मोदी की अपील पर सियासी बवाल जारी

विपक्ष ने भाजपा नेताओं पर उठाए सवाल

  • मितव्ययिता सिर्फ नागरिकों के लिए है और राजनीतिक वर्ग के लिए नहीं : राज ठाकरे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील पर तीखी टिप्पणी की है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर ठाकरे ने पूछा कि आखिर पीएम समेत कई नेता खर्चीले सफर क्यों कर रहे हैं? ठाकरे ने अपने बयान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की स्विटजरलैंड यात्रा पर भी निशाना साधा है। उन्होंन लिखा कि दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययिता अपनाने की अपील की। ठाकरे ने लिखा- ठीक है, लेकिन प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता आज भी पूरे देश में विशाल काफिलों, रोड शो, हेलीकॉप्टरों, फूलों की बारिश और बेहद खर्चीले राजनीतिक अभियानों के साथ यात्रा कर रहे हैं, क्या प्रधानमंत्री यह स्वीकार करेंगे कि ऐसी राजनीतिक फिजूलखर्ची हमारी गलती थी और अब हम सब, मैं खुद भी, इसे दोहराएंगे नहीं? आम आदमी ही हमेशा त्याग क्यों करे? क्या मितव्ययिता सिर्फ नागरिकों के लिए है और राजनीतिक वर्ग के लिए नहीं?
मनसे चीफ ने लिखा कि आज कच्चे तेल की कीमतें लगभग 90-100 डॉलर प्रति बैरल के बीच हैं, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब दुनिया ने ऐसे दाम देखे हों। 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी, 2011-12 के अरब स्प्रिंग, 2013-14 के दौर (जब बीजेपी खुद यूपीए सरकार पर ईंधन कीमतों को लेकर तीखे हमले कर रही थी) और फिर 22-23 में ओपेक उत्पादन कटौती के समय भी तेल की कीमतें इसी स्तर तक पहुंची थीं। इन 3-4 अवधियों में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और एक बार नरेंद्र मोदी स्वयं इस पद पर थे। डॉ. मनमोहन सिंह ने कभी नागरिकों से विदेश यात्रा रोकने की अपील नहीं की। नरेंद्र मोदी ने भी पहले ऐसा नहीं कहा। तो अब क्यों?

लाखों करोड़ रुपये कमाए, वह पैसा गया कहां

उन्होंने लिखा कि जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल घटकर 60-65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, तब भी भारतीय नागरिक पेट्रोल-डीज़ल के लिए बहुत ऊंची कीमत चुका रहे थे क्योंकि सरकार ने भारी टैक्स लगाए हुए थे ईंधन करों से सरकार ने लाखों करोड़ रुपये कमाए वह पैसा गया कहां? उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने कभी रेवड़ी संस्कृति का मज़ाक उड़ाया था, लेकिन महाराष्ट्र से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक चुनाव अब इसी तरह की लोकलुभावन योजनाओं के जरिए लड़े और जीते जा रहे हैं।

इतना बड़ा स्टेटमेंट आने के बाद देश में पैनिक : सुले

शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 13 में पी चिदंबरम देश के वित्त मंत्री थे और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रें स में स्टेटमेंट दिया था कि अगर हम एक साल सोना न खरीदें तो बहुत मदद हो सकती है, उन्होंने ये नहीं कहा था कि सोना मत खरीदो, प्रधानमंत्री तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कहा था कि यूपीए सरकार आपके मंगलसूत्र तक पहुंच गई है। उन्होंने आगे कहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्टेटमेंट आया तो मुझे आश्चर्य हुआ। क्योंकि मोदी जी हल्के में स्टेटमेंट नहीं देते, बहुत सोच समझकर बोलते हैं, वरिष्ठ नेता हैं और देश के प्रधानमंत्री है, देश में बहुत सारे कारीगर और दुकानदार हैं। करोड़ों लोग सोने के व्यवसाय में हैं, उनकी रोटी उसी से चलती है, इतना बड़ा स्टेटमेंट आने के बाद देश में पैनिक हो गया। एनसीपी सांसद ने कहा, बहुत डर का माहौल भारत में हो रहा है एकदम से प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करिए। अगर प्रधानमंत्री कुछ कहें तो हम सब को उसको बारे में सोच विचार करना चाहिए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और मेरे खुद के अगर पार्लियामेंट के भाषण देखिए तो इकोनॉमिक क्राइसिस के बारे में हम सब कहते आ रहे हैं। सुप्रिया सुले ने ये भी कहा कि एक ऑल पार्टी मीटिंग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होनी चाहिए क्योंकि ये बयान उनका ही है, एक कॉन्फिडेंस हम सब को देना पड़ेगा। हम, कल भी आज भी और कल भी, अगर देश दिक्कत में होगा तो हम देश के साथ खड़े रहेंगे। हम इसमें राजनीति नहीं करना चाहते। लेकिन राजनीति से उठकर आज जो सत्ता में हैं, उनको सच देश को बताना पड़ेगा।

 

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