पंजाब के बाद गुजरात पर अरविंद केजरीवाल की नजरें

लखनऊ। पंजाब में प्रचंड जीत के बाद अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की नजरें गुजरात पर हैं। केजरीवाल ने आज से गुजरात में चुनावी बिगुल फूंका। केजरीवाल के दो दिनों के दौरे पर उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हैं। आज दोनों मुख्यमंत्री सुबह साबरमती आश्रम पहुंचे, यहां पर सीएम केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने साबरमती आश्रम में चरखे पर सूत काटने का अभ्यास किया। पंजाब सीएम भगवंत मान ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मान ने कहा कि पंजाब में हर घर में चरखा होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोग गांधी जी का बहुत सम्मान करते हैं। वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे यहां राजनीति पर चर्चा नहीं करेंगे। केजरीवाल ने साबरमती में दर्शन के बाद वहां विजिटर्स पुस्तिका पर लिखा यह आश्रम एक आध्यात्मिक स्थान है। एसा प्रतीत होता है जैसे यहां गांधीजी की आत्मा बसती है। यहां आकर आध्यात्मिक अनुभूति होती है। मैं स्वयं को को धन्य मानता हूं कि उस देश में पैदा हुआ जिस देश में गांधी जी पैदा हुए। दो दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान अहमदाबाद में मेगा रोड शो थोड़ी ही देर में निकालेंगे। आम आदमी पार्टी के कैपेंनिंग कमेटी के अध्यक्ष गुलाब सिंह यादव ने कहा कि गुजरात में बीजेपी का शासन है। ऐसे में यहां भी बीजेपी कार्यकर्ता केजरीवाल का विरोध या हमला कर सकते है। इसकी जानकारी अहमदाबाद पुलिस को भी दी गई है।

शिवपाल ने पीएम मोदी और सीएम योगी को किया ट्विटर पर फॉलो

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने राजनीति में बड़े संकेत दिए हैं। शिवपाल सिंह यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को ट्विटर पर फॉलो कर लिया है। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी फॉलो किया है। शिवपाल सिंह यादव ने पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को भी फॉलो किया है। इससे पहले शिवपाल सिंह पीएमओ और सीएमओ को ही फॉलो करते थे। शिपवाल सिंह यादव अब इन नेताओं को पर्सनली फॉलो कर रहे हैं। शिवपाल सिंह यादव के इस कदम से एक बार फिर से राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इससे पहले चर्चा थी कि शिवपाल यादव ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुकाकात की थी, उसके बाद शिवपाल यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। सूत्र बताते हैं कि इटावा से दिल्ली जाने के दौरान शिवपाल ने पूर्व विधायक हरिओम यादव से भी मुलाकात की थी। इससे पहले, विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया था। यह भी कहा कि वक्त आने पर बोलेंगे।

शिवपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट हुई है। भविष्य के फैसले पर कहा कि वक्त आने पर इसका खुलासा करेंगे। सियासी गलियारे में इस मुलाकात को भविष्य में होने वाले विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल इस हलचल के बीच भाजपा और सपा के नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सपा के साथ गठबंधन करने के बाद शिवपाल को उम्मीद थी कि उनकी पार्टी के नेताओं को भी टिकट मिलेगा। उन्होंने करीब 25 नेताओं की सूची अखिलेश यादव को सौंपी। यह कहा कि जो भी जिताऊ हों, उन्हें टिकट दे दें। लेकिन सपा ने सिर्फ उन्हें ही टिकट दिया। ऐसे में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रसपा के कई नेता दूसरे दलों में चले गए। लेकिन ज्यादातर उनके साथ जुड़कर चुनाव अभियान में उतरे। इसके बाद भी विधायक मंडल दल की बैठक में नहीं बुलाए जाने को वे अपनी उपेक्षा के तौर देख रहे हैं।

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