डायबिटीज और तनाव में फायदेमंद है गोमुखासन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
योग स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली बनाए रखने का प्राकृतिक तरीका है। शरीर की जकडऩ, कंधों और पीठ का दर्द आम समस्या है, जो अधिकतर लोगों को रहता है। इन स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित गोमुखासन का अभ्यास करना चाहिए। गोमुखासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। सही तकनीक और सावधानियों के साथ नियमित अभ्यास करने से आपको बेहतर लचीलापन, कम तनाव और मजबूत मांसपेशियां मिल सकती हैं। गोमुखासन दो शब्दों से मिलकर बना है, गो यानी गाय और मुख यानी चेहरा। इस आसन में शरीर की आकृति गाय के चेहरे जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे गोमुखासन कहा जाता है।

सावधानियां

अगर कंधे या घुटने में गंभीर दर्द है तो यह आसन न करें। स्लिप डिस्क या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें। शुरुआत में ज्यादा जोर न लगाएं। गर्भावस्था में विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करें।

करने का सही तरीका

योगासन में से एक गोमुखासन करने का तरीका बेहद आसान है। इस योगासन को करने के लिएदरी या योगा मैट पर सीधे बैठ जाएं और पैरों को सामने फैलाएं। अब दाएं पैर को मोडक़र बाएं कूल्हे के नीचे रखें। बाएं पैर को मोडक़र दाएं घुटने के ऊपर रखें, ताकि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर दिखें। दायां हाथ ऊपर उठाएं और कोहनी मोडक़र पीठ के पीछे ले जाएं। बायां हाथ पीछे से ऊपर की ओर ले जाकर दोनों हाथों की उंगलियां आपस में पकड़ें। पीठ सीधी रखें और 20-30 सेकंड तक सामान्य श्वास लेते रहें। धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें और दूसरी ओर से दोहराएं। सुबह खाली पेट करना बेहतर होता है। 2-3 बार दोहरा सकते हैं। अगर आप सही तरीके से गोमुखासन करते है तो इसका फायदा उन्हें मिलता है। शुरुआत में अगर हाथ पीठ पर नहीं मिल पाते तो रुमाल या पट्टी की मदद ली जा सकती है। कंधे या घुटने की गंभीर चोट वाले लोगों को डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

अंदरू नी अंगों को बेहतर करता है

नियमित अभ्यास पैंक्रियाज को सक्रिय करने में मदद कर सकता है। यह आसन मन को शांत कर मानसिक तनाव घटाने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों को भी गोमुखासन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह योगासन शरीर के अंदरूनी अंगों पर बेहतरीन असर डालता है। इसे करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और पाचन तंत्र भी बेहतर होता है। इसके साथ ही यह हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसे करने से तनाव कम होता है, जिससे दिल पर दबाव नहीं पड़ता और ब्लड प्रेशर भी संतुलित रहता है। छाती खुलने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा इसके अभ्यास से साइटिका को ठीक करता है। हाई ब्लड प्रेशर में मदद करता है। खराब मुद्रा वाले लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

कंधों और पीठ के दर्द में राहत

यह आसन कंधों की जकडऩ दूर करता है और सर्वाइकल या पीठ दर्द में आराम देता है। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, खासकर कंधे, पीठ और जांघों की मांसपेशियों पर ज्यादा असर डालता है। गोमुखासन सर्वाइकल की समस्या में भी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाता है। कमर दर्द में भी इससे राहत मिलती है। जांघ, कूल्हे और हाथों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं। पीठ में दर्द वैसे तो एक बेहद आम समस्या है लेकिन लापरवाही इस तरह के दर्द को लाइलाज भी बना सकती है। गलत तरीके से खड़ा होना, ज्यादा देर तक एक जगह बैठे रहना ऐसी वजहों से स्थिति खराब हो सकती है।

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