IP यूनिवर्सिटी ने हेल्थ एजुकेशन में किया विस्तार, आवेदन 31 मई तक

अगर आप स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं, तो आईपी यूनिवर्सिटी ने ये शानदार मौका दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अगर आप स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं, तो आईपी यूनिवर्सिटी ने ये शानदार मौका दिया है. यहां 7 नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए गए हैं, जिसके लिए आवेदन करने की आखिरी डेट 31 मई निर्धारित की गई है.

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय यानी आईपी यूनिवर्सिटी ने 7 नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए हैं, जो स्वास्थ्य से जुड़े कोर्सेज करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. चूंकि आज के समय में देश में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और एक सुचारु हेल्थकेयर सिस्टम की बहुत जरूरत है, ऐसे में दिल्ली की इस स्टेट यूनिवर्सिटी में हेल्थकेयर कोर्स के शुरू होने से छात्रों के पास नए विकल्प होंगे और उनके लिए नए रास्ते खुलेंगे. यूनिर्वसिटी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इन सभी कोर्सेस के लिए आवेदन पत्र जारी कर दिए हैं. कैंडिडेट्स https://ipu.admissions.nic.in/ पर जाकर अपना फार्म भर सकते हैं.

इन सभी कोर्सेज के लिए आवेदन करने की आखिरी डेट 31 मई निर्धारित की गई है. IP यूनिवर्सिटी द्वारा शुरू किए हुए ये पैरामेडिकल कोर्सेज स्टूडेंट्स को विभिन्न प्रकार के हेल्थकेयर रोल्स के लिए तैयार करेंगे. इन सभी रोल्स की अस्पताल, क्लिनिक्स और सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र में काफी जरूरत है.

कौन-कौन से कोर्सेज
बीएससी क्लिनिकल साइकोलॉजी (ऑनर्स)
बैचलर ऑफ साइंस इन इमरजेंसी मेडिकल एंड ट्रॉमा टेक्नोलॉजी (BSc EMTT)
एपिडेमिक इंटेलिजेंस सर्विस (EIS)/मास्टर इन एप्लायड एपिडेमियोलॉजी
एमए क्लिनिकल साइकोलॉजी
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी (PGDRP)
एमएससी स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी (MSc SLP)
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री

कितनी है आवेदन फीस?
आईपी यूनिवर्सिटी की गाइडलाइंस के मुताबिक, अपने मनपसंद कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को सबसे पहले आवेदन करना होगा, जिसकी आवेदन फीस 2500 रुपये निर्धारित की गई है. हालांकि जिन कैंडिडेट्स को एक से ज्यादा कोर्स के लिए अप्लाई करना है, उन्हें आवेदन फीस अलग से भरनी होगी.

देशभर में बढ़ रही हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की डिमांड
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि स्वास्थ्य संबंधी बदलती जरूरतों के कारण इमरजेंसी ट्रॉमा केयर, व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य देखभाल, स्पीच थैरेपी, रिहैबिलिटेशन साइंसेज और एपिडेमियोलॉजी जैसे क्षेत्र अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं. ऐसे में इमरजेंसी मेडिकल एंड ट्रॉमा टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स से छात्रों को ट्रॉमा रिस्पॉन्स और इमरजेंसी हेल्थकेयर सिस्टम में प्रशिक्षित करने की जरूरत है. इसी तरह क्लिनिकल साइकोलॉजी और रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी कोर्स मेंटल हेल्थ सपोर्ट और व्यवहार संबंधी हेल्थकेयर ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

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