लखीमपुर खीरी: DM-SP सुनते रहे फरियाद, तहसील दिवस में सोते दिखे अधिकारी!
लखीमपुर खीरी की मितौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एडीओ पंचायत बेहजम की कार्यशैली चर्चा का विषय बन गई। जहां वरिष्ठ अधिकारी जनता की शिकायतें सुन रहे थे, वहीं कार्यक्रम के दौरान सामने आई तस्वीरों को लेकर लोगों में चर्चा रही।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखीमपुर खीरी जिले की मितौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ओर जहां जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के निर्देश देते नजर आए, वहीं दूसरी ओर एक तस्वीर ने पूरे कार्यक्रम की चर्चा का केंद्र बदल दिया। तहसील दिवस के दौरान एडीओ पंचायत बेहजम कुर्सी पर बैठे हुए ऐसी स्थिति में दिखाई दिए, जिसे लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई कर रहे थे और फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया जा रहा था।
संपूर्ण समाधान दिवस में जुटे थे जिले के वरिष्ठ अधिकारी
मितौली तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन की शिकायतों को सुनना और संबंधित विभागों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश देना था। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। राजस्व, पंचायत, पुलिस, बिजली और विकास विभागों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही थी।
चर्चा में आई एडीओ पंचायत की कार्यशैली
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों की नजर एडीओ पंचायत बेहजम पर पड़ी, जिनकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस समय अन्य अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में व्यस्त थे, उस दौरान एडीओ पंचायत अपनी कुर्सी पर बैठे हुए आराम की मुद्रा में दिखाई दिए। इस घटनाक्रम को लेकर वहां मौजूद लोगों ने विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई लोगों का कहना था कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी अपेक्षित होती है।
जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होता है तहसील दिवस
उत्तर प्रदेश में संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का एक ही स्थान पर निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके। ऐसे आयोजनों को प्रशासन और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। यही कारण है कि अधिकारियों की उपस्थिति और सक्रियता को विशेष महत्व दिया जाता है।
संबंधित अधिकारी की ओर से नहीं आया कोई बयान
खबर लिखे जाने तक एडीओ पंचायत बेहजम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई औपचारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है। हालांकि कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का मानना है कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जनता के विश्वास को मजबूत करती है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट: प्रभाकर श्रीवास्तव
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