राहुल गांधी केबयान के बाद तिलमिलाई बीजेपी
लोकसभा में हंगामा कार्यवाही स्थगित

नेता प्रतिपक्ष ने अमित शाह पर लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद बोले- शाह ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का दिया था आदेश
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोक सभा में राहुल गांधी केकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बयान से भाजपा तिलमिला गई। पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने गृहमंत्री का लोकसभा में सामना न करने और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश देने का गंभीर आरोप लगाया।
इन आरोपों पर सत्ता पक्ष के कड़े विरोध और सबूत की मांग के बाद, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल के दावों को तथ्यात्मक आधार के बिना रिकॉर्ड पर न लेने की बात कही, जिसके बाद हंगामे के चलते कार्यवाही 3.०० बजे तक स्थगित कर दी गई।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में उनका सामना करने से डरते हैं। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि शाह ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया था और उन पर उनके खून में छर्रे उतारने का आरोप लगाया।

गृहमंत्री में संसद में आकर बैठने की हिम्मत नहीं
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि तथाकथित गृह मंत्री में संसद में आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। इन बच्चों के माता-पिता में बीजेपी-आरएसएस का सामना करने की हिम्मत नहीं थी, फिर भी बच्चे वहां डटे रहे और उन पर जो कुछ भी फेंका गया, उसका सामना किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में मौजूद न होने पर तंज कसते हुए गांधी ने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि तथाकथित गृह मंत्री में लोकसभा में आकर बैठने की हिम्मत नहीं थी। इसके बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने पुलिस को गोली चलाने का आदेश दिया था। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें वह आदेश पेश करने की चुनौती दी और कहा हमें वह आदेश दिखाएं।
रिजिजू ने आरोपों के आधार और सबूत पर उठाए सवाल
इन टिप्पणियों का सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गृह मंत्री के खिलाफ गांधी के आरोपों के आधार और सबूत पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी की टिप्पणियों को तब तक रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता : बिरला
स्पीकर ने भी राहुल की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियों को तब तक रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता, जब तक कि उनके दावों का कोई तथ्यात्मक आधार न हो। बिरला ने राहुल से तथ्यों पर बात करने को कहा। बिरला ने गांधी को याद दिलाया कि विपक्ष के नेता के तौर पर उनसे तथ्यों पर बात करने और बिल पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद की जाती है।
विपक्षी सांसदों ने राहुल जी को बोलने दो के नारे लगाए
विपक्षी सांसदों ने राहुल जी को बोलने दो के नारे लगाते हुए उनके भाषण जारी रखने देने की मांग की। सत्ता पक्ष का विरोध भी इस दौरान जारी रहा। लगातार विरोध प्रदर्शनों और व्यवधानों के बीच लोकसभा को दोपहर 2.3० बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष के नेता का शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर तीखा हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर तीखा हमला किया। उन्होंने जोशी को बलात्कारियों का बचाव करने वाला बताया और उन्हें इस पद पर नियुक्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर सवाल उठाए। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि जोशी ने बिलकिस बानो मामले में दोषी ठहराए गए लोगों का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति के पास शिक्षा मंत्रालय का प्रभार नहीं होना चाहिए। गांधी ने कहा कि बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति को चुना है जो बलात्कारियों का बचाव करता है। वह बेहद घटिया किस्म का इंसान है।
जो व्यक्ति कहता है कि बलात्कारियों को सुरक्षा की ज़रूरत है, उससे ज़्यादा घटिया इंसान कोई नहीं हो सकता। और आज वही व्यक्ति भारत का शिक्षा मंत्री है। उन्होंने प्रधानमंत्री की पसंद पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई अन्य मंत्री भी थे जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी।
जेन जेड का भरोसा जीतने के लिए पीएम को दिल का एंगल बदलना होगा : प्रियंका गांधी
