तनाव को मिनटों में दूर भगाएंगे ये योगासन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन चुका है। काम का दबाव, डिजिटल लाइफ और नींद की कमी हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है। योग न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी शांति देता है। योग दिमाग में पॉजिटिव हार्मोन बढ़ाता है। नींद को बेहतर बनाता है और एंग्जायटी और डिप्रेशन को कम करता है। योगाभ्यास से फोकस और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। अगर आसनों का अधिक लाभ चाहिए तो शांत जगह में सुबह के समय खाली पेट योगासन करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
भुजंगासन
अगर आप भुजंगासन का नियमित अभ्यास करते हैं तो यह आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है और मूड बेहतर करता है। यह बैकबेंड आसन रीढ़ की हड्डी के तंत्रिका तंत्र को आराम देता है, जिससे मानसिक थकान तुरंत कम होती है। इस आसन के अभ्यास से शरीर में फील-गुड हार्मोन यानी एंडोर्फिन का स्तर बढ़ता है, जो मूड को बेहतर बनाता है। यह मस्तिष्क को उत्तेजित कर चिंता और हल्के अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन का नाम दो शब्दों के मेल से बना है-पश्चिम और उत्तान। पश्चिम यानी पश्चिम दिशा या शरीर का पिछला हिस्सा, और उत्तान मतलब खिचा हुआ। इस आसन के अभ्यास के लिए पैरों को सीधा रखकर आगे झुकें और पैर पकड़ें। पश्चिमोत्तानासन के अभ्यास से नर्वस सिस्टम शांत हो सकता है। ये रीढ़ की हड्डी, कंधों और हॅम्स्ट्रिंग में खिचाव लाता है। जिगर, गुर्दे, अंडाशय, और गर्भाशय की कार्यक्षमता में सुधार लाता है। पाचन अंगों की कार्यक्षमता में सुधार करता है।
बालासन
यह आसन शरीर और मन दोनों को आराम देता है। इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे झुकाएं और माथा जमीन पर रखें। इस आसन का अभ्यास दिमाग को तुरंत शांत करता है और और थकान दूर करता है। यह आसन आपके पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है। आगे झुककर माथा जमीन पर टिकाने से दिमाग को सुरक्षा का अहसास होता है, जिससे चिंता और मानसिक थकान तुरंत कम होती है।
सुखासन
इस आसन के नियमित अभ्यास से ध्यान लगाने में मदद मिलती है और सुखासन मानसिक शांति देता है। जो लोग छोटी-छोटी बातों पर घबरा जाते हैं, उनके लिए गहरी सांसों के साथ सुखासन करना एक वरदान है? मन शांत होने से हृदय गति सामान्य होती है और बढ़ा हुआ रक्तचाप कम होता है? यह दिमाग की थकान मिटाकर मानसिक स्पष्टता और फोकस को बेहतर बनाता है।
अनुलोम-विलोम
यह प्राणायाम सांसों को नियंत्रित करता है। इसके अभ्यास के लिए एक नाक से सांस लें और दूसरी से छोड़ें। यह आसन दिमाग को शांत और फोकस्ड बनाता है। नाक के बाएं छिद्र और दाएं छिद्र से सांस लेने से दिमाग के दोनों हिस्से संतुलित होते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम
इस प्राणायाम के अभ्यास के दौरान मधुमक्खी की आवाज के साथ सांस छोड़ी जाती है। भ्रामरी प्राणायाम करने से तुरंत तनाव और गुस्सा कम हो सकता है। यह मन के विचारों को थामकर आंतरिक शांति और धैर्य को बढ़ावा देता है। रात को सोने से पहले इसे करने से दिमाग शांत होता है और अनिद्रा की समस्या दूर होती है। तनाव के कारण बढऩे वाले हाई ब्लड प्रेशर और दिल की धडक़न को यह सामान्य बनाए रखता है। यह प्राणायाम शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कॉर्टिसोल के स्तर को कम करता है। इसके अभ्यास से शरीर का रेस्ट एंड डाइजेस्ट मोड एक्टिव होता है, जिससे तुरंत मानसिक सुकून मिलता है। यदि तनाव के कारण आपको बार-बार गुस्सा या बेचैनी होती है, तो यह उसे पूरी तरह शांत करता है।



