50% से ज्यादा कट रही कमाई, ऊपर से डग्गामार वाहन… रोडवेज कर्मचारियों ने अब लिया बड़ा फैसला
गोरखपुर में रोडवेज कर्मचारी यूनियन की बैठक में आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों को संविदा में समायोजित करने की मांग उठी। यूनियन ने डग्गामार वाहनों के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर में रोडवेज कर्मचारियों की बैठक में एक साथ कर्मचारी हित और यात्रियों से जुड़ी कई समस्याएं उठीं। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन की आपात बैठक में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे चालक-परिचालकों को संविदा में समायोजित करने की मांग जोर-शोर से उठी। यूनियन ने डग्गामार वाहनों के बढ़ते संचालन को भी रोडवेज की आय और यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी चुनौती बताया।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण का आरोप
क्षेत्रीय कार्यशाला, शाहपुर स्थित यूनियन सभागार में हुई बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश मणि मिश्रा ने कहा कि परिवहन निगम में बड़ी संख्या में चालक-परिचालकों की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से हुई है। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों का शोषण बढ़ा है।
उन्होंने शासन की नीति के अनुसार आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों को संविदा में समायोजित करने की मांग की। साथ ही निगम के अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमानुसार समायोजन की बात भी रखी।
डग्गामार वाहनों से रोडवेज की कमाई प्रभावित
दिनेश मणि मिश्रा ने कहा कि एक तरफ सड़कों पर अवैध और डग्गामार वाहनों का संचालन बढ़ रहा है, दूसरी तरफ रोडवेज बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसका सीधा असर बसों की आय पर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित आय से कम होने पर चालक-परिचालकों की आय में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती की जा रही है। यूनियन ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध जताया है।
‘डग्गामार भगाओ आंदोलन’ चलाएगी यूनियन
बैठक में यूनियन ने अवैध वाहनों के संरक्षण के खिलाफ पूरे क्षेत्र में ‘डग्गामार भगाओ आंदोलन’ चलाने का ऐलान किया। इसके अलावा परिवहन विकास संगोष्ठी आयोजित कर निगम की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करने की बात कही गई।
बैठक के दौरान सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री नूरुल हसन अंसारी समेत कई कर्मचारियों ने यूनियन की सदस्यता ग्रहण की। सेवानिवृत्त कर्मचारी अरविंद कुमार श्रीवास्तव का सम्मान भी किया गया।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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