यूसीसी के नाम पर हिंदू कानून मुसलमानों पर लागू नहीं कर सकते

- एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी बोले- इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में मुस्लिम महिलाओं के हक पर सुनवाई करते हुए कहा कि अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का समय आ गया है। सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी पर सियासी घमासान छिड़ गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर हिंदू कानून, मुसलमानों पर लागू नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा, इस्लाम में शादी महज एक कॉन्ट्रैक्ट है, यह जिम्मेदारी नहीं है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो पोस्ट किया।
जिसमें उन्होंने कहा, आप यूसीसी के नाम पर हिंदू कानून मुसलमानों पर लागू नहीं कर सकते हैं। निकाह हमारे के लिए धार्मिक संस्कार नहीं है, यह धर्म का हिस्सा है। उन्होंने कहा, जेंडर जस्टिस करने वाले जकिया जाफरी से मुलाकात नहीं करते हैं। ओवैसी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, समान नागरिक संहिता की चर्चा एक बार फिर से शुरू हो गई है। यूसीसी की बात करने वालों याद रखो कि इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है। जन्म-जन्म की बात नहीं है। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट है कि हिंदू धर्म में अगर पत्नी ने सास-ससुर की खातिरदारी नहीं की तो यह क्रूरता है, जबकि इस्लाम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। मां-बाप की जिम्मेदारी बेटे की है।



