महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों को लेकर घमासान

  • बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और एनसीपी के बीच विवाद
  • छत्रपति संभाजीनगर नासिक और पुणे सीटों पर महायुति में रार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों को लेकर फिर घमासान मचा है। सत्तारुढ़ महायुति का सीट बंटवारा फंसा हुआ है, जहाँ 17 में से तीन अहम सीटें – नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे – बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और एनसीपी के बीच विवाद की वजह बन गई है। इनको लेकर तीनों दलों के बीच रार मच गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना नासिक और संभाजीनगर पर पारंपरिक गढ़ होने का दावा कर रही है, जबकि एनसीपी पुणे पर जोर दे रही है, वहीं भाजपा तीनों सीटों पर अपना हक जता रही है। इस खींचतान के बीच मौजूदा 12:3:2 के फॉर्मूले पर भी शिवसेना की आपत्ति ने सियासी पेंच और उलझा दिया है।
महायुति ने स्थानीय निकायों के द्विवार्षिक एमएलसी चुनावों के लिए 12:3:2 का फॉर्मूला तय कर लिया है। हालांकि, 17 सीटों में से तीन सीटें – नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे – गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच विवाद का मुद्दा बनी हुई हैं। इन सीटों को लेकर भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच खींचतान शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नासिक और संभाजीनगर सीटों पर दावा जताया है, जबकि एनसीपी पुणे सीट पर जोर लगा रही है। वहीं, भाजपा ने तीनों सीटों पर अपना दावा पेश किया है।

बातचीत के जरिए विवादों का समाधान करेंगे : फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महायुति के सहयोगी दल बातचीत के जरिए विवादों का समाधान करेंगे। उन्होंने बताया कि नासिक और संभाजीनगर सीटों को लेकर शिवसेना से और पुणे सीट को लेकर एनसीपी से बातचीत चल रही है। फडणवीस ने कहा कि नासिक, संभाजीनगर और पुणे – इन तीन विवादित सीटों को लेकर मतभेद अभी भी बना हुआ है, जिसे सुलझाना बाकी है। शिवसेना नेताओं का तर्क है कि नासिक और संभाजीनगर पार्टी के पारंपरिक गढ़ हैं और उन्होंने दोनों सीटों पर जीत का भरोसा जताया है।

शिवसेना-भाजपा की बातचीत बेनतीजा

इससे पहले, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। चुनाव आयोग ने एमएलसी (स्थानीय निकाय) चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है, मतदान 18 जून को होगा और मतगणना 22 जून को होगी। स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के निर्वाचित सदस्य इन चुनावों में मतदान करने के पात्र होंगे।

पुणे में मेरे पास स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी संख्या : एनसीपी

दूसरी ओर, एनसीपी का कहना है कि पुणे में उसके पास स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी संख्या है, जिससे वह इस निर्वाचन क्षेत्र में स्वाभाविक दावेदार बन जाती है। शिवसेना ने भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच मौजूदा 12:3:2 के सीट बंटवारे के फार्मूले पर भी आपत्ति जताई है। पार्टी नेता कथित तौर पर तीन के बजाय चार सीटें मांग रहे हैं। अगर शिवसेना की मांग मान ली जाती है, तो एनसीपी को सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है, जिससे संभावित रूप से सीट बंटवारे का फार्मूला 12:4:1 हो जाएगा।

Related Articles

Back to top button