सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण पर कोहराम

शिवसेना यूबीटी का सामना से तीखा प्रहार

  • किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली
  • एनसीपी अध्यक्ष को लेकर भी बवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम घट रहे हैं, उन्होंने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिग्गज नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार का आनन-फानन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेना एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे चुका है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और राकांपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्षी शिवसेना ने दावा किया कि राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पीछे का ‘सूत्रधार’भाजपा का नेतृत्व है। सुनेत्रा ने अपने पति अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।
शिवसेना के मुखपत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेतृत्व और राकांपा नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल राकांपा के दोनों धड़ों का विलय नहीं चाहते हैं। पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में राकांपा नेता एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत के ठीक तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे तेजी से घटे इस घटनाक्रम को लेकर कुछ वर्गों से आलोचना भी हुई। राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में ‘कोई जानकारी नहीं’ थी। ‘सामना’ में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो राकांपा (शप) अध्यक्ष शरद पवार, न ही उसकी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी। संपादकीय में यह भी कहा गया कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई रवाना होने का जरा-सा भी संकेत नहीं दिया था। उद्धव ठाकरे ने दावा किया, ‘भाजपा नेतृत्व इस पूरी राजनीति का सूत्रधार है।’’ उसने कहा, अजित पवार की मृत्यु के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्रकी राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि इन मुद्दों का समाधान न हो।

फडणवीस की मेहरबानी पर निर्भर हैं सुनेत्रा और शिंदे

सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों का अस्तित्व फडणवीस की मेहरबानी पर निर्भर है। संपादकीय में कहा गया है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद महज दिखावटी नहीं होना चाहिए। इसमें यह भी आशा व्यक्त की गयी है कि वह ‘गूंगी गुडिय़ा’ न होकर प्रभावी ढंग से काम करेंगी। इसमें दावा किया गया है कि राकांपा का ‘सनातनी विचारधारा वाली’ भाजपा के साथ गठबंधन है और सुनेत्रा पवार द्वारा अपने पति के अंतिम संस्कार के बाद की रस्मों के पूरा होने से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।

एनसीपी लोकतांत्रिक तरीके से चुनेगी अपना नया नेता: प्रफुल्ल पटेल

एनसीपी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी अटकलों पर अब विराम लग गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से निराधार बताया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने जा रहे हैं। पटेल ने कहा कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स पूरी तरह से निराधार हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है। पटेल ने कहा, मैंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरी नियुक्ति के बारे में चल रही कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पार्टी अपनी लीडरशिप चुनने के लिए अपनी स्थापित आंतरिक प्रक्रिया का पालन करेगी। उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक लोकतांत्रिक संस्था है। इतने बड़े फैसले हमारे सीनियर लीडरशिप और विधायकों से सलाह करके, हमारे समर्पित पार्टी पदाधिकारियों के साथ बातचीत करके, और हमारे सभी पार्टी सदस्यों की भावनाओं और सामूहिक इच्छा का सम्मान करके ही लिए जाएंगे। एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते, हम इन मामलों में स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हैं ।

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