राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बढ़ रही रार

कांग्रेस ने पूरे देश में जोरशोर से उठाया मुद्दा

  • छत्तीसगढ़ की विस में उठा मामला
  • वोटों व जनता से मिले दान की चोरी करती है बीजेपी व आरएसएस : बघेल
  • मैने भी दान दिया इसलिए सदन में चर्चा हो : पूर्व सीएम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नर्ई दिल्ली। वोट चोरी के मामले अब यूपी से निकल अन्य राज्यों में उठने लगे हैं। यही नहीं अब तो विधानसभा में विपक्ष द्वारा जोर शोर उठाए जा रहे है। छत्तीतस गढ़ में ये मामला उभ जिस पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस एक तरफ़ वोटों की चोरी कर रहे हैं और दूसरी तरफ़ जनता से मिले दान की चोरी कर रहे हैं। उनके ये बयान राम मंदिर के लिए मिले दान की चोरी के आरोपों के बीच आए हैं। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, हमारे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अयोध्या राम तीर्थ क्षेत्र के लिए मिले दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में स्थगन प्रस्ताव पेश किया था। आपको रामशिला पूजा कार्यक्रम याद होंगे बीजेपी और आरएसएस के सदस्यों ने देश भर के गाँवों का दौरा किया और करोड़ों रुपये इक_ा किए।
आज तक उस पैसे का कोई हिसाब-किताब नहीं दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, तो लोगों ने फिर से दान दिया। छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों ने करोड़ों रुपये का दान दिया, हालांकि, निर्माण कार्य को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, खासकर यह आरोप कि 4० प्रतिशत कमीशन लिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने भी राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया था। सदन में मुझसे पूछा गया कि क्या मैंने, यानी भूपेश बघेल ने भी दान दिया है। मैंने जवाब दिया, हां, मैंने दिया था और वह रकम 1,2 1०० रुपये थी। मेरी तरह ही लाखों लोगों ने निर्माण में योगदान दिया। इसीलिए हम सदन में इस पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद भगवान राम को भी नहीं बख्श रहे हैं; वे एक तरफ़ वोटों की चोरी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ़ धार्मिक चढ़ावे की चोरी। भारतीय जनता पार्टी और उसके लोग ऐसा कर रहे हैं।

अकाउंटेंट को नजरअंदाज कर उसे ही हटा दिया गया

अकाउंटेंट महिपाल सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, चंपत राय जी ने उन्हें हटा दिया। कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि महिपाल सिंह और दीनानाथ वर्मा (जो पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े एक रिटायर्ड इंजीनियर थे) दोनों ही आरएसएस कार्यकर्ता थे जिन्हें चंपत राय ने नियुक्त किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर प्रोजेक्ट से जुड़े रिटायर्ड चीफ इंजीनियर वर्मा को तब हटा दिया गया, जब उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा 4० प्रतिशत कमीशन की कथित मांग के बारे में शिकायत की थी। सिंह ने कहा कि एक ईमानदार इंजीनियर ने चंपत राय जी से 4० प्रतिशत कमीशन की शिकायत की। अगले ही दिन उनसे कहा गया कि अब आप जा सकते हैं, आपका काम हो गया है। प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट का गठन उन्हीं की देखरेख में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया, पीएम मोदी चंपत राय जैसे व्यक्ति को बचा रहे हैं। जवाबदेही और जिम्मेदारी उन्हीं की है। ट्रस्ट के सदस्यों को उन्होंने ही नामित किया था।

चंपत राय को क्यों बचा रहे पीएम : दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को बचा रहे हैं और कहा कि ट्रस्ट के कामकाज के लिए जवाबदेही उन्हीं की है। सिंह ने अयोध्या मंदिर में दान की कथित चोरी को लोगों की आस्था पर एक चोट बताया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि लेकिन आज सबसे अहम मुद्दा हमारी गहरी आस्था पर लगी चोट है, जो अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी है, जो हमारे पूज्य देवता भगवान राम की जन्मभूमि है। यह एक ऐसा मकसद है जिसके लिए निर्मोही अखाड़े ने 150 से ज़्यादा सालों तक और गोरखनाथ ट्रस्ट के महंतों ने कम से कम एक सदी तक लड़ाई लड़ी है। अब, राम लला की वह मूर्ति कहां है, वही देवता जिन्होंने मंदिर को उसकी पहचान दी थी? सिंह ने आरोप लगाया कि अब ऐसे चढ़ावे से दान की रकम चोरी हो रही है। 4० दिनों में 71 बार चोरी हुई है। सीसीटीवी फुटेज भी गायब हो गया है।

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