दिल्ली हादसे के बाद गोरखपुर में एक्शन, जर्जर भवनों पर चला नगर निगम का बुलडोजर

दिल्ली हादसे के बाद गोरखपुर में जर्जर भवनों पर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। नरसिंहपुर और हार्बर्ट बांध में दो भवन ध्वस्त किए गए, जबकि 200 से अधिक जर्जर भवन चिह्नित हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली में जर्जर भवन गिरने से हुए हादसे के बाद गोरखपुर में भी प्रशासन ने पुराने और कमजोर भवनों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नगर निगम ने सोमवार को नरसिंहपुर और हार्बर्ट बांध क्षेत्र में स्थित दो जर्जर भवनों को ध्वस्त करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऐसे भवनों से आम लोगों को होने वाले संभावित खतरे को टालना है।

दो इलाकों में ध्वस्तीकरण, पुलिस बल रहा मौजूद

नगर आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई राजस्व अधिकारी बीएन उपाध्याय के पर्यवेक्षण में कराई गई। मौके पर जोन दो और जोन तीन के एसएफआई, नगर निगम प्रवर्तन दल के कर्मचारी और पुलिस बल तैनात रहा।

ध्वस्तीकरण के दौरान आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए, ताकि भवन गिराने की प्रक्रिया में राहगीरों और स्थानीय लोगों को किसी तरह का नुकसान न हो। नगर निगम की टीम ने जर्जर भवनों की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई आगे भी जारी रखने के संकेत दिए हैं।

गोरखपुर में 200 से ज्यादा जर्जर भवन चिह्नित

दिल्ली की घटना के बाद गोरखपुर जिला प्रशासन और नगर निगम ने जर्जर भवनों का सर्वे और कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 200 से अधिक जर्जर भवन चिह्नित किए जा चुके हैं। नियमानुसार इन भवनों को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

डीएम दीपक मीणा के मुताबिक, दिल्ली हादसे के बाद गोरखपुर में भी जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। नगर आयुक्त के अनुसार, पिछले वर्ष 156 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। उनकी स्थिति की जांच के बाद चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।

बारिश में बढ़ जाता है कमजोर भवनों का खतरा

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बारिश और लंबे समय से रखरखाव की कमी के कारण कुछ भवनों की संरचना कमजोर हो सकती है। ऐसे भवनों के आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के लिए खतरा पैदा होने की आशंका रहती है।

इसी को देखते हुए नगर निगम चिह्नित भवनों की जांच कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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