महुआ मोइत्रा पर फेंके गए अंडे, भयंकर बवाल, सवालों के घेरे में मोदी सरकार

पश्चिम बंगाल में जबसे भाजपा की सरकार आई है तबसे TMC नेताओं पर एक के बाद एक अटैक हो रहे हैं। राज्य का लॉ एंड आर्डर बिगड़ता जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में जबसे भाजपा की सरकार आई है तबसे TMC नेताओं पर एक के बाद एक अटैक हो रहे हैं। राज्य का लॉ एंड आर्डर बिगड़ता जा रहा है।

इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे फेंकने की घटना हुई। यह घटना कृष्णानगर या कालीगंज इलाके में उनकी पार्टी ऑफिस के बाहर हुई। महुआ मोइत्रा ने खुद वीडियो शेयर करके आरोप लगाया कि BJP के कार्यकर्ता और समर्थक वहाँ इकट्ठा हुए, अंडे और सब्जियाँ फेंकीं, और पुलिस चुपचाप देखती रही। उन्होंने कहा कि भीड़ एक घंटे से ज्यादा समय तक वहाँ खड़ी रही और नारे लगाए। यह घटना अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष जैसे अन्य TMC नेताओं पर हुई पिछली अंडा हमलों के बाद आई है।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया जिसमें वे कह रही हैं कि पुलिस और CRPF वाले मौजूद हैं लेकिन कुछ नहीं कर रहे। उन्होंने BJP पर सीधा आरोप लगाया कि यह BJP की भीड़ है। TMC नेताओं ने इसे BJP की साजिश बताया और कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि BJP वाले ऐसा कर रहे हैं और मुख्यमंत्री बड़े-बड़े भाषण देते हैं लेकिन असल में कुछ नहीं हो रहा।

महुआ मोइत्रा ने एक वीडियो शेयर कर दावा किया है कि बड़ी संख्या में आए भाजपा समर्थकों ने पार्टी ऑफिस में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग के दौरान उन पर अंडे और सब्जियां फेंके हैं. इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल की पुलिस पर भी लापरवाही और अंडे फेंकने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है. महुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया.

वीडियो में महुआ मोइत्रा पार्टी ऑफिस बिल्डिंग की खिड़की से लोगों को अंडे फेंकते हुए दिखा रही हैं. उन्होंने वीडियो पोस्ट में आरोप लगाते हुए कहा, ‘भाजपा समर्थक एक घंटे से ज्यादा समय से लगातार पार्टी ऑफिस की खिड़की को निशाना बनाकर अंडे और सब्जियां फेंक रहे हैं. मैंने डीजीपी से भी बात की है. पुलिस काफी देर के बाद मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस ने हमला करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की और सिर्फ तमाशा देखती रही.’

वहीं एक और वीडियो शेयर करते हुए महुआ ने पश्चिम बंगाल सरकार पर भी निशाना साधा है. महुआ मोइत्रा ने वीडियो में कहा कि बंगाल सरकार ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज करने से भी मना कर दिया है और पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ सिर्फ तमाशा देख रही है.

इस मामले को लेकर नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी बीच शिवसेना यूबीटी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. प्रियंका चतुर्वेदी ने महुआ के साथ खड़े होने की बात कही है. प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “पश्चिम बंगाल में BJP सरकार की ओर से भीड़ को जिस तरह का बढ़ावा मिल रहा है, वह शर्मनाक है.

एक महिला सांसद पर अंडे फेंके जाते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. यह बेहद अपमानजनक है. कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है और CM सुवेंदु अधिकारी को अपनी बात पर अमल करना चाहिए.” उन्होंने आखिर में लिखा हम महुआ मोइत्रा के साथ खड़े हैं.

इस बीच अखिलेश यादव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. अखिलेश यादव ने महुआ मोइत्रा का वीडियो शेयर कर बीजेपी पर निशाना भी साधा है. उन्होंने लिखा, “बीजेपी अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके बीजेपी शासित राज्यों विशेषकर प. बंगाल में राजनीतिक हिंसा का विषैला वातावरण बना रही है और पुलिस का राजनीतिकरण कर रही है. इस नकारात्मक-प्रहारात्मक व्यवहार से पूरे देश की जनता बेहद नाराज़ और आक्रोशित है. अखिलेश यादव ने आगे कहा, “यहां तक कि बीजेपी के अपने नेता और कार्यकर्ता तक इस तरह के हिंसक हमलों के खिलाफ हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि आज जहाँ उनकी सरकारें नहीं हैं,

वहाँ बीजेपीइयों और उनके संगी-साथियों के ऊपर अगर ऐसा प्राणघातक हमला होना शुरू हो गया तो क्या होगा या फिर कल को उनकी सरकार जाने के बाद क्या होगा. सपा चीफ अखिलेश यादव ने बीजेपी के बड़े नेता तो सुरक्षा घेरे में खुद को बचा लेंगे लेकिन आम कार्यकर्ता को सड़क पर जनाक्रोश का शिकार होने के लिए छोड़ देंगे. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने के लिए कहा है. उन्होंने कहा, “न्यायालय एवं लोकसभा अध्यक्ष तत्काल संज्ञान लें. यह घोर निंदनीय है.

