके मामले 50 या 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखे जाते थे, लेकिन अब 40 और 30 साल वालों
में भी ये बीमारी हो रही है. हालांंकि ये अचानक नहीं होती है. इसके होने से पहले शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं. जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासतौर पर उनको जिनको डायबिटीज नहीं है.
पेरिफेरल न्यूरोपैथी के लक्षण क्या हैं
हाथ पैरों में सुन्नपन
पैरों के तलवों में जलन
चलने में संतुलन बिगड़ना,
हाथों में कमजोरी या चीजें पकड़ने में दिक्कत
इलाज कैसे किया जाता है?
पहले देखा जाता है कि बीमारी का कारण क्या है. अगर विटामिन की कमी है तो इसके लिए दवाएं दी जाती है. अगर स्पाइन से जुड़ी समस्या है तो फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज और दवाएं चलती है. दर्द कंट्रोल के लिए न्यूरोपैथिक पेन की दवाएं दी जाती हैं. इस तरह मरीज का इलाज होता है.



