आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों के उत्पीड़न पर गरजी रोडवेज यूनियन, आंदोलन की चेतावनी
गोरखपुर में यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने 36 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन से वार्ता की। आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों के उत्पीड़न पर कड़ा विरोध जताते हुए अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर रोडवेज में कर्मचारियों की समस्याओं और कार्य परिस्थितियों को लेकर बुधवार को यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन एवं प्रबंधन के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में यूनियन ने 36 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए संविदा और आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों के हितों की रक्षा की मांग की। प्रबंधन ने विभिन्न मुद्दों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
‘चालक-परिचालकों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा’
यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश मणि मिश्रा ने कहा कि गोरखपुर क्षेत्र में संविदा और आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण या उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बस स्टेशनों के आसपास संचालित अवैध वाहनों और कथित वाहन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पदोन्नति और स्थानांतरण में पारदर्शिता की मांग
बैठक में क्षेत्रीय मंत्री राजेश पांडेय ने कर्मचारियों की एसीपी से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण की मांग उठाई। उन्होंने वर्षों से एक ही पटल पर कार्यरत कार्यालय सहायकों के पटल परिवर्तन, स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुसार परिचालकों को बुकिंग क्लर्क पद पर पदोन्नति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत पदोन्नति प्रक्रिया नहीं अपनाई जानी चाहिए।
प्रबंधन ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने यूनियन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का नियमानुसार और शीघ्र समाधान किया जाएगा। बैठक में रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यूनियन के कई पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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