टी20 विश्वकप: दबाव में बिखरी भारतीय बल्लेबाजी

- अफ्रीका के सामने बना तीसरा न्यूनतम स्कोर
- इस हार से सेमीफाइनल में पहुंचने की राह भी हुई कठिन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वल्र्ड कप में उस बड़े झटके का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद शायद ही किसी क्रिकेट प्रेमी ने की होगी। भारत क्रिकेट टीम सुपर 8 के बेहद अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास का तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर बना दिया। इस शर्मनाक बल्लेबाजी प्रदर्शन ने न सिर्फ मैच भारत से छीन लिया बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की राह भी बेहद कठिन बना दी है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पिच पर बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन भारतीय बल्लेबाज जिस तरह एक के बाद एक विकेट गंवाते चले गए, उसने टीम की तैयारी और रणनीति दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। ओपनिंग जोड़ी से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज टिककर खेल नहीं पाया। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद संयमित और पेशेवर प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली, जबकि भारत की स्थिति अब बेहद नाजुक हो गई है। अब भारत को न सिर्फ अपने बाकी मैच जीतने होंगे, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। बड़े टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन यह दिखाता है कि टीम दबाव में खुद को संभाल नहीं सकी। खासकर बल्लेबाजी क्रम की अस्थिरता और रणनीतिक विफलता ने भारत की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। यह वही टीम है जिसे टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन इस प्रदर्शन ने उसकी स्थिति को कमजोर कर दिया है।
भारत को करना होगा रणनीति पर विचार
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अब अपनी रणनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा। बल्लेबाजों को पिच की परिस्थितियों के अनुसार खेलने की जरूरत है, जबकि टीम प्रबंधन को सही संयोजन और मानसिक तैयारी पर ध्यान देना होगा। बड़े टूर्नामेंट में छोटी गलतियां भी भारी पड़ती हैं, और भारत के साथ यही हुआ। अब भारतीय टीम के सामने करो या मरो की स्थिति बन गई है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए न सिर्फ जीत जरूरी है, बल्कि बेहतर नेट रन रेट भी अहम भूमिका निभाएगा। इस हार ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई भी टीम छोटी नहीं होती और हर मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही सफलता की कुंजी है।



