पंजाब में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है सरकार, विपक्ष का चौतरफा वार
कांग्रेस का तंज- खुद को आश्वासन देने की कवायद

- भाजपा और शिअद ने भी साधा निशाना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार आज मजदूरों को समर्पित विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित कर रही है। आज सरकार बागी सांसदों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव व विरोधियों को अपनी ताकत दिखाने के लिए विश्वास प्रस्ताव ला सकती है। इस दौरान कोई प्रश्नकाल नहीं होगा। इसको लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष ने आप सरकार पर निशाना साधा है। वहीं सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस ने तंज कसा। सदन के लिए पहुंचे कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने कहा कि आखिर सरकार को विश्वास प्रस्ताव लाने की क्या जरूरत पड़ गई।
जब वे खुद कह रहे हैं कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। ये सिर्फ खुद को आश्वासन देने की कवायद है। आज मनरेगा के संशोधन बिल पर चर्चा की जाएगी वहीं केंद्र को निशाना बनाते हुए मजदूरों के लिए बड़ी घोषणा भी हो सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि यह विशेष सत्र उन मेहनती मजदूरों और कारीगरों को समर्पित होगा, जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान देते हैं। इस ऐतिहासिक पहल के तहत मजदूर संघों के प्रतिनिधियों को सदन में विशेष मेहमान के तौर पर बुलाया जाएगा। इस सत्र में मनरेगा योजना में हुए बदलावों के कामगार वर्ग पर पडऩे वाले असर पर भी चर्चा होगी। सीएम ने कहा, यह सत्र देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में कामगार वर्ग के योगदान को श्रद्धांजलि देगा।इसके अलावा सत्र के दौरान, विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति द्वारा तय किए गए अन्य जरूरी विधायी काम भी तय प्रक्रियाओं के अनुसार किए जाएंगे।
मजदूरों के साथ ईमानदार नहीं सरकार: वडिंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार मजदूरों के साथ ईमानदार नहीं है। उन्होंने कहा कि लेबर डे पर बुलाया गया विधानसभा का विशेष सत्र सिर्फ ध्यान भटकाने का तरीका है क्योंकि पार्टी को अपने अस्तित्व का खतरा है, खासकर सात राज्यसभा सांसदों के दल बदल के बाद। वडि़ंग ने कहा, बार-बार विशेष सत्र बुलाकर जिम्मेदारी से बच रही है, जिससे ऐसे सत्रों की खासियत ही खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मामले में पंजाब सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा है। पिछले चार साल में मजदूरों को भी योजना का लाभ नहीं मिला और मजदूरों को भी 1० दिन का काम नहीं मिला। सरकार का मकसद मजदूरों के लिए कोई खास कानून बनाना नहीं, बल्कि 7 राज्यसभा सांसदों के दल बदल के बाद पैदा हुए संकट से लोगों का ध्यान हटाना है, जिनमें 6 पंजाब से हैं।
पंजाब भाजपा अलग से सत्र चलाएगी
भाजपा शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के सामांतर अपना अलग सत्र जनता दी विधानसभा चलाएगी। यह सत्र चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-37 में आयोजित किया जाएगा। इसमें पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। इस सत्र में प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू और पूर्व स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल समेत पूर्व विधायक व सांसद भाग लेंगे। प्रदेश के महासचिव अनिल सरीन ने बताया कि यह कार्यक्रम सरकार द्वारा बुलाई गई पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के समानांतर एक महत्वपूर्ण जन मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। भाजपा का उद्देश्य राज्य के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के बीच प्रमुख जन मुद्दों और चिंताओं को प्रमुखता से उठाना है।इस सत्र में स्पीकर के पद की गरिमा, सरकार का जन मुद्दों के प्रति दृष्टिकोण, कानून व्यवस्था और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ता (डीए) न दिए जाने को लेकर भी चिंता इत्यादि मुद्दों पर चर्चा होगी।



