मिर्जापुर में यज्ञ से विरोध! टोल प्लाजा के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन
मिर्जापुर में टोल प्लाजा विवाद को लेकर कांग्रेस का धरना 9वें दिन भी जारी है। नेताओं ने ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ कर सरकार पर निशाना साधा। जानिए अहरौरा और विंध्याचल टोल को लेकर क्या है पूरा विवाद।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर में इन दिनों विरोध का एक अलग ही तरीका देखने को मिल रहा है। जहां आमतौर पर धरना-प्रदर्शन नारों और भाषणों तक सीमित रहता है, वहीं यहां कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन की “सद्बुद्धि” के लिए यज्ञ का सहारा लिया। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा यह अनिश्चितकालीन धरना अब नौवें दिन में पहुंच चुका है और इसके साथ ही आंदोलन ने और तेज रूप ले लिया है।
9वें दिन भी जारी धरना, यज्ञ कर जताया विरोध
मिर्जापुर में कांग्रेस कार्यकर्ता 7 अप्रैल से जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे हैं। इस आंदोलन की अगुवाई जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार सिंह पटेल कर रहे हैं। धरने के नौवें दिन नेताओं ने “बुद्धि-शुद्धि यज्ञ” कर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि देने की कामना की। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता की आवाज को सुनाने की कोशिश है
टोल प्लाजा को लेकर बढ़ा विवाद
धरने की मुख्य वजह अहरौरा और विंध्याचल क्षेत्र में बने टोल प्लाजा हैं, जिनको लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है।कांग्रेस और किसानों का आरोप है कि टोल के नाम पर आम लोगों से “जबरन वसूली” हो रही है और प्रशासन इस पर आंखें बंद किए हुए है।
‘60 किमी नियम’ पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियम के मुताबिक 60 किलोमीटर के दायरे में दूसरा टोल प्लाजा नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां इस नियम की अनदेखी की जा रही है। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्थित अहरौरा टोल प्लाजा और Vindhyachal के पास अष्टभुजा टोल को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
विंध्याचल धाम में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। अष्टभुजा टोल प्लाजा की वजह से उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं, साथ ही कई बार टोल कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था आम जनता और श्रद्धालुओं दोनों के लिए परेशानी बन गई है।
पहले भी लगते रहे हैं गंभीर आरोप
अहरौरा और अष्टभुजा टोल प्लाजा पहले भी विवादों में रहे हैं। यात्रियों से मारपीट, दुर्व्यवहार और जबरन वसूली के आरोप कई बार सामने आ चुके हैं। यहां तक कि एक सेना के जवान के साथ बदसलूकी का मामला भी सामने आया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद काफी हंगामा हुआ था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
धरने में शामिल नेताओं ने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि “पांच किलो राशन देकर भाषण देने वाले अब जजिया जैसे कानून लागू कर जनता को लूटने पर आमादा हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि जिले में “लूट की खुली छूट” है और ऐसा लगता है कि इस पूरे मामले में कई लोगों की मिलीभगत है।
रिपोर्ट -संतोष देव गिरी
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