मिर्जापुर एनकाउंटर: अधिवक्ता हत्याकांड का दूसरा आरोपी भी ‘लंगड़ा’, भागते समय पुलिस से मुठभेड़
मिर्जापुर में अधिवक्ता हत्याकांड के दूसरे आरोपी इंद्रासन बिंद को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। 25 हजार का इनामी आरोपी घायल हालत में अस्पताल में भर्ती है। पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मिर्जापुर में बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इस केस में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में आरोपी के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में चल रहे इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर पुलिस की सख्ती साफ नजर आ रही है।
25 हजार का इनामी था आरोपी
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी इंद्रासन बिंद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
कटरा कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मौके से आरोपी के पास से अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
ऐसे हुआ एनकाउंटर
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी राजापुर गांव में छिपा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी की। पुलिस की आहट मिलते ही आरोपी भागने लगा और खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह वहीं गिर गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी के निर्देश पर बनी थीं 5 टीमें
इस पूरे मामले में अपर्णा रजत कौशिक (पुलिस अधीक्षक) के निर्देश पर पहले ही 5 टीमों का गठन किया गया था। अलग-अलग एंगल से जांच करते हुए पुलिस लगातार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम बातें कबूली हैं। उसने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर उसके ही गांव में रहता था और दोनों के बीच पहले से पहचान थी।
आरोपी के मुताबिक, मुख्य आरोपी की राजीव सिंह से पुरानी चुनावी रंजिश थी। इसी वजह से दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। घटना से तीन दिन पहले ही योजना बनाई गई और 11 अप्रैल 2026 को अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इलाके में पहले से था आक्रोश
अधिवक्ता की हत्या के बाद इलाके में भारी आक्रोश था। लोग लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी दबाव को देखते हुए पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक के बाद एक कार्रवाई की।
मिर्जापुर पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि इस मामले को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। हालांकि अभी भी जांच जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। अब नजर इस बात पर है कि कोर्ट में इस केस की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिलता है।
रिपोर्ट- संतोष देव गिरी
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