हालांकि BJP ने इन आरोपों को खारिज किया। BJP नेता समीक भट्टाचार्य और रितब्रत बनर्जी ने कहा कि यह TMC के अंदरूनी झगड़ों का नतीजा हो सकता है या जनता का गुस्सा। कुछ BJP समर्थकों ने मज़ाक उड़ाया कि “मेटल डिटेक्टर अंडा नहीं पकड़ सकता”। BJP का कहना है कि TMC की सरकार में बंगाल में हिंसा आम है और अब TMC नेता खुद इसका शिकार हो रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा भी बताया। महुआ मोइत्रा के पास 16 BJP कार्यकर्ताओं के नाम भी दिए गए लेकिन BJP ने इसे झूठा प्रचार करार दिया।

यह पहली बार नहीं है। पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी जो की ममता बनर्जी के भतीजे हैं उनपर भी अंडे फेंके गए। TMC MLA कुणाल घोष पर ममता बनर्जी के घर के बाहर हमला हुआ। अन्य TMC नेताओं जैसे कल्यान बनर्जी, उज्ज्वल बिस्वास पर भी ऐसे हमले हुए। TMC का आरोप है कि BJP सत्ता में आने के बाद से ये हमले बढ़ गए हैं TMC कहती है कि BJP कार्यकर्ता TMC नेताओं को निशाना बना रहे हैं।

बंगाल की राजनीति हमेशा से गर्म रहती है। TMC लंबे समय से सत्ता में है। BJP पिछले कुछ चुनावों में मजबूत हुई है लेकिन अभी राज्य सरकार TMC के पास है। ऐसे में विपक्षी BJP पर हमलों का आरोप लगाना TMC के लिए आम रणनीति है। वहीं BJP कहती है कि TMC की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता गुस्सा है, इसलिए ऐसे विरोध हो रहे हैं। महुआ मोइत्रा खुद विवादास्पद नेता हैं। संसद से निष्कासन, कैश फॉर क्वेरी मामले आदि में उनका नाम रहा है, इसलिए उनके खिलाफ गुस्सा व्यक्तिगत भी हो सकता है।

अंडा फेंकना हिंसा की शुरुआत जैसा है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं। चाहे BJP हो या TMC, किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता अगर हिंसा करते हैं तो कानून को सख्ती से लागू होना चाहिए। बंगाल में पिछले सालों में राजनीतिक हत्याएं, हमले और गुंडागर्दी की खबरें आती रही हैं। दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे पर आरोप लगाती हैं। आम जनता परेशान है क्योंकि विकास, रोजगार और सुरक्षा की जगह राजनीतिक झगड़े ज्यादा हैं।

जैसा की आप जानते हैं, महुआ मोइत्रा एक फायरब्रांड नेता हैं। वे टीवी डिबेट में BJP की आलोचना के लिए जानी जाती हैं। उनकी बोलने की स्टाइल आक्रामक है। कुछ लोग उन्हें पसंद करते हैं तो कुछ उन्हें ड्रामा क्वीन कहते हैं। इस घटना में उन्होंने TMC झंडा लहराते हुए कहा कि वे डरेंगी नहीं। यह घटना उनके समर्थकों को एकजुट कर सकती है लेकिन BJP वाले इसे उनके खिलाफ जनता का गुस्सा बता रहे हैं।

TMC लगातार BJP पर हमलों का आरोप लगा रही है। लेकिन बंगाल में TMC की सरकार है, पुलिस TMC के नियंत्रण में मानी जाती है। अगर BJP के लोग खुलेआम हमला कर रहे हैं तो पुलिस क्यों नहीं रोक रही? यह सवाल TMC सरकार पर भी उठता है। ऐसी घटनाएं युवाओं को राजनीति से दूर करती हैं। लोग सोचते हैं कि सत्ता के लिए सब कुछ जायज है। अंडे फेंकना छोटी घटना लग सकती है लेकिन अगर बार-बार हो तो यह बड़े संघर्ष की शुरुआत हो सकती है। बंगाल की संस्कृति, साहित्य और इतिहास गौरवशाली है, लेकिन आज राजनीतिक हिंसा उसकी छवि खराब कर रही है।क्या होना चाहिए? पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

दोषियों पर कार्रवाई हो, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों। TMC और BJP दोनों को संयम रखना चाहिए। चुनाव आयोग और अदालतें निगरानी रखें। मीडिया को दोनों पक्षों की बात बिना पक्षपात के दिखानी चाहिए। आम लोगों को चाहिए कि वे विकास और शांति की मांग करें, न कि गुंडागर्दी का समर्थन।

महुआ मोइत्रा पर अंडा हमला बंगाल की अस्थिर राजनीति का प्रतीक है। TMC इसे BJP की साजिश बता रही है तो BJP इसे TMC का ड्रामा। हकीकत जांच से सामने आएगी। लेकिन एक बात साफ है – राजनीतिक हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं। बंगाल के लोगों को शांतिपूर्ण और विकासोन्मुख राजनीति चाहिए, न कि अंडे-पत्थर और आरोप-प्रत्यारोप।

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