अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में बदलाव, जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा
बीजेपी के सीनियर नेता और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बीजेपी के सीनियर नेता और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है.कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था. इसकी वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा.
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है.
जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के नेता हैं, उन्हें राज्य चुनावों के मद्देनजर राज्यसभा में लाया गया था. 21 जून को जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त हो गया था. राज्यसभा में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति भवन द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
21 जून को कार्यकाल समाप्त
अल्पसंख्यक मामलों के पोर्टफोलियो के अलावा, कुरियन मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में भी कार्यरत थे. मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में कुरियन का कार्यकाल और उसके बाद अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल आधिकारिक तौर पर 21 जून, 2026 को समाप्त हो गया.
दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा
बीजेपी ने पहले ही संकेत दे दिया था कि पार्टी जॉर्ज कुरियन को फिर राज्यसभा नहीं भेज रहे हैं. जॉर्ज कुरियन की जगह मध्य प्रदेश से बीजेपी के महासचिव तरुण चुग को राज्यसभा का टिकट दिया गया. तभी से उनके इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे. जॉर्ज कुरियन केंद्रीय राज्य मंत्री बनने के बाद अगस्त 2024 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे.
केरलम चुनाव में खराब प्रदर्शन
जॉर्ज कुरियन ने इस साल केरल में हुए विधानसभा चुनावों में कंजीरापल्ली से चुनाव लड़ा था. हालांकि, कुरियन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम द्वारा उसी निर्वाचन क्षेत्र से हासिल किए गए वोट भी नहीं मिले. । कहा जाता है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नॉमिनेट नहीं किया गया.
कौन हैं जॉर्ज कुरियन
65 साल के जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे. वो बीजेपी के कद्दावर नेता हैं और 1980 में पार्टी की शुरुआत से ही इसके सदस्य रहे हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर भी प्रैक्टिस की है.
जॉर्ज कुरियनका जन्म 20 सितंबर, 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगरपालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था. उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया. उन्होंने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून, 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला. इससे पहले, कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे.



