बरेली में फर्जी मुकदमों का खेल! बर्खास्त सिपाही निकला पूरे गैंग का मास्टरमाइंड

बरेली पुलिस ने फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने वाले कथित गिरोह का खुलासा किया है। 25 हजार के इनामी बर्खास्त सिपाही समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में कुल 11 आरोपी नामजद हैं और जांच जारी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली पुलिस ने एक ऐसे कथित गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है, जिस पर लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी, उसकी पत्नी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही बताया जा रहा है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मामला केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच में एक ऐसे नेटवर्क की बात सामने आई है, जो कथित तौर पर लोगों को कानूनी मामलों में फंसाने का डर दिखाकर आर्थिक लाभ उठाने का प्रयास करता था।

पीड़ित की शिकायत के बाद खुला मामला

जानकारी के अनुसार, भमोरा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी अंकुर मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप है कि सुरकेश शर्मा और उसके सहयोगियों ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और नाम हटाने के बदले तीन लाख रुपये की मांग की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रकम न देने पर गाली-गलौज और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।

मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इसके आधार पर सदर नगर पुल के पास घेराबंदी कर पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और साथी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से वांछित चल रहा था।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुरकेश शर्मा पूर्व में उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात था, लेकिन बाद में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, दुष्कर्म, पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में कुल 18 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। इन मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।

महिलाओं के जरिए दबाव बनाने का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी कथित रूप से सक्रिय थीं। जांच अधिकारियों का दावा है कि महिलाओं के माध्यम से लोगों पर दबाव बनाने और उन्हें कानूनी मामलों में उलझाने की रणनीति अपनाई जाती थी। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

अभी 8 आरोपी फरार

भमोरा थाने में दर्ज मुकदमे में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शेष आठ आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

कई सवाल भी खड़े हुए

इस पूरे मामले ने कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा इस बात की भी है कि एक बर्खास्त पुलिसकर्मी कथित रूप से इतना बड़ा नेटवर्क कैसे संचालित कर रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह के आर्थिक लेनदेन, संपर्कों तथा अन्य संभावित गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस इसे एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है, जबकि आगे की जांच में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

रिपोर्ट: सुनील सक्सेना, बरेली

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