राम मंदिर के बाद सिद्धिविनायक मंदिर में करोड़ों की चोरी! ठाकरे के दावे से मचा सियासी बवाल

अंग्रेज आये और देश को लूटकर चले गए, मुगल आये देश को लूटकर चले गए। लेकिन अब ऐसा दौर आ गया है जब अपने ही देश वाले अपने देश को लूट रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अंग्रेज आये और देश को लूटकर चले गए, मुगल आये देश को लूटकर चले गए। लेकिन अब ऐसा दौर आ गया है जब अपने ही देश वाले अपने देश को लूट रहे हैं।

दोस्तों लेकिन हैरानी की बात तो ये है कि आज कल न सिर्फ सरकारी कामों से पैसे गायब हो रहे हैं बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खेला जा रहा है। आलम ये है कि मंदिरों से चंदे गायब हो रहे हैं और कुछ लोग हैं जिन्हे फर्क भी नहीं पड़ रहा है।

दोस्तों सही सुना आपने दरअसल खबरों की माने तो एक के बाद एक मंदिर से चंदा चोरी हो रहा है और हिंदुत्व का दावा करने वाली भाजपा सरकार चुप्पी साधे हुए है। अभी आयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासी बवाल समाप्त नहीं हुआ की एक और मंदिर को चोरी को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने यहां प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का दावा करते हुए शनिवार को कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं.

मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए.

मनसे प्रमुख ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक पत्र पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया.

राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि अगर देश के बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों में आने वाला चढ़ावा ही सुरक्षित नहीं है तो फिर श्रद्धालु किस पर भरोसा करें? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मुद्दे पर बोलने की मांग की. हालांकि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन सदानंद सरवणकर ने चोरी के मामले में कार्रवाई की बात कही है और मंदिर की आय बढ़ने का अलग आंकड़ा सामने रखा है.

सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक राज ठाकरे ने दावा किया कि सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की रकम से हर साल 18 करोड़ रुपए की हेराफेरी की जा रही थी. उन्होंने मंदिर के ट्रस्टियों की ओर से लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि दानपेटी से पैसे निकालने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया.

ठाकरे के मुताबिक चोरी पकड़े जाने के बाद मंदिर की साप्ताहिक कमाई में बड़ा अंतर सामने आया. उन्होंने कहा कि पहले साप्ताहिक आय 50 लाख रुपए से कम थी जो बाद में बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपए हो गई. हालांकि यह राज ठाकरे का दावा है. मंदिर ट्रस्ट की ओर से चोरी की रकम 18 करोड़ रुपए सालाना होने की पुष्टि नहीं की गई है.

राज ठाकरे के मुताबिक युवा परेशान होकर मंदिरों में जाते हैं, लेकिन अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार हो रहा है तो यह चिंता की बात है. राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.

उनके आरोपों ने एक बार फिर मंदिरों में आने वाले दान और उसकी निगरानी को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है. वहीं इसी बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन और शिवसेना नेता सदानंद सरवणकर ने का कहना है कि चढ़ावे की चोरी के मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा, ‘हमने जहां भी जरूरी था, वहां मामले दर्ज कराए हैं.’

सरवणकर ने यह भी कहा कि मंदिर की आय बढ़ने के पीछे ट्रस्ट की ओर से किए गए प्रयास हैं. उनके अनुसार, मंदिर की आय दो साल पहले 114 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर 182 करोड़ रुपए हो गई है. यानी ट्रस्ट की ओर से सामने रखे गए आंकड़े राज ठाकरे के चोरी के दावे से अलग तस्वीर दिखाते हैं.

वहीं इसे लेकर शिवसेना UBT नेता संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश के सभी मंदिरों में चोरी हो रही है… सभी BJP के कंट्रोल में है…

सिद्धिविनायक मंदिर को लेकर राज ठाकरे की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला राजनीतिक विवाद बन चुका है. इसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।

भाजपाइयों और मौजूदा सरकार की सवाल किया जा रहा है लेकिन कुछ खास एक्शन नहीं हो रहा है। जो गिरफ्तारियां हुई भी हैं उन्हें लेकर यह कहा जा रहा है कि लोगों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। वहीं इसे लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में बीते शुक्रवार को ‘दान चोरी’ का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था.

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे. राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद समेत अन्य सांसदों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया.

वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज की गई. काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल के मुताबिक, कोतवाली थाने में साधु-संतों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म का अपमान किया गया.

जिसके बाद कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि- कौन हैं वह ढोंगी मंडली जिनकी मंदिर में चढ़ावा चोरी के नाट्य रूपांतर को देख कर भावनाएं आहत हो गईं? जब BJP और संघ वालों ने मिलकर श्री राम मंदिर में डाका डाला – तब भावनाएं नहीं आहत हुईं?

वहीं कांग्रेस ने भी बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा और चंदा चोरों को आड़े हाथों लिया। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं हुई, बल्कि शिला पूजन के समय से ही चोरी शुरू हो गई थी”

कुल मिलाकर दोस्तों अयोध्या से शुरू हुआ चढ़ावे का विवाद अब मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर तक पहुंच गया है. राज ठाकरे के 18 करोड़ रुपए सालाना चोरी के दावे ने मंदिर प्रशासन और चढ़ावे की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर आग बबूला है।

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