लोस में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद ने भाजपा को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नयी दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया ‘इंस्टाग्राम’ वीडियो को लेकर लोकसभा में उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सरकार को ‘जेन जेड’ का भरोसा जीतना है तो उन्हें ‘कैमरे का एंगल’ नहीं, बल्कि ‘दिल का एंगल’ भी बदलना पड़ेगा। उन्होंने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए कि किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख किया और कहा कि लडक़े और लड़कियों की पीठ पर पडऩे वाली हर लाठी सरकार की पीठ पर पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘आज हम सदन में एक ऐसे विधेयक में संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो24 में पारित हो चुका था। इसमें मुख्य संशोधन यही है कि पेपर लीक के अपराधियों के लिए सजा बढ़ाई जाएगी, लेकिन जब से यह विधेयक पारित हुआ है सरकार ने एक भी अपराधी को सजा नहीं दी।’ उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि ‘फेस रिकगनिशन’ के जरिए, प्रदर्शन करने वाले बच्चों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन यही काम प्रश्नपत्र लीक के अपराधियों के लिए नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए क्योंकि वह असलियत से बहुत दूर हो चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘संसद में विपक्ष को दोषी ठहराने से, खोखले राजनीतिक खेल खेलने से काम नहीं चलेगा। अगर प्रधानमंत्री को ‘जेन जेड’ का भरोसा फिर से जीतना है तो नए-नए वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री को अपने कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा।’ कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि यह नयी पीढ़ी जागरूक है और इनमें झूठ पहचानने की अपार क्षमता है। उनका कहना था कि सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि युवाओं के साथ घोर अन्याय हुआ है। प्रियंका गांधी ने कहा, इस सच को स्वीकार कीजिए, जिम्मेदारी लीजिए, ठोस कदम उठाइए और विशेषज्ञों से बातचीत कर नयी शिक्षा प्रणाली तैयार कीजिए। प्रियंका गांधी ने सरकार पर कटाक्ष जारी रखते हुए कहा, मुझे सरकार से सिर्फ इतना ही कहना है कि अपनी साख बचाइए, नीयत ठीक करिए, अकड़ का इलाज कीजिए और अपने वादों पर अमल कीजिए, क्योंकि हमने इस सरकार में बड़ी-बड़ी चोरियां देखी हैं।
उन्होंने दावा किया कि चुनावों में वोट चोरी, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, किसानों की जमीन की चोरी और उद्योगपतियों द्वारा देश की संपत्तियों की चोरी हुई, लेकिन सबसे बड़ी चोरी तब हुई, जब देश के युवाओं का भविष्य और उनके सपने चुराए गए। उन्होंने कहा, अगर देश का युवा निराश हो गया, उसकी उम्मीद टूट गई तो सबसे बड़ी हार भारत की होगी।
प्रियंका की बयान पर संसदीय कार्य मंत्री ने जताई आपत्ति
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नये शिक्षा मंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी चरित्र हनन है और बिना सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को सत्यापित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जानी चाहिए। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार कोर्ट केआदेश की अनदेखी कर रही: सौरव दास
कॉजपा ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नयी दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियां वापस लेने और किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने के अपने वादे को पूरा नहीं किया, तो पार्टी फिर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
पार्टी ने आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय के हालिया अंतरिम आदेश को छात्रों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बयान में कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश की निर्देश संख्या चार उस आश्वासन के खिलाफ है, जो केंद्र सरकार ने 36 दिन का आंदोलन खत्म कराने के लिए बातचीत के दौरान दिया था। उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश की निर्देश संख्या चार में सरकारों को पहले से दर्ज प्राथमिकियां बरकरार रखने और जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है। दास ने कहा, यह निर्देश 25 जुलाई को भारत सरकार की ओर से देश के युवाओं को दिए गए आश्वासन और गारंटी के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि प्राथमिकियां वापस ली जाएंगी और शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निशाना नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉजपा ने सरकार के आश्वासन पर पूरे विश्वास के साथ अपना देशव्यापी आंदोलन वापस लिया था।
दास ने आरोप लगाया कि अब यह आशंका वाजिब है कि केंद्र और भाजपा शासित राज्य उच्चतम न्यायालय के आदेश का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले बरकरार रख सकते हैं। दास ने सवाल किया सरकारी वकीलों ने अंतरिम आदेश का विरोध क्यों नहीं किया, जबकि उन्हें पता था कि कॉजपा के साथ 25 जुलाई को ही समझौता हो चुका था। उन्होंने कहा, इसलिए अदालत का यह आदेश पूरी तरह स्वीकार्य नहीं है।
पुलिस अब भी छात्रों को परेशान कर रही : दीपके
‘टायफाइड’ से पीडि़त कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुलिस अब भी छात्रों को परेशान कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसपर रोक नहीं लगी, तो बहुत बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। दीपके ने कहा, अगर पुलिस छात्रों को परेशान करती रही, तो कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। सरकार को छात्रों को निशाना बनाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगानी चाहिए। कॉजपा ने जंतर-मंतर पर 36 दिन तक चला आंदोलन शनिवार को खत्म कर दिया था। पार्टी ने कहा था कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्राथमिकिंयां वापस लेने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई न करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों पर विचार करने समेत प्रमुख मांगें मान ली हैं।
