ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार भी: राहुल
राहुल गांधी बोले- राष्ट्रपति ने मांगे वोट चोरी के सबूत

- नेता प्रतिपक्ष बोले- फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत
- 2014 के बाद सही से काम नहीं कर रही चुनाव प्रकिया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। चुनाव आयोग में कथित गड़बडिय़ों और मु्ख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ केंद्र सरकार विपक्ष के आरोपों को खारिज करते मामले में सफाई देने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है। इसी बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए एक बार फिर ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांंधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत। आपको बता दें कि यह वीडियो पुराने संसद भवन में आयोजित एक कार्यक्रम की है।
कांग्रेस नेता ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्यों की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। नाम जोडऩे और हटाने की इस प्रक्रिया से कुछ हजार नहीं बल्कि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इसे भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने वाला और देशद्रोह के बराबर का कदम बताया है। उन्होंने आगे कहा कि इस समस्या को हल करने के लिए मौजूदा सरकार को हटाना होगा और जो नुकसान हुआ है, उसे ठीक करने में 10 साल लगेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को हुआ नुकसान किसी एक व्यक्ति से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा आगे कहा कि एक के बाद एक चुनाव होते रहते हैं, और हम जानते हैं कि कभी जीत मिलती है तो कभी हार। चुनावी नतीजों का मकसद लोगों की बदलती पसंद को दिखाना होता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं कर रही है। इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं के 10-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को एक चार-सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए चुनाव आयोग के कामकाज में कथित दखल और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की है। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उनकी बात को सुना और विपक्षी गठबंधन से वोट चोरी के सबूत पेश करने को कहा है। राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजऩ को रोकने, पेपर बैलेट व्यवस्था को फिर से लागू करने और पिछले दो सालों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की गई है, जिनमें विपक्ष का दावा है कि वोट चोरी के सबूत मिले हैं। यह बैठक तब हुई जब विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें विजय चौक पर रोक दिया। कई नेताओं ने उस जगह पर धरना दिया, जबकि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने आगे बढ़ गया।
इंडिया गठबंधन एकजुट है : ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू विपक्ष की चिंताओं पर गौर करने के लिए तैयार हो गई हैं और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से सबूत देने को कहा है। बनर्जी ने कहा, हमने एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि वह जांच करेंग वह विवरण देखेंगी और उन्हें सबूत चाहिए। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इक_ा की गई सामग्री सौंपेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट है और 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा इंडिया गठबंधन
कांग्रेस नेता ने यह भी घोषणा की कि गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा, भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलेगा और मेमोरेंडम सौंपेगा। उन्होंने कहा, हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे और उन्हें मेमोरेंडम सौंपेंग। खरगे ने कहा कि विपक्ष ने चुनाव आयोग के कामकाज पर चिंता जताई है और उस पर कथित वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने नेताओं से उनके आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा है और विपक्षी गठबंधन इस संबंध में जानकारी जुटा रहा है।खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।



