स्टालिन का मीसा के तहत जेल जाने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं: निर्मल कुमार

- तमिलनाडु सरकार के मंत्री ने डीएमके को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रमुख एम. के. स्टालिन को उनकी हिरासत के आधिकारिक आदेश की प्रति दिखाने की शनिवार को चुनौती दी और इस दावे पर सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री को आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) के तहत जेल में रखा गया था। राज्य के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को प्रताडऩा झेलने वाले नेता के रूप में पेश करने के द्रमुक के पुराने दावे को सही साबित करने वाला कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि द्रमुक अध्यक्ष को 1975-77 के आपातकाल के दौरान कड़े मीसा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। निर्मल कुमार ने 17 सितंबर को होने वाले श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि मीसा के तहत हिरासत में लिए जाने के स्टालिन के दावे की पुष्टि करने वाले आधिकारिक आदेश की कोई प्रति मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा, हिरासत के आदेश की कोई प्रति नहीं है, मीसा के तहत कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने विपक्षी द्रमुक पर स्टालिन को अपुष्ट ऐतिहासिक दावों के आधार पर राजनीतिक उत्पीडऩ का शिकार हुए नेता के रूप में पेश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कुमार ने कहा, मूल सवाल यही है कि उन्हें मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था या नहीं। उन्होंने कहा, अगर किसी व्यक्ति को इस तरह के कानून के तहत गिरफ्तार किया जाता है तो उसकी हिरासत के औपचारिक आदेश की प्रति जरूर होती है। क्या स्टालिन या द्रमुक के पास ऐसे किसी आदेश की प्रति है? मंत्री ने द्रमुक के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि करीब 40 साल से जारी इस विवाद को पार्टी जितनी बार उठाती है, उसे उतना ही नुकसान होता है।



