दुरंतो एक्सप्रेस में उड़ी नियमों की धज्जियां, FSSAI ने रेलवे प्रशासन से मांगा जवाब

मुंबई-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें ट्रेन के शौचालय के अंदर ही खाने के बर्तन धोए जा रहे थे. इस मामले को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने IRCTC को नोटिस जारी किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मुंबई-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें ट्रेन के शौचालय के अंदर ही खाने के बर्तन धोए जा रहे थे. इस मामले को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने IRCTC को नोटिस जारी किया है.

भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को दी जाने वाली कैटरिंग सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं. मुंबई-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें ट्रेन के शौचालय के अंदर ही खाने के बर्तन धोए जा रहे थे. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने IRCTC को नोटिस जारी किया है.

मामला लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन से जुड़ा है. वायरल वीडियो में कथित तौर पर ट्रेन के कैटरिंग स्टाफ को ट्रेन के टॉयलेट परिसर में खाने के बर्तन धोते हुए देखा गया. वीडियो सामने आने के बाद FSSAI ने इसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है. FSSAI ने 28 मई 2026 को IRCTC को वैधानिक नोटिस जारी कर पूरे मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट और एक्शन टेकन रिपोर्ट तत्काल देने के निर्देश दिए हैं.

FSSAI ने कहा है कि इस तरह की लापरवाही यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. खाद्य सुरक्षा नियामक के मुताबिक, यह मामला फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 के तहत निर्धारित स्वच्छता मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है. अब सभी की निगाहें आईआरसीटीसी की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं.

IRCTC ने लिया एक्शन
FSSAI ने IRCTC को रेलवे की सभी कैटरिंग सेवाओं में स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है. साथ ही चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं होने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सख्त कानूनी और नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है. वहीं FSSAI के नोटिस के बाद IRCTC से जवाब आया है.

IRCTC ने अपने बयान में कहा कि 24 मई 2026 की घटना के बाद तुरंत कार्रवाई की गई थी. सर्विस प्रोवाइडर पर जुर्माना लगाया गया और संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया. कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाते हैं.

यात्रियों की सुरक्षा और साफ-सफाई पर उठे सवाल
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फर्स्ट AC जैसे प्रीमियम कोच में, जहां बेहतरीन सुविधाएं और साफ-सफाई के ऊंचे मानकों की उम्मीद की जाती है ऐसी घटना हो सकती है, तो दूसरी श्रेणियों में हालात और भी बदतर होंगे. इसे खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मामला बताते हुए, यात्रियों ने इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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