गिरिराज सिंह के बयान पर कश्मीर में घमासान
भाजपा नेता ने महबूबा को बताया था आतंकी

- पीडीपी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर किया पलटवार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पीडीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को आतंकी बताने पर सियासी घमासान मच गया है। विपक्ष समेत पीडीपी ने इस पर पलटवार किया है। पीडीपी ने केंद्रीय मंत्री को सीख देते हुए कहा है कि ऐसी भाषा का लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में कहीं कोई स्थान नहीं है।
पार्टी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत हमलों के बजाय बहस और बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए और आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों से सार्वजनिक चर्चा का स्तर गिरा है, पीडीपी ने राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक बयानों में संयम बरतने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया। बता दें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अनुच्छेद 37० को हटाए जाने के सात साल पूरा होने की संध्या पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन करने पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती की आलोचना की। सिंह ने कहा- महबूबा मुफ्ती एक आतंकवादी हैं। मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह लंबे समय तक आतंकवादियों का साथ देती रहीं। उन्होंने कुछ समय हमारे साथ बिताया और हमने उन्हें सही रास्ते पर लाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं बदलीं, तो हमने उन्हें जाने दिया।
लोकतांत्रिक देश में इनके लिए कोई जगह नहीं : पीडीपी
- श्रीनगर में धरने पर उल्टा राष्ट्रध्वज थामे दिखीं पूर्व सीएम
पीडीपी ने एक बयान में कहा कि पार्टी केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह की उस टिप्पणी की कड़ी निंदा करती है जिसमें उन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को आतंकवादी कहा है, ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और भडक़ाऊ बयान एक केंद्रीय मंत्री को शोभा नहीं देते और लोकतांत्रिक देश में इनके लिए कोई जगह नहीं है। बता दें पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मंगलवार रात यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान उल्टा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए दिखाई दीं, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। मुफ्ती ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 37० और अनुच्छेद 35ए को निष्प्रभावी करके जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में श्रीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रध्वज और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का झंडा थामे हुए थीं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रध्वज गलती से उल्टा पकड़ा गया था। अधिकारियों ने बताया कि अब पीडीपी प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना भारत की ध्वज संहिता का उल्लंघन माना जाता है। नियमों के अनुसार, राष्ट्रध्वज में सबसे ऊपर हमेशा केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए। सफेद रंग पर 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होना अनिवार्य है।



