अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में अभी नहीं होगी CBI जांच, फडणवीस में बताई बड़ी वजह
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कई लोगों ने सवाल उठाया है कि सीबीआई जांच अभी तक इसमें शामिल क्यों नहीं है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र में आज भी एक विपक्ष पर जमकर चर्चा हो रही है। हम बात कर रहे हैं अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत की जांच के बारे में।
इसे लेकर विपक्ष मांग कर रहा कि CBI जांच हो लेकिन अब इसे लेकर सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में मॉनसून सत्र के आखिरी दिन पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत की जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान सीएम फडणवीस ने मामले की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से जांच कराने के सवाल का भी जवाब दिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अभी जांच दो स्तरों पर की जा रही है। क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो इस काम में लगी हैं।
वहीं विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कई लोगों ने सवाल उठाया है कि सीबीआई जांच अभी तक इसमें शामिल क्यों नहीं है। सीबीआई को आधिकारिक तौर पर अपनी जांच शुरू करने से पहले AAIB की अंतिम रिपोर्ट की जरूरत है।
पायलट सुमित कपूर को लेकर शुरुआती संदेहों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईडी ने उनके सभी वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की है। उन्होंने कहा कि पायलट से जुड़े हर बैंक खाते की जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि विमान के ब्लैक बॉक्स से सभी जरूरी दस्तावेज और डेटा पूरी तरह से बरामद कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शुरुआती रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है। आम तौर पर विमान दुर्घटनाओं की मानक जांच में तीन से चार साल लगते हैं, लेकिन राज्य ने प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार से विशेष अनुरोध के बाद अंतिम रिपोर्ट जनवरी से पहले आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें केवल तकनीकी जांच तक सीमित रहने के बजाय हर संभावित पहलू की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
विपक्ष का मुख्य तर्क है कि अजित पवार राज्य के बड़े राजनीतिक नेताओं में से एक थे और उनकी विमान दुर्घटना में मौत के बाद कई सवाल उठे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब किसी बड़े सार्वजनिक व्यक्ति से जुड़ी दुर्घटना होती है तो जनता के मन में उठने वाली शंकाओं को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
उनके अनुसार केवल AAIB की रिपोर्ट का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच के सभी संभावित पहलुओं को समानांतर रूप से देखा जाना चाहिए। विपक्ष चाहता है कि जांच प्रक्रिया ऐसी हो जिस पर आम जनता और राजनीतिक दलों को पूरा विश्वास हो।
विपक्षी दलों का कहना है कि विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ किसी भी मानवीय गलती, लापरवाही, सुरक्षा में चूक या अन्य संभावनाओं की जांच भी जरूरी है। उनका तर्क है कि AAIB मुख्य रूप से दुर्घटना के तकनीकी कारणों का पता लगाने वाली संस्था है, जबकि किसी आपराधिक साजिश या जानबूझकर की गई लापरवाही की जांच के लिए अलग जांच एजेंसी की आवश्यकता हो सकती है। इसी आधार पर विपक्ष CBI जांच की मांग कर रहा है।
विपक्ष ने मुख्यमंत्री फडणवीस के उस बयान पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें उन्होंने कहा कि AAIB की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
विपक्ष का कहना है कि यदि किसी मामले में शुरुआती स्तर पर गंभीर सवाल मौजूद हैं तो जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार CBI जांच और AAIB जांच एक साथ चल सकती हैं और दोनों का उद्देश्य अलग-अलग होता है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जल्दी जांच शुरू होने से महत्वपूर्ण सबूतों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
विपक्ष की ओर से यह भी कहा गया है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक की जांच में क्या-क्या तथ्य सामने आए हैं।
विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अगर दुर्घटना पूरी तरह तकनीकी कारणों से हुई है तो सरकार को पारदर्शिता के साथ अंतरिम जानकारी साझा करने में क्या परेशानी है। उनका कहना है कि जनता को भरोसा दिलाने के लिए सरकार को जांच प्रक्रिया और उसकी प्रगति के बारे में नियमित जानकारी देनी चाहिए। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि सरकार CBI जांच से बचने की कोशिश कर रही है।
उनका कहना है कि यदि सरकार को जांच की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है तो फिर स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए। विपक्ष के अनुसार CBI जांच से किसी भी तरह की राजनीतिक आशंका समाप्त हो सकती है और सच्चाई सामने आने में मदद मिलेगी।
हालांकि, सरकार का पक्ष इससे अलग है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि बिना AAIB की रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सरकार का कहना है कि विमान दुर्घटनाओं की जांच एक वैज्ञानिक और तकनीकी प्रक्रिया होती है, जिसमें समय लगता है। पहले यह पता लगाना जरूरी है कि दुर्घटना किस वजह से हुई। सरकार का तर्क है कि यदि AAIB की रिपोर्ट में किसी तरह की आपराधिक लापरवाही या अन्य गंभीर तथ्य सामने आते हैं तो उसके बाद CBI या किसी अन्य एजेंसी की जांच की जरूरत पर निर्णय लिया जा सकता है।
विपक्ष इस तर्क से पूरी तरह सहमत नहीं है। उसका कहना है कि तकनीकी जांच और आपराधिक जांच अलग-अलग उद्देश्य पूरे करती हैं। विपक्ष के अनुसार AAIB यह बता सकती है कि विमान कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जांच करनी है तो उसके लिए अलग जांच जरूरी हो सकती है।
विपक्ष ने यह भी मुद्दा उठाया है कि अजित पवार जैसे वरिष्ठ राजनीतिक नेता से जुड़े मामले में जांच का स्तर सामान्य मामलों से अलग होना चाहिए। उनका कहना है कि इस मामले में लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और सरकार को ऐसा कदम उठाना चाहिए जिससे किसी भी तरह का संदेह समाप्त हो सके। विपक्ष का मानना है कि स्वतंत्र जांच से सरकार और जांच एजेंसियों दोनों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा झटका थी। अजित पवार NCP के प्रमुख चेहरे थे, जिन्होंने 2023-24 में शिंदे-फडणवीस सरकार में अहम भूमिका निभाई थी। अब फडणवीस सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अजित पवार की मौत के बाद NCP और महायुति में पावर वैक्यूम पैदा हुआ।
सुनेत्रा पवार सक्रिय हैं, लेकिन पार्टी में फूट की आशंका। क्या सरकार जानबूझकर जांच लंबी खींच रही है ताकि राजनीतिक समीकरण सुलझ जाएं? अजित पवार महाराष्ट्र में बड़े नेता थे – बारामती उनका गढ़। उनकी मौत से चुनावी गणित बदल सकता है। फडणवीस सरकार पर आरोप है कि वे इस ट्रेजेडी को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि सच्चाई पर पर्दा डाल रहे हैं।
सवाल यह भी है कि क्या VIPs के लिए प्राइवेट जेट्स की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर्याप्त थे? Baramati एयरपोर्ट छोटा है, खराब मौसम में लैंडिंग रिस्की। क्या DGCA / AAIB ने पहले चेतावनी दी थी? फडणवीस सरकार विमानन इंफ्रा पर कितना फोकस कर रही है?
महाराष्ट्र में कई छोटे एयरपोर्ट हैं, लेकिन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर सवाल। सदन में बयान देने के अलावा सरकार ने कितनी जानकारी पब्लिक की? ब्लैक बॉक्स डेटा क्या कहता है – पायलट एरर, मैकेनिकल फेलियर, या एक्सटर्नल फैक्टर ? विपक्ष मांग कर रहा है कि इंटरिम रिपोर्ट पब्लिक की जाए। फडणवीस कहते हैं “ट्रुथ आएगा”, लेकिन प्रक्रिया धीमी क्यों?
CBI को AAIB रिपोर्ट के बाद बुलाने का फैसला कानूनी तौर पर सही लग सकता है, लेकिन राजनीतिक रूप से संदेहास्पद। भारत में कई हाई-प्रोफाइल केसेज में जांच लंबी खिंची और नतीजे विवादित रहे। क्या फडणवीस सरकार CBI को “कंट्रोल” में रखना चाहती है? केंद्र में BJP सरकार है, राज्य में महायुति फिर भी देरी। विपक्ष कह रहा है कि अगर साजिश है तो तुरंत CBI क्यों नहीं?
सुनेत्रा पवार और परिवार न्याय मांग रहे हैं। NCP में अजित गुट अब कमजोर? क्या फडणवीस इस वैक्यूम को भरने की कोशिश कर रहे हैं? बारामती और पश्चिम महाराष्ट्र में राजनीतिक असर बड़ा होगा। क्या जांच रिपोर्ट आने तक चुनाव टाले जा रहे हैं या प्रभावित किए जा रहे हैं? खैर दरअसल विपक्ष खासकर एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार इस घटना की कई विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच कराने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने मामले में अनियमितताओं और विसंगतियों का आरोप लगाया है।



