बजट में तमिलनाडु के लिए कुछ भी ठोस नहीं

- कनिमोझी ने कहा- केंद्र हमें कुछ नहीं दे रहा लेकिन दुर्लभ खनिजों का खनन करना चाहता है
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। द्रविड़ मुन्नेत्र कजग़म (डीएमके) की सांसद कनिमोझी ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि विस चुनाव नजदीक होने के बावजूद तमिलनाडु को महत्वपूर्ण आवंटनों और घोषणाओं में नजरअंदाज किया गया है। बजट पर बोलते हुए कनिमोझी ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है। अधिकांश राज्यों ने 50 प्रतिशत धनराशि के आवंटन का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने केवल 41 प्रतिशत ही आवंटित किया है। यह सभी राज्यों के लिए बेहद निराशाजनक है और इस बजट में कुछ भी ठोस नहीं है।
कनिमोझी ने आगे कहा कि आगामी चुनावों के बावजूद यह बजट तमिलनाडु को कोई ठोस लाभ नहीं देता है और इसे राज्य के लिए निराशाजनक बजट बताया। कनिमोझी ने कहा कि चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी उन्होंने तमिलनाडु के लिए कुछ भी घोषित नहीं किया है। वे हमें कुछ नहीं दे रहे हैं, लेकिन फिर वे तमिलनाडु से दुर्लभ खनिजों का खनन करना चाहते हैं। यह बेहद निराशाजनक बजट है।
बजट से केरल को बस निराशा मिली : वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय बजट 2026-2027 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे केरल के लिए घोर निराशा बताया और आरोप लगाया कि यह आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से केरल के लिए कोई विशेष घोषणा न होने पर सवाल उठाया, खासकर राज्य में एम्स की स्थापना के लंबे समय से लंबित वादे का। उन्होंने कहा कि केरल के लिए क्या घोषणा की गई है? केरल के लिए घोर निराशा। पिछले दस वर्षों से वे केरल को एम्स देने का वादा कर रहे हैं। इस बजट में केरल के लिए एम्स का कोई जिक्र नहीं है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह आम नागरिकों की चिंताओं को संबोधित नहीं करता है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं है। यह बड़े कॉरपोरेट घरानों का बजट है। बजट को सारहीन बताते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि लोग इस बजट का स्वागत कैसे कर सकते हैं? इसमें कुछ भी नहीं है। यह बजट पूरी तरह खोखला है। इससे पहले दिन में, वेणुगोपाल ने केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक दिशाहीन सरकार का बेजान, भावनाहीन बजट बताया, जो आम भारतीयों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहा है और उनके गृह राज्य केरल के लिए कुछ खास नहीं करता है।



