ब्रह्मांड में बढ़ता स्पेस जंक, क्या अब बच पाएगी इंसानियत?

अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले सैटेलाइट या रॉकेट इससे टकराकर नष्ट हो सकते हैं. ये कचरा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए भी खतरा बन सकता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों की जान खतरे में आ सकती है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले सैटेलाइट या रॉकेट इससे टकराकर नष्ट हो सकते हैं.

ये कचरा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए भी खतरा बन सकता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों की जान खतरे में आ सकती है. साथ ही भविष्य के स्पेस ऑपरेशन पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है.

धरती पर उल्कापिंड के खतरे से पहले ही दुनिया परेशान थी, लेकिन अब इंसानों के बनाए अंतरिक्ष के कूड़े का भी खतरा दुनिया पर मंडराने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक हर हफ्ते करीब एक टन या उससे ज्यादा वजन की कोई न कोई वस्तु अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में लौट रही है. सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में अंतरिक्ष का ये कूड़ा 8 अरब लोगों के लिए बड़ा खतरा बनने जा रहा है?

दुनिया इस वक्त सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है. युद्ध से लेकर प्राकृतिक आपदा तक, वर्ल्ड वॉर के खतरे से लेकर इंसानों पर आने वाले सबसे बड़े संकट तक, ये दुनिया एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रही है. लेकिन अब 8 अरब लोगों की जान पर एक ऐसा आसमानी खतरा मंडरा रहा है. जिसने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

इंसानी वजूद के लिए खतरे का अलार्म

ये खतरा उस तीसरी दुनिया का है, जो पृथ्वी से परे और आकाशीय पिंडों के बीच मौजूद है. जिसे अंतरिक्ष कहा जाता है. रहस्यों से भरी इस दुनिया में तमाम विज्ञानवीर भटक रहे हैं. रहस्यों को जानने की खोज में जुटे हैं लेकिन इंसान की यही खोज अब इंसानी वजूद के लिए खतरे का अलार्म बजा रही है. जिस अंतरिक्ष में इंसान ने नई दुनिया बनाने का सपना देखा था. वहीं अब धीरे-धीरे कूड़ाघर बनता जा रहा है.

पुराने सैटेलाइट, फेल हुए मिशन, रॉकेट के छोड़े गए हिस्से और टकराव में टूटे लाखों टुकड़े, सब मिलकर पृथ्वी के चारों ओर एक खतरनाक जाल बना रहे हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतरिक्ष में फैला कबाड़ तेजी से धरती के वायुमंडल में लौट रहा है. करीब 1 टन से ज्यादा कचरा हर हफ्ते धरती के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश कर रहा है.

कई मलबा जमीन पर आकर गिरा

अमेरिकी स्पेस फोर्स ने पिछले साल करीब 820 कचरे के टुकड़ों को लेकर अलर्ट जारी किया था. ज्यादातर टुकड़े रास्ते में जल जाते हैं. लेकिन कई मलबा जमीन पर आकर गिर रहा है.

अंतरिक्ष में भेजे जा रहे रॉकेट और सैटेलाइट बढ़ने के साथ ये खतरा तेजी से बढ़ रहा है. पिछले कुछ सालों में अमेरिका, कनाडा, पोलैंड, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया में रॉकेट या सैटेलाइट के हिस्से धरती पर गिर चुके हैं. यानी अंतरिक्ष की दौड़ जितनी तेज हो रही है, उसका कचरा भी उतनी ही तेजी से वापस हमारे बीच आ रहा है.

पिछले कुछ सालों में कई देशों में लोगों के घरों, खेतों, जंगलों और खुले इलाकों में अंतरिक्ष से गिरे बड़े धातु के टुकड़े मिले हैं. अब तक इनमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. लेकिन अब इन कूड़ों को लेकर वैज्ञानिक चिंता जता रहे हैं.

अब रिटायर होने वाले हैं कई सैटेलाइट

दुनियाभर के देश लगातार सैटेलाइट मिशन लॉन्च कर रहे हैं. वहीं कई सैटेलाइट अब रिटायर होने वाले हैं. जिससे पृथ्वी के वायुमंडल में सैटेलाइट के मलबे की री एंट्री की रफ्तार बढ़ेगी. एक स्टडी में अनुमान लगाया गया कि 2035 तक हर दो साल में सैटेलाइट से निकलने वाला मलबा किसी व्यक्ति की मौत या चोट का खतरा पैदा कर सकता है.

अंतरिक्ष पर किसी एक देश का नियंत्रण नहीं है. किसी देश का छोड़ा मलबा किसी दूसरे देश पर गिर सकता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक अब वैश्विक नियम, बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम और पुराने सैटेलाइट को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग कर रहे हैं.

पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी समस्या

अंतरिक्ष में कचरा, पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी समस्या है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष में 13,000 टन से ज्यादा मानव निर्मित कचरा है. इनमें शामिल रॉकेट के मलबे वाला कचरा 4 हजार टन से अधिक है. पिछले साल दुनिया में 300 से ज्यादा रॉकेट लॉन्च हुए. ये संख्या करीब एक दशक पहले की तुलना में लगभग चार गुना है. ऐसे में सवाल ये है कि अंतरिक्ष में फैला कचरा कितना खतरनाक है.

अंतरिक्ष में फैले कचरे को स्पेस जंक भी कहते हैं. स्पेस जंक का मतलब उस सैटेलाइट, रॉकेट से है जो अंतरिक्ष में छोड़ा गया, लेकिन अब वो काम करना बंद कर चुका है और इस समय भी ऑर्बिट में है. इसमें उन अंतरिक्ष मिशनों के अवशेष भी शामिल हैं जो या तो फेल हो गए या फिर अपनी समय सीमा पूरी करके DEAD हो चुके हैं.

सोवियत संघ ने भेजा था पहला सैटेलाइट

जैसे कि 1957 में सोवियत संघ ने जो पहला सैटेलाइट स्पुतनिक भेजा था, वो आज तक स्पेस का कूड़ा बनकर धरती की ऑर्बिट में घूम रहा है. स्पेस में फैला कचरा ना सिर्फ इंसानों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहा है. बल्कि भविष्य में धरती से लॉन्च किए जाने वाले अभियानों के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकता है.

जैसे-जैसे अंतरिक्ष में भीड़ बढ़ रही है. वैसे-वैसे खतरा भी बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों की चेतावनी साफ है, अगर अभी अंतरिक्ष की सफाई नहीं हुई. तो आने वाले सालों में यही कूड़ाघर इंसानों के लिए नई आफत बन सकता है.

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