सोने-चांदी के दाम में उछाल, 10 ग्राम सोना इतने लाख के पार
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते भारी उछाल जारी है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 1.5 लाख रुपये के पार निकल गया है, वहीं चांदी भी ढाई लाख के करीब पहुंच रही है.

4pm न्यूज नेटवर्क: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते भारी उछाल जारी है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 1.5 लाख रुपये के पार निकल गया है, वहीं चांदी भी ढाई लाख के करीब पहुंच रही है. कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने दामों में आग लगा दी है.
पिछले तीन हफ्तों से कीमती धातुओं के बाजार में तेजी का जो तूफान आया है, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस हफ्ते भी सोने की कीमतों में 1.65 फीसदी का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है. शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के जून वायदा भाव 1,52,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर कारोबार करते दिखे. वहीं, चांदी के मई वायदा ने भी पीछे न रहते हुए 2,43,300 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया.
खुदरा बाजार का क्या है हाल
अगर खुदरा बाजार यानी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वहां भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है. सोमवार को जो 999 शुद्धता वाला सोना 1,47,891 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, वह शुक्रवार आते-आते उछलकर 1,50,327 रुपये पर पहुंच गया. चांदी की रफ्तार तो और भी तेज रही. 999 शुद्धता वाली चांदी हफ्ते की शुरुआत में 2,31,028 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो शुक्रवार तक बढ़कर 2,39,934 रुपये हो गई.
क्यों लग रहे हैं सोने की कीमतों को पंख?
बाजार के इस रुख के पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण छिपे हैं. सबसे अहम वजह है- सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की बढ़ती मांग. जब भी दुनिया में कोई भू-राजनीतिक अनिश्चितता होती है, तो निवेशक अपना पैसा सुरक्षित जगह लगाने के लिए सोने की तरफ भागते हैं.
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी ने भी सोने की चमक को और बढ़ा दिया है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही।सीजफायर की बातचीत से वैश्विक तनाव थोड़ा कम हुआ है, जिसका सीधा असर डॉलर पर दबाव के रूप में दिखा है. डॉलर के कमजोर होने से सोने को मजबूती मिली है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरने से महंगाई दर कम होने की उम्मीद जगी है. ऐसे में बाजार यह मानकर चल रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जो सोने के लिए हमेशा एक बेहद सकारात्मक संकेत माना जाता है.
क्या हैं जरूरी सपोर्ट और रेजिस्टेंस
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने का जलवा कायम है. कॉमेक्स (Comex) पर सोना 3 फीसदी की साप्ताहिक छलांग लगाकर 4,787.40 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ है. कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि 5,000 डॉलर का स्तर एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक और तकनीकी बाधा (रेजिस्टेंस) है. अगर कीमतें इसे पार कर जाती हैं, तो बाजार में एक नई और तेज रैली देखने को मिल सकती है.
घरेलू निवेशकों के लिए डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल बहुत अहम होगी. हाल ही में रुपये में आई थोड़ी मजबूती ने भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों को कुछ हद तक संतुलित रखने का काम किया है. अगर डॉलर फिर से मजबूत होता है, तो इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा. तकनीकी नजरिए से देखें तो एमसीएक्स (MCX) पर सोने के लिए 1,48,000 से 1,46,000 रुपये के बीच एक मजबूत सपोर्ट बना हुआ है.
वहीं, ऊपर की तरफ 1,54,000 से 1,55,000 रुपये के स्तर पर मुनाफावसूली या रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. चांदी की बात करें तो इसके लिए 2,30,000 से 2,25,000 रुपये का दायरा सपोर्ट जोन का काम कर रहा है, जबकि बड़ी गिरावट की स्थिति में 2,05,000 से 2,00,000 रुपये के बीच इसे मजबूत सहारा मिल सकता है.



