कानपुर देहात में तालाब से मिला मिसाइलनुमा मोर्टार, इलाके में मचा हड़कंप; बम स्क्वॉड जांच में जुटा
कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के जसवापुर गांव में तालाब से मिसाइलनुमा मोर्टार मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस, एफएसएल टीम और बम स्क्वॉड जांच में जुटे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेराबंदी कर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक तालाब से मिसाइल जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने जब प्राथमिक जांच की तो आशंका जताई गई कि यह एक मोर्टार हो सकता है। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
तालाब में दिखी संदिग्ध वस्तु, ग्रामीणों ने दी सूचना
मामला गजनेर थाना क्षेत्र के जसवापुर गांव का है। ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित तालाब में एक ऐसी वस्तु देखी जो आकार और बनावट में मिसाइल जैसी प्रतीत हो रही थी। वस्तु को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया और लोगों को संदिग्ध वस्तु से दूर रहने की सलाह दी गई।
मोर्टार होने की आशंका, विशेषज्ञ जांच का इंतजार
मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बरामद वस्तु प्रथम दृष्टया मोर्टार जैसी दिखाई दे रही है। मोर्टार सैन्य उपयोग में आने वाला एक विस्फोटक उपकरण होता है, लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति, सक्रियता और क्षमता के बारे में अंतिम पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद ही की जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एफएसएल टीम जुटा रही साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र करने में जुट गई है। वहीं बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) को झांसी से बुलाया गया है। विशेषज्ञ टीम के पहुंचने के बाद मोर्टार को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने अथवा वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
सबसे बड़ा सवाल: तालाब तक कैसे पहुंचा मोर्टार?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर यह सैन्य विस्फोटक उपकरण तालाब तक पहुंचा कैसे। जांच एजेंसियां कई संभावित पहलुओं पर काम कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह किसी पुराने सैन्य अभ्यास का अवशेष तो नहीं, कबाड़ के रूप में यहां लाया गया हो या फिर किसी अन्य माध्यम से इसे यहां फेंका गया हो। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी और विशेषज्ञ रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों से की गई सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु को छूने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। ऐसी किसी भी वस्तु के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। फिलहाल जसवापुर गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बम स्क्वॉड और विशेषज्ञ टीम की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद इस रहस्यमयी मोर्टार की वास्तविक कहानी सामने आ सकेगी।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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