पेपर लीक रोकने के लिए सरकार लागू करे मजबूत परीक्षा प्रणाली: राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष ने फिर मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

  • कांग्रेस देशभर में प्रभावित छात्रों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर नीट परीक्षा के पेपर लीक विवाद को लेकर एकबार फिर तीखा हमला किया है। कांग्रेस नेता ने एनडीए सरकार पर इन समस्याओं को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भविष्य में इस तरह की लीक को रोकने के लिए एक मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही। राहुल ने कहा कि कांग्रेस देशभर में बार-बार पेपर लीक के आरोपों से प्रभावित छात्रों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते और देश में पेपर लीक को रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित प्रणाली लागू नहीं हो जाती।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस विफल सरकार ने छीन लिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि देश भर के छात्रों को बार-बार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के कारण विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा और सरकार पर इस मामले में जिम्मेदारी न लेने का आरोप लगाया।

सरकार जवाबदेही पर नहीं चलती

राहुल ने कहा कि जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से देती है, वह जवाबदेही पर नहीं चलती – वह डर पर चलती है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष परीक्षा सुधार और जवाबदेही के लिए अपना अभियान जारी रखेगा। गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट स्नातक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स पर रोक दिया, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जल प्रस्फुटन का इस्तेमाल किया और विरोध प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

युवा प्रश्नपत्र लीक से परेशान, पीएम मिठाई बांट रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मोदी जी इटली में मिठाई बांटने के वीडियो बना रहे थे, तब भारत के युवा प्रश्नपत्र लीक से परेशान होकर सडक़ों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे थे। कांग्रेस सांसद ने आगे दावा किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया और आरोप लगाया कि कई छात्रों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को पद से न हटाने के लिए केंद्र की आलोचना भी की और भाजपा शासित राज्यों पर इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।

संसदीय समिति के तीखे सवालों से घिरे एनटीए चीफ

परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए और प्रश्नपत्र लीक कांड के संबंध में सवालों का सामना किया, जिसके कारण चिकित्सा में प्रवेश के लिए आवश्यक परीक्षा रद्द कर दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, सिंह ने समिति को बताया कि एजेंसी नीट परीक्षा के पेपर लीक होने की बात नहीं मानती है। विपक्षी सदस्यों के बार-बार पूछे जाने वाले सवालों के बावजूद, एनटीए अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि मामला फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के अधीन है, और ष्टक्चढ्ढ की जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही एजेंसी इसे पेपर लीक मानेगी। समिति के सदस्यों ने कथित प्रश्नपत्र लीक से संबंधित पिछली घटनाओं को लेकर एनटीए से सवाल किए। समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बैठक के दौरान एनटीए अधिकारियों के समक्ष कई प्रश्न उठाए। सूत्रों के अनुसार, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद चर्चा के दौरान एनटीए के रुख का समर्थन करते नजर आए।

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