NALSAR विवाद: मनन मिश्रा के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, ‘लीगल कॉकरोच’ बोले- इस्तीफा दें BCI अध्यक्ष
नालसार विवाद के बाद BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. CJP के 'लीगल कॉकरोच' आज उनके खिलाफ हल्लाबोल कर रहे है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नालसार विवाद के बाद BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. CJP के ‘लीगल कॉकरोच’ आज उनके खिलाफ हल्लाबोल कर रहे है. यह विरोध-प्रदर्शन ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने बुलाया है.
बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने उनके खिलाफ हल्लाबोल का ऐलान किया है. सीजेपी के ‘लीगल कॉकरोच’ आज सुबह 10 बजे मनन मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका इस्तीफा मांग रहे हैं. दरअसल, यह पूरा विवाद नालसार यूनिवर्सिटी में दाखिले को लेकर बीसीआई के दखल से जुड़ा है.
कल यानी बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी. दास ने कहा, ‘लीगल कॉकरोचेस’ एकजुट हो गए हैं और कल सुबह 10 बजे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे और उनके इस्तीफे की मांग करेंगे. यह विरोध-प्रदर्शन ‘ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन’ ने बुलाया है. मैं किसी भी ऐसे शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करता हूं, जो जवाबदेही की मांग करता हो और पद पर बैठे लोगों से अच्छे आचरण की उम्मीद रखता हो.
मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग क्यों हो रही है?
बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग उनके एक आदेश को लेकर हो रही है जिसमें राज्य बार काउंसिलों को कहा गया था कि वे नालसार यूनिवर्सिटी से इस साल पास हुए वकीलों को दाखिला न दें. इसके बाद वहां के छात्रों ने इसका विरोध किया और बाद में आदेश वापस लिया गया. बाद में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने भी इस आदेश को लेकर बीसीआई की कड़ी आलोचना की.
नालसार यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद क्या है?
दरअसल, कुछ दिन पहले नालसार यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था. इस समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने का प्रस्ताव था. मगर वहां के कुछ छात्रों ने संस्थान के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखकर इसका विरोध किया. छात्रों का कहना था कि जंतर-मंतर पर इतना कुछ हुआ सीजेआई ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ली.
नालसार के छात्रों ने इसे असंवेदनशील रवैया बताया. छात्रों का कहना था कि नालसार में उन्हें संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और असहमति की आवाज का सम्मान करना सिखाया गया है इसलिए उस व्यक्ति से डिग्री लेना उन्हें असहज कर रहा है. बस क्या था. इसके बाद इसमें बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया की एंट्री हो गई. बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सभी राज्य बार काउंसिलों को आदेश दिया है कि अगले निर्देश आने तक नालसार यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के किसी भी लॉ ग्रेजुएट को वकील के रूप में रजिस्टर न करें.
BCI ने यह कहा कि वह नालसार यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में CJI की भागीदारी के खिलाफ चलाए गए अभियान से जुड़े आरोपों की जांच कर रहा है. इसके कुछ ही घंटे बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बवाल मच गया. CJP ने इस मुद्दे को लपक लिया और बीसीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने विरोध प्रदर्शन की धमकी दी. इसके बाद BCI ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया.
CJI ने की BCI की आलोचना
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बीसीआई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह हमारे और छात्रों के बीच की बात है. इसमें बीसीआई को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है. अदालत छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने से नहीं रोकेगी. उन्होंने छात्रों पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई को नोटिस भी जारी किया.
मनन मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगी
स्वतंत्रता दिवस पर बयान जारी बीसीआई अध्यक्ष ममन कुमार मिश्रा ने लॉ छात्रों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं. खेद जताना अहंकार का विषय नहीं, बल्कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान है. इसके बावजूद उनके खिलाफ हल्लाबोल का ऐलान किया गया है. उनके इस्तीफे की मांग की गई है.



