बिना इजाजत तस्वीर-वीडियो इस्तेमाल पर एक्शन, अल्लू अर्जुन ने HC  का दरवाज़ा खटखटाया

अल्लू अर्जुन ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया है.

4pm न्यूज नेटवर्क: अल्लू अर्जुन ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया है.

अभिनेता ने अपनी अनुमति के बिना नाम, तस्वीरें और आवाज के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है. यह मुकदमा अनाधिकृत मर्चेंडाइज में उनके व्यक्तित्व से जुड़ी सामग्री के इस्तेमाल के खिलाफ है.

तेलुगू फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन ने अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. टॉलीवुड एक्टर अल्लू अर्जुन ने कोर्ट में एक मुकदमा दायर कर राहत की मांग की है.

एक्टर ने दावा किया है कि उनकी अनुमति और सहमति के बिना उनके व्यक्तित्व से जुड़ी सामग्री जिनमें उनका नाम, तस्वीरें और आवाज शामिल हैं, उसका इस्तेमाल किया जा रहा है. बिना इजाजत के व्यावसायिक लाभ के लिए मर्चेंडाइज में उनके ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ भी दायर किया गया है.

अल्लू अर्जुन की अगली फिल्म ‘राका’ जल्दी ही आने वाली है, जिसमें दीपिका पादुकोण और रश्मिका मंदाना भी मुख्य भूमिकाओं में होंगी. जानकारी के मुताबिक, अभिनेत्री मृणाल ठाकुर और जान्हवी कपूर भी इस प्रोजेक्ट में अहम किरदार निभाती नजर आएंगी. यह फिल्म 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के भारी-भरकम बजट पर बन रही है और इसका निर्माण सन पिक्चर्स कर रहा है.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या दिया था आदेश?

हाल के दिनों में कई मशहूर हस्तियों ने अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) की रक्षा के लिए कोर्ट का रुख किया है. हाल ही में, कार्तिक आर्यन को भी राहत मिली. जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाने का आदेश दिया.

पर्सनेलिटी राइट्स किसी व्यक्ति के अपनी पहचान के व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग को नियंत्रित करने के कानूनी अधिकार को संदर्भित करते हैं. ये अधिकार किसी व्यक्ति से जुड़ी विशिष्ट विशेषताओं, जैसे कि उसका नाम, छवि, शक्ल, आवाज, हस्ताक्षर या यहां तक कि ट्रेडमार्क वाक्यांशों, को बिना सहमति के दुरुपयोग से बचाते हैं.

मुकदमे में आगे कहा गया है कि कई AI प्लेटफॉर्म ने उनकी सहमति के बिना, उनकी आवाज की नकल करने और डिजिटल अवतार तथा डीपफेक सामग्री बनाने के लिए जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीकों का इस्तेमाल किया. मुकदमे में चेहरे की मॉर्फिंग, सिंथेटिक आवाज के मॉडल और उनकी छवि के आधार पर विकसित किए गए अनधिकृत चैटबॉट के उदाहरणों का भी जिक्र किया गया है.

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