आंध्र में मेगा डीएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर घिरे शिक्षा मंत्री नारा लोकेश
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अमरावती। अमरावती में वाईएसआरसीपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पूरे आंध्र प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और डीएससी-25 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की।
हालांकि, सत्ताधारी टीडीपी ने वाईएसआरसीपी के विरोध-प्रदर्शनों की कड़ी निंदा की। पार्टी का आरोप है कि आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भर्ती प्रक्रिया को सही ठहराए जाने के बावजूद, विपक्षी पार्टी मेगा ष्ठस्ष्ट भर्ती प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है। विपक्षी पार्टी के युवा और छात्र संगठनों द्वारा आयोजित ये विरोध-प्रदर्शन राज्य भर में जिला और निर्वाचन क्षेत्र के मुख्यालयों पर किए गए।
वाईएसआरसीपी के अनुसार, मेगा डीएससी के तहत की गई भर्ती प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुईं। मेगा ष्ठस्ष्ट भर्ती का ज़ोर-शोर से प्रचार किया गया था, लेकिन इसमें कई अनियमितताएं हुईं। शिक्षा मंत्री को नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार को इस भर्ती प्रक्रिया कीसीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए। पार्टी ने एक प्रेस रिलीज़ में आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में सरकारी स्कूलों में छात्रों के दाखिले में 5.5 लाख से ज़्यादा की कमी आई है और सरकार के इस दावे को गुमराह करने वाला बताया कि 1.1 लाख छात्र प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में चले गए हैं। इसमें यह भी दावा किया गया कि एकेडमिक ईयर शुरू हुए एक महीने से ज़्यादा समय बीत जाने के बावजूद कई स्कूलों में ज़रूरी पाठ्यपुस्तकें अभी तक नहीं पहुँची हैं और इस साल विद्या कनुका प्रोग्राम भी लागू नहीं किया गया है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि तल्लिकी वंदनम योजना से 22.6 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया है; इस योजना के तहत स्कूल जाने वाले हर बच्चे के लिए सालाना 15हजार दिए जाते हैं। उन्होंने पूरी फ़ीस की वापसी, वसति दीवेना योजना को फिर से शुरू करने और योग्य युवाओं को वादा किया गया 3,हजार का मासिक बेरोजग़ारी भत्ता देने की भी माँग की।
मप्र में भी भाजपा के खिलाफ किसान
सरकार से पहले दौर की वार्ता विफल, भोपाल की सडक़ों पर रात भर डटे रहे किसान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे किसानों से मंगलवार रात सरकार ने पहले दौर की वार्ता की जो बेनतीजा रही। इस वार्ता के दौरान किसानों को आश्वस्त किया गया कि सरकार उनकी जायज मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इसके बावजूद किसान पूरी रात सडक़ों पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। किसानों के प्रदर्शन के कारण नर्मदापुरम रोड पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और आसपास के इलाकों में जाम लग गया। पुलिस ने परेशानी से बचने के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा कर मंगलवार रात आगे बढ़ रहे हजारों किसानों को नर्मदापुरम रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले रोक लिया गया था। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में मौजूद स्कूलों में बुधवार सुबह छुट्टी की घोषणा की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोधक लगाए गए हैं तथा इसके अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) आदित्य राज सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं और यातायात मार्ग परिवर्तन प्रभावी है।
वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।’’ संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में यह पदयात्रा सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंची थी और मंगलवार को भोपाल पहुंची।
किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा : कंषाना
मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने आंदोलन कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘किसानों की प्रमुख मांगों, विशेषकर मूंग खरीद से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।’’ किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद, ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान और समय पर व उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता शामिल है। कंषाना ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा मूंग खरीद सहित अन्य विषयों पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं।



