गुजरात में सियासी घमासान, केजरीवाल का BJP-कांग्रेस पर बड़ा आरोप
गुजरात की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है... अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि... BJP और कांग्रेस मिलकर आम आदमी पार्टी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं.. इन चुनावों में आम आदमी पार्टी ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है.. पार्टी सूरत नगर निगम समेत कई जगहों पर मजबूत दावा कर रही है.. इसी बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक तीखा आरोप लगाया है.. और उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा.. और कांग्रेस मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.. केजरीवाल का दावा है कि अब ये दोनों पुरानी पार्टियां खुलकर एक साथ आ गई हैं.. और राज्य को लूट रही हैं.. यह बयान मार्च 2026 में जामनगर.. और दाहोद जैसी जगहों पर दी गई रैलियों में आया.. जहां केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त रूप से भाजपा और कांग्रेस पर हमला बोला था..
आपको बता दें कि यह आरोप गुजरात की राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है.. AAP का कहना है कि पिछले 30 साल से भाजपा सत्ता में है.. और कांग्रेस विपक्ष में रहकर भी राज्य की सेवा नहीं कर पाई.. दोनों पार्टियां भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.. और आम आदमी की समस्याएं नहीं सुलझा रही हैं.. केजरीवाल ने पंजाब का उदाहरण दिया.. उन्होंने कहा कि पंजाब में भी पहले कांग्रेस.. और भाजपा-अकाली दल बारी-बारी से सत्ता में आते थे.. और राज्य को लूटते थे.. 2022 में AAP की सरकार बनने के बाद ही बदलाव आया.. अब गुजरात में भी वही स्थिति है.. भाजपा और कांग्रेस मिलकर लूट चला रहे हैं.. इसलिए AAP को मजबूत करना जरूरी है..
आपको बता दें कि केजरीवाल ने जामनगर में विजय विश्वास सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात में हर विभाग में घूसखोरी आम बात हो गई है.. स्कूल-कॉलेज खराब हालत में हैं.. अस्पतालों में सुविधाएं नहीं हैं.. किसानों को नर्मदा का पानी नहीं मिल रहा.. और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा.. और उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता भी भाजपा सरकार से ठेके लेते हैं.. इसलिए कांग्रेस असली विपक्ष नहीं बन पा रही.. केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस भाजपा को सत्ता से हटाना भी नहीं चाहती क्योंकि उनके नेता मिलकर धंधे करते हैं.. उन्होंने लोगों से अपील की कि अब पुरानी पार्टियों को नकारकर AAP को मौका दें.. जो पंजाब मॉडल लाकर भ्रष्टाचार खत्म करेगी..
यह बयान केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहा.. केजरीवाल और भगवंत मान की तीन दिवसीय गुजरात यात्रा के दौरान दाहोद में भी इसी तरह के आरोप लगाए गए.. उन्होंने आदिवासी इलाकों में फंड के दुरुपयोग की बात कही.. कहा गया कि आदिवासी कल्याण के लिए आने वाले पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा.. दोनों नेताओं ने दावा किया कि AAP अगर स्थानीय निकायों में जीती तो भ्रष्टाचार की जड़ से लड़ाई शुरू होगी.. AAP का फोकस ग्रासरूट स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म करने पर है.. जैसे दिल्ली और पंजाब में सस्ती बिजली, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी गईं..
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव काफी बड़े हैं.. पूरे राज्य में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 260 तालुका पंचायतों की सीटों पर वोटिंग होगी.. कुल लगभग 12,000 सीटें हैं.. AAP ने इन चुनावों को बहुत गंभीरता से लिया है.. पार्टी ने सूरत में 75 उम्मीदवार घोषित किए हैं.. और घर-घर प्रचार चला रही है.. सूरत में 2021 में AAP ने 27 सीटें जीती थी.. और मुख्य विपक्ष बनी थी.. अब पार्टी मेयर पद का दावा कर रही है.. मनोज सोरठिया जैसे नेता वार्ड 4 से चुनाव लड़ रहे है.. AAP का घर-घर अभियान काम की राजनीति और भ्रष्टाचार-मुक्त सूरत पर आधारित है..
कांग्रेस की स्थिति इन चुनावों में कमजोर दिख रही है.. 2021 के सूरत नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को शून्य सीटें मिली थी.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 12.92% वोट शेयर के साथ 5 सीटें जीती.. अब AAP खुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में पेश कर रही है.. कांग्रेस AAP को बीजेपी की बी-टीम बताती रही है.. लेकिन यह नैरेटिव जमीन पर ज्यादा असरदार नहीं दिख रहा.. AAP के बढ़ते प्रभाव से कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है.. कई जगहों पर कांग्रेस के कार्यकर्ता या तो निष्क्रिय हैं.. या AAP की ओर रुझान दिखा रहे हैं..
भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया आई है.. भाजपा कह रही है कि AAP सिर्फ आरोप लगाती है.. लेकिन गुजरात में पिछले 30 साल में अभूतपूर्व विकास हुआ है.. सड़कें, फ्लाईओवर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, औद्योगिक विकास.. और डायमंड-टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मजबूत करने का श्रेय भाजपा ले रही है.. पार्टी का कहना है कि AAP दिल्ली और पंजाब में भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही है.. गुजरात में AAP का कोई मजबूत जमीनी आधार नहीं है.. इसलिए वह ऐसी साजिश की थ्योरी गढ़ रही है..
कांग्रेस ने भी केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है.. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि AAP भाजपा की मदद से विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.. कुछ कांग्रेस नेता कहते हैं कि AAP ने गुजरात में भाजपा के खिलाफ सीधा मुकाबला नहीं किया.. बल्कि कांग्रेस के वोट काटे। लेकिन केजरीवाल का दावा है कि.. कांग्रेस के नेता खुद मानते हैं कि उनके और भाजपा के बीच ठेके-धंधे चलते हैं..
AAP ने चुनाव से पहले कई मुद्दे उठाए हैं.. पार्टी कह रही है कि गुजरात में भ्रष्टाचार इतना फैला है कि.. बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता.. शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था खराब है.. किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिल रही.. युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं.. AAP का वादा है कि.. अगर स्थानीय निकायों में जीत हुई तो ये समस्याएं प्राथमिकता से सुलझाई जाएंगी.. पार्टी झाड़ू के प्रतीक का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार साफ करने का संदेश दे रही है.. केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र भी लिखा.. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों में 160 से ज्यादा AAP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.. इसका मकसद पार्टी के चुनाव प्रचार को कमजोर करना है.. केजरीवाल ने सीएम से मुलाकात की मांग की ताकि इस मुद्दे पर चर्चा हो सके.. AAP का दावा है कि पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग हो रहा है..



