लखनऊ में सुबह-सुबह छाया अंधेरा, तेज हवाएं चलीं, गरज-चमक के साथ तेज बारिश
पूरे यूपी में अचानक बदला मौसम का मिजाज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह मौसम अचानक बदल गया। राजधानी लखनऊ में सुबह से सुबह अंधेरा छा गया उसके बाद तेज बारिश से पूरा क्षेत्र पानी-पानी हो गया। कई जिलों में तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सुबह करीब 10 बजे सूर्यास्त जैसा माहौल हो गया और बारिश होने लगी।
इस दौरान ऑफिस जा रहे लोग फ्लाईओवर के नीचे शरण लेते हुए नजर आए। मौसम विभाग ने प्रदेश के 27 जिलों में ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की है। इसके पहले प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बुधवार की शाम से लेकर बृहस्पतिवार को दिन में तेज झोंकेदार हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश देखने को मिली। दिल्ली से सटे जिलों और पश्चिमी इलाकों में आंधी, गरज-चमक और बारिश ने माहौल ठंडा कर दिया। तेज झोंकों के साथ हुई बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर मौसम का मिजाज तूफानी बना रहा। विक्षोभ के असर से मथुरा में सबसे तेज 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। नोएडा में 59 किमी, जबकि आगरा और बुलंदशहर में 57 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की गई। बारिश में बागपत और बुलंदशहर आगे रहे, जहां करीब 6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, के मुताबिक शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्यांचल और बुंदेलखंड समेत लगभग पूरे प्रदेश में तेज हवाओं और गरज-चमक का असर रहेगा। करीब 27 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

खेती को नुकसान
बेमौसम बारिश और तेज हवा से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है, क्योंकि यह फसल पकने के कगार पर है और हवा से गिर रही है।इसके साथ ही सरसों, मटर, आलू और आम के बौर (मंजरी) को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। यह बारिश फसल की गुणवत्ता को खराब कर रही है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार से मौसम साफ हो जाएगा।
उन्नाव में बिजली गिरने से दो युवक झुलसे
उन्नाव केअसोहा क्षेत्र के गांव कांथा निवासी कुलदीप व साहिल मंगतखेड़ा-कांथा मार्ग पर गांव के बाहर शुक्रवार सुबह लगभग नौ बजे किसी कार्य से गए थे। तभी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दोनों झुलस गए। स्वजन दोनों को लेकर सीएचसी नवाबगंज गए। वहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
भाजपा दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भडक़ाना चाहती है: राहुल
बोले नेता प्रतिपक्ष- देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश हो रही
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर एकबार फिर तीखा प्रहार किया है। रायबरेली के सांसद ने उत्तम नगर हिंसा मामले में भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव भडक़ाने का आरोप लगाते हुए इसे देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश बताया है।
इस घटना में तरुण नामक युवक की मौत के बाद, तनाव के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट में ईद से पहले पुलिस सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर सांप्रदायिक हिंसा भडक़ाने का आरोप लगाया और दिल्लीवासियों से उकसावे का जवाब न देने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है – एक तरफ एक जवान लडक़े, तरुण, की जान चली गई, दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीडऩ का सामना कर रहा है। उन्हें और खून-खराबा नहीं चाहिए। खून-खराबा केवल बीजेपी और उसका इकोसिस्टम चाहता है, जो नफऱत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने के हर मौके का फायदा उठाता है।
रेवंत रेड्डी बने रेवंतुद्दीन : शहजाद पूनावाला
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ईद के मौके पर मुस्लिम परिवारों को उपहार बांटकर हिंदुओं के साथ भेदभाव कर रही है, जबकि हिंदुओं को उनके त्योहारों के दौरान इसी तरह के लाभ नहीं दे रही है। इस मुद्दे पर बोलते हुए पूनावाला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को ईद के तोहफे बांटने के लिए सरकारी खजाने खोलने पर रेवंतुद्दीन का नाम दिया। उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल रेवंत रेड्डी की बातें ‘रेवंतुद्दीन’ जैसी लग रही हैं। पूनावाला ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा है कि कांग्रेस का मतलब मुसलमान हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप सरकारी खजाने खोलकर लाखों मुस्लिम परिवारों को ईद का तोहफा दें, लेकिन हिंदू परिवारों के लिए ऐसा कुछ न करें। हिंदू त्योहारों के एक साथ पडऩे का जिक्र करते हुए पूनावाला ने कहा कि आज हिंदू नव वर्ष, उगादी, नवरोज, गुड़ी पड़वा है। कई हिंदू त्योहार हैं। हिंदुओं के लिए क्यों नहीं? आप लगातार भेदभाव कर रहे हैं।
बीजेपी चाहती है देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि वो चाहते हैं कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे, ताकि लोग यह न पूछ सकें कि आखिर प्रधानमंत्री देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता को अमेरिका के हवाले करने पर क्यों मजबूर हैं – इसीलिए, दिन-दहाड़े देश की राजधानी में फिर से दंगों जैसे हालात खड़े किए जा रहे हैं। दिल्लीवासियों से अनुरोध है किसी बहकावे में न आएं – देश की शक्ति हमारी एकता, भाईचारे और मोहब्बत में है। जोड़ो जोड़ो, भारत जोड़ो।
