UAE सरकार का बड़ा फैसला, 3 देशों के यात्रियों की एंट्री पर बैन, 6 जून से लागू हुआ नियम
यूएई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 3 देशों के यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है... 6 जून से लागू हुए इस नए नियम के बाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः संयुक्त अरब अमीरात दुनिया भर के यात्रियों के लिए एक पसंदीदा जगह है.. दुबई और अबू धाबी जैसे शहर हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करते हैं.. लेकिन अब इबोला वायरस के बढ़ते खतरे ने यात्रा योजनाओं पर असर डालना शुरू कर दिया है.. अमीरात और फ्लाईदुबई ने यात्रियों के लिए नया ट्रैवल अपडेट जारी किया है.. यूएई सरकार ने 6 जून 2026 से डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं.. यह कदम देश की जन-स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उठाया गया है..
आपको बता दें कि इबोला एक खतरनाक वायरस है.. जो इंसानों में तेजी से फैलता है.. यह बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर में रक्तस्राव और कमजोरी जैसे लक्षण पैदा करता है.. कई बार यह जानलेवा भी साबित होता है.. अफ्रीका के कुछ इलाकों में समय-समय पर इसके प्रकोप देखे जाते रहे हैं.. साल 2026 में डीआरसी, युगांडा और आसपास के इलाकों में फिर से इबोला के मामले बढ़ गए.. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की कि वायरस पड़ोसी देशों में फैल सकता है.. ऐसे में कई देशों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी.. यूएई ने भी अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाए..
यूएई सरकार ने नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी.. और फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटीजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी के साथ मिलकर यह नया फैसला लिया.. 6 जून 2026 को दोपहर 1 बजे से ये नियम लागू हो गए.. नए नियमों के मुताबिक, इन तीन देशों के नागरिकों के लिए सभी प्रकार के नए वीजा, जिनमें विजिट वीजा भी शामिल हैं.. फिलहाल जारी करना रोक दिया गया है.. इसका मतलब है कि इन देशों के लोग अब आसानी से यूएई नहीं आ पाएंगे.. वहीं यात्रियों के प्रवेश पर भी सख्ती की गई है.. जो कोई भी यात्री इन तीन देशों डीआरसी, युगांडा और दक्षिण सूडान से सीधे या किसी अन्य देश के रास्ते ट्रांजिट करके यूएई आ रहा है.. उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा.. एकमात्र छूट यह है कि यदि यात्री इन देशों से बाहर 21 दिन या उससे अधिक समय बिता चुका है.. तो उसे प्रवेश मिल सकता है.. हालांकि, इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और स्क्रीनिंग पूरी करनी होगी..
अमीरात एयरलाइंस और फ्लाईदुबई ने अपने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.. दोनों एयरलाइंस ने कहा है कि यात्रा करने से पहले नवीनतम नियम जरूर जांच लें.. यदि आपका टिकट इन देशों से जुड़ा है या आप वहां गए हैं.. तो अपनी उड़ान की स्थिति पहले ही जान लें.. कई यात्रियों की बुकिंग प्रभावित हो सकती है.. एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर अपडेट देखते रहें.. वहीं यह फैसला अचानक नहीं लिया गया.. यूएई सरकार लंबे समय से स्थिति पर नजर रख रही थी.. मई 2026 में जब इबोला के मामले बढ़े.. तब सबसे पहले यूएई के नागरिकों और निवासियों को इन देशों की यात्रा न करने की सलाह दी गई थी.. वहीं अब जब खतरा बढ़ा, तो प्रवेश नियम और सख्त कर दिए गए.. सरकार का कहना है कि यह केवल एहतियाती कदम है.. किसी देश के खिलाफ नहीं.. स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है..
आपको बता दें कि यूएई में बड़ी संख्या में अफ्रीकी देशों के लोग काम करते हैं.. कई लोग व्यापार, निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हुए हैं.. नए वीजा बंद होने से नई नौकरियां पाने वालों पर असर पड़ेगा.. परिवार के सदस्यों की मुलाकात भी मुश्किल हो जाएगी.. हालांकि, पुराने वीजा या रेजिडेंसी रखने वालों पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा.. लेकिन उनकी स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है.. बता दें कि इबोला का इतिहास काफी पुराना है.. वर्ष 1976 में पहली बार इबोला की पहचान हुई थी.. तब से कई बार इसके बड़े प्रकोप सामने आ चुके हैं.. 2014 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैला प्रकोप सबसे बड़ा था.. जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी.. वहीं अब 2026 में बंडिबुग्यो स्ट्रेन का खतरा सामने आया है.. यह स्ट्रेन पहले भी देखा जा चुका है.. वायरस आमतौर पर चमगादड़ों से शुरू होकर इंसानों तक पहुंचता है.. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, रक्त या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के जरिए यह फैलता है..
यूएई ने पहले भी ऐसी स्वास्थ्य आपदाओं में सावधानी बरती है.. कोविड-19 के दौरान यूएई ने तेजी से वैक्सीनेशन, स्क्रीनिंग और प्रभावी नियम लागू किए थे.. अब इबोला के लिए भी वही रणनीति अपनाई जा रही है.. एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच बढ़ा दी गई है.. यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, प्रश्नावली और आवश्यकता पड़ने पर टेस्ट भी किए जाएंगे.. अमीरात एयरलाइंस दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक है.. यह 150 से अधिक देशों में उड़ान भरती है.. वहीं, फ्लाईदुबई मुख्य रूप से मध्य पूर्व और आसपास के देशों में अपनी सेवाएं देती है.. दोनों एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे लचीले टिकट बुक करें.. यदि उड़ान रद्द होती है, तो रिफंड या री-शेड्यूलिंग के विकल्प उपलब्ध रहेंगे.. यात्रियों को मास्क, सैनिटाइजर साथ रखने और स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है..
वहीं इस फैसले का वैश्विक असर भी है.. कई अन्य देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं.. अमेरिका, बहरीन और कनाडा सहित कई देशों ने अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर पाबंदियां लगाई हैं.. भारत ने भी यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है.. लोगों को इन देशों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.. विश्व स्तर पर स्वास्थ्य संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.. यूएई में रहने वाले भारतीयों की संख्या बहुत अधिक है.. लाखों भारतीय दुबई और अबू धाबी में काम करते हैं.. कई लोग अफ्रीका के साथ व्यापार भी करते हैं.. ऐसे में उनके लिए इस अपडेट की जानकारी होना जरूरी है.. यदि कोई भारतीय इन देशों से आ रहा है.. तो उसे 21 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है.. नया वीजा प्राप्त करना भी मुश्किल हो गया है..
सरकार का यह कदम कितना जरूरी था.. इबोला अत्यंत संक्रामक बीमारी है.. यदि यह एक बार किसी देश में प्रवेश कर जाए.. तो इसके फैलने में ज्यादा समय नहीं लगता.. यूएई की आबादी विविध है और यहां दुनिया भर से लोग आते-जाते रहते हैं.. इसलिए सख्ती जरूरी मानी जा रही है.. हालांकि, अर्थव्यवस्था पर असर कम करने के लिए कार्गो और कुछ आवश्यक उड़ानों को छूट दी गई है.. यात्रियों को अपनी एयरलाइंस की वेबसाइट नियमित रूप से जांचनी चाहिए.. यूएई की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर भी नियम पढ़ने चाहिए.. यदि आप हाल ही में इन देशों में गए हैं.. तो 21 दिन तक प्रतीक्षा करें.. अपना स्वास्थ्य बीमा अपडेट रखें और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लें..



