महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता: प्रियंका

  • सांसद ने महिला आरक्षण विधेयक का किया समर्थन, केंद्र की मंशा पर उठाए सवाल
  • कहा- महिला आरक्षण विधेयक पर राजनीतिक चालाकी देखकर चाणक्य भी होते भौंचक्के

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए इसका समर्थन किया, लेकिन केंद्र सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने सरकार के इरादे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का दृढ़ता से समर्थन करती है और इस मुद्दे पर उसके रुख को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लोकसभा में सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिस तरह की राजनीतिक चालाकी दिखाई जा रही है, उसे देखकर चाणक्य भी आज जीवित होते तो आश्चर्यचकित रह जाते।
उन्होंने यह भी बताया कि सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पहले भी प्रयास किए गए थे, जब 2010 में विधेयक पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। प्रियंका ने गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक कुटिलता का आरोप भी लगाया और तंज कसते हुए कहा कि यदि आज चाणक्य जिंदा होते तो आपकी कुटिलता से चौंक जाते। उनका कहना था कि सच्चाई यह है कि लोकसभा में हो रही चर्चा महिला आरक्षण विधेयक पर ही नहीं है, बल्कि परिसीमन पर भी है। प्रियंका ने कहा कि असलियत यह है कि मामला सिर्फ महिला आरक्षण विधेयक का नहीं है, बल्कि वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का है। उन्होंने कहा कि महिला कोटा का विचार ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ा है और इसकी शुरुआती पहल मोतीलाल नेहरू ने की थी। उन्होंने कहा कि मोदी भले ही दावा करें कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक दावों से परे है और विधेयक के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया। प्रियंका ने कहा कि राहुल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने का आग्रह किया था।

पीएम यहां राहुल का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन घर पर वे अपने शब्दों पर विचार करेंगे

उन्होंने कहा कि 2010 में, दिवंगत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का एक बार फिर प्रयास किया। यह राज्यसभा में पारित भी हो गया, लेकिन लोकसभा में इस पर सहमति नहीं बन पाई। 18 में, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा कि महिलाओं के लिए यह आरक्षण 19 तक लागू किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री यहां राहुल गांधी का मजाक उड़ा सकते हैं, लेकिन घर लौटने पर वे अपने शब्दों पर विचार करेंगे।

परिसीमन पर मोदी सरकार को मिला जगन रेड्डी का साथ

महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे ऐतिहासिक विधेयकों पर संसद में जारी घमासान के बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी ने इन विधेयकों पर सरकार का समर्थन करने का औपचारिक फैसला किया है। वाईएसआर के महासचिव सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा, हमें आबादी के आधार पर सीटों के बंटवारे के बजाय, लोकसभा सीटों में सीधे 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर कोई आपत्ति नहीं है। अगर किसी राज्य में 40 सीटें हैं, तो 20 और सीटें जोड़ी जाएंगी, 80 सीटों के लिए, 40 और। इससे सीटों का अनुपात बना रहता है और दक्षिणी राज्यों की चिंताओं का भी समाधान होता है। मुझे इसमें कोई कमी नजऱ नहीं आती, जबकि आबादी के आधार पर सीटों में बढ़ोतरी से निश्चित रूप से कई दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।

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