दिल्ली उच्च न्यायालय में होगी सुनवाई
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने हालिया सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंसा की आशंकाओं के मद्देनजऱ ईद से पहले उत्तम नगर में पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई निर्धारित की है। एक याचिका जनहित याचिका है, जबकि दूसरी याचिका में दिल्ली पुलिस को कथित तौर पर एक अभ्यावेदन दिए जाने के बाद निवारक उपायों की मांग की गई है, हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दोनों याचिकाओं में हिंसा की कथित धमकियों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
राहुल गांधी की नागरिकता पर पेश हुए केंद्र के अधिकारी
कहा- खुले में सुनवाई करना उचित नहीं
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में राहुल गांधी के नागरिकता विवाद मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पाण्डेय ने न्यायालय से अनुरोध किया कि यह सुनवाई खुले कोर्ट में न की जाए क्योंकि गृह मंत्रालय से आए दस्तावेज काफी गोपनीय प्रकृति के हैं। इस पर न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर, मामले की सुनवाई चैंबर में की।
सुनवायी के बाद पारित आदेश के अनुसार गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी विवेक मिश्रा व सहायक सेक्शन ऑफिसर प्रणव राय संबंधित रिकॉर्ड के साथ उपस्थित हुए। रिकॉर्ड का न्यायालय ने अवलोकन करने के बाद उसे अंडर सेक्रेटरी को वापस कर दिया। हाईकोर्ट ने याची एस विग्नेश शिशिर को केंद्र सरकार को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवायी 6 अप्रैल को होगी। गौरतलब है है कि कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने यह याचिका दाखिल की है।
याची ने लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। याची ने गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम, आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में गंभीर आरोप लगाये हैं।
कोर्ट ने लगाई एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को फटकार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि समय पर राहत मिलती तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन सिस्टम की लापरवाही और बचाव में देरी घातक साबित हुई।
कोर्ट ने मामले में सभी संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की भूमिका पर सवाल उठाए और जानना चाहा कि हादसे के समय मौके पर जिम्मेदार अधिकारी क्यों मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे जल्द जवाब दाखिल करें। साथ ही कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। जांच में सामने आया कि कई स्तरों पर गंभीर चूक हुई, जिसके कारण राहत और बचाव कार्य समय पर नहीं हो सके। कोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि घंटों तक मदद की गुहार लगाने के बावजूद युवराज को बचाया नहीं जा सका। कोर्ट ने यह भी देखा कि बचाव टीमों को ऐसी परिस्थितियों के लिए क्या ट्रेनिंग दी गई थी और मौके पर कौन अधिकारी मौजूद थे।
धामी कैबिनेट का हुआ विस्तार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
देहरादून। धामी मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्रियों की ताजपोशी की गई। राजपुर विधायक खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा ने आज धामी मंत्रिमंडल में मंत्रिपद की शपथ ली। प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं थी, जिन पर आज विराम लगा।
आज नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सबसे पहले राजपुर विधायक खजान दास को शपथ दिलाई। इसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ ली। फिर विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा ने भी मंत्रिपद की शपथ ली।
एयरलाइंस को खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह
डीजीसीए ने जारी की एडवाइजरी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश की सभी एयरलाइंस को खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्रों से बचने और सुरक्षा जोखिम आकलन के बाद आकस्मिक योजनाएं तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
यह कदम यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इससे पहले, डीजीसीए ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर एअर इंडिया को फ्लाइट ड्यूटी मानकों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया था। ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण एअर इंडिया को लंबे वैकल्पिक उड़ान मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने हालात सामान्य होने तक एअर इंडिया को यह अस्थायी राहत दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को बताया कि सरकार पश्चिम एशिया क्षेत्र की यात्रा को सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयास और संवाद कर रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, यूरोप और अमेरिका जाने के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई मार्ग है और इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। नायडू ने कहा, हम शुरुआत से ही एयरलाइंस के साथ संपर्क में हैं क्योंकि हमारी प्राथमिकता है कि उनकी सